उत्तर प्रदेश के दो भ्रष्‍ट मंत्रियों की छुट्टी

E-mail Print PDF

: ये हैं अनंत कुमार सिंह अंतू और बाबू सिंह कुशवाहा : भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश में माहौल बनता जा रहा है. दिल्ली में अन्ना हजारे अनशन पर बैठे तो शरद पवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बने मंत्रियों के समूह से इस्तीफा देना पड़ा. आज खबर यूपी से है. हालांकि यूपी में जो हुआ है उसका सीधा संबंध अन्ना हजारे के अनशन से नहीं है लेकिन कहीं न कहीं ये माना जा रहा है कि जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ पैदा हुए आक्रोश को देखते हुए कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री अब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने लगे हैं.

मायावती सरकार के दो मंत्रियों को हटा दिया गया है. दोनों के पास स्‍वास्‍थ्‍य से जुडे विभाग थे. राज्‍यपाल ने इनका इस्तीफा स्‍वीकार कर लिया है. ये कार्रवाई मायावती के दक्षिण भारत के दौरे की पूर्व संध्‍या पर हुई. इन विभागों के प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्‍ल भी हटाये गये. लखनऊ के सीएमओ एके शुक्‍ल पर भी गिरी है गाज. माया सरकार के सौ भ्रष्‍टाचार के आरोपों पर आज ही पुलिंदा जारी किया था भाजपा ने.

लखनऊ के सीएमओ परिवार कल्‍याण डॉक्‍टर बीपी सिंह की हत्‍या और भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अपने मंत्रिमंडल से दो मंत्रियों का इस्‍तीफा ले लिया है. चिकित्‍सा और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री अनंत कुमार सिंह अंतू और परिवार कल्‍याण विभाग के मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का इस्‍तीफा आज ही मुख्‍यमंत्री ने राज्‍यपाल को भेजा जहां उसे स्‍वीकार कर लिया गया. इसके साथ ही माया सरकार ने प्रदेश में इन विभागों का जिम्‍मा सम्‍भाले प्रमुख सचिव प्रद्रीप शुक्‍ल को भी उनके पद से हटा दिया है. लखनऊ के सीएमओ एके शुक्‍ल भी पद से हटा दिये गये हैं.

लखनऊ के सीएमओ परिवार कल्‍याण डॉक्‍टर बीपी सिंह की हत्‍या के बाद उमडे़ आक्रोश से निपटने के लिए मायावती ने आज अपने दो मंत्रियों से इस्‍तीफा ले लिया. इन मंत्रियों में एक तो मायावती के बेहद करीबी बाबू सिंह कुशवाहा हैं जबकि दूसरे अनंत कुमार सिंह अंतू को प्रदेश विकास परिषद के अध्‍यक्ष सतीश चंद्र मिश्र के करीबी हैं. इन दोनों ही मंत्रियों का नाम इस मंत्रिपरिषद के बनने के बाद से ही लगातार भ्रष्‍टाचार और विवादों से घिरा रहा है. मायावती के दक्षिण भारत के दौरे पर रवाना होने के ठीक पहले लिए गये इस फैसले को प्रदेश के डॉक्‍टरों के सामूहिक इस्‍तीफे देने की धमकी के तहत लिया गया समझा जा रहा है. सरकार के इस फैसले के बावजूद प्रदेश के चिकित्‍साधिकारीगण अपने साथी डॉक्‍टर बीपी सिहं की हत्‍या के खुलासे की कार्रवाई से संतुष्‍ट नहीं दिखायी पड रहे हैं. उनका मानना है कि इस मामले में पूर्वांचल के बाहुबली सांसद और विधायकों की संलिप्‍तता के मामले को दबाया जा रहा है.


AddThis