बोकारो स्‍टील सिटी से पांच पत्रकारों को निकाला गया

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बोकारो स्‍टील प्‍लांट ने स्‍टील सिटी में पांच पत्रकारों को आबंटित क्‍वार्टर खाली करा लिया है. इन पत्रकारों पर अवैध तरीके से बोकारो स्‍टील सिटी में क्‍वार्टर हथियाने, किराया न चुकाने तथा क्‍वार्टर किराए पर देने का आरोप था. प्रबंधन के आदेश पर प्‍लांट के सुरक्षाकर्मियों ने इनलोगों से क्‍वार्टर खाली करा लिया.

बोकारो स्‍टील प्‍लांट शायद भारत का एकमात्र पब्लिक सेक्‍टर यूनिट है, जिसने लगभग एक दर्जन पत्रकारों को सस्‍ते किराए पर क्‍वार्टर दिया है. लेकिन इसके बावजूद कुछ पत्रकारों ने उसका किराया नहीं चुकाया तो कुछ ने किराया पर दे दिया. जब पानी सिर से ऊपर हो गया तब बोकारो स्‍टील प्रबंधन ने पहले इन लोगों को नोटिस दिया. फिर अखबारों में विज्ञापन दिलवाया.

इसके बाद भी जब पत्रकार जब कोई ध्‍यान नहीं दिया. बकाया चुकता नहीं किया तो आठ अप्रैल को प्रबंधन ने पांचों पत्रकारों का क्‍वार्टर खाली करवा लिया. जिन पत्रकारों से प्रबंधन ने मकान खाली करवाया उनके नाम हैं विकास चंद्र महाराज, राम प्रवेश, अभय मिश्रा गौतम, अशोक अश्‍क और कुमार दिनेश सिंह. ये काफी समय से स्‍टील‍ सिटी में रह रहे थे.

विकास चन्‍द्र महाराज सीनियर पत्रकार हैं. पहले हिंदुस्‍तान से जुड़े थे, फिलहाल झारखंड न्‍यूज लाइन के लिए काम कर रहे हैं. इन्‍हें स्‍टील सिटी के सेक्‍टर बारह में क्‍वार्टर दिया गया था लेकिन ये वर्षों से किराया नहीं दे रहे थे. राम प्रवेश दैनिक हिंदुस्‍तान में स्ट्रिंगर हैं. इन्‍हें एलोरा हॉस्‍टल में दो कमरे दिए गए थे. बाद में इन्‍हें सेक्‍टर तीन में क्‍वार्टर मिल गया परन्‍तु इन्‍होंने एलोरा हॉस्‍टर के कमरों को खाली करने के बजाए किराए पर दे दिया था.

अभय मिश्रा गौतम दैनिक जागरण के कार्यालय प्रभारी हैं. इन्‍हें भी पहले एलोरा हास्‍टल में दो कमरे दिए गए थे. बाद में इन्‍हें भी स्‍टील सिटी के सेक्‍टर तीन में क्‍वार्टर एलाट हो गया. इसके बावजूद एलोरा हास्‍टल के कमरों को इन्‍होंने किराए पर दे दिया था. अशोक अश्‍क साधना चैनल से जुड़े हुए हैं. इन्‍हें सेक्‍टर 12 में क्‍वार्टर दिया गया था. ये वर्षों से अपने क्‍वार्टर को किराए पर दे रखा तथा इसका किराया प्रबंधन को नहीं दे रहे थे. कुमार दिनेश सिंह लोकल चैनल बोकारो टीवी चलाते हैं. इन्‍हें भी सेक्‍टर बारह में क्‍वार्टर एलाट था. इन्‍होंने भी किराया नहीं दिया था तथा वहां प्राइवेट बिजनेस चला रहे थे.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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