इन महानुभावों ने सुब्रत राय सहारा को ही चूना लगाने की हिम्मत दिखा दी!

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ठगी और चोरी के सैकड़ों-हजारों किस्से जिस सुब्रत राय सहारा के नाम से जुड़े हों और जिसने कई तरह के दंद-फंद के जरिए सहारा समूह नामक विशाल साम्राज्य खड़ा कर दिया हो और जो अपने विरोधियों को परास्त करने के लिए किसी भी लेवल पर जाने के लिए कुख्यात हो, उस सुब्रत राय सहारा को कोई चूना लगाने की सोच ले तो उसे वाकई हिम्मती कहा जाएगा.

अब यह नहीं पता चल पा रहा है कि चूना लगाने वालों को यह अंदाजा था या नहीं कि वे उस व्यक्ति को चूना लगाने जा रहे हैं जिसे इस समय के कुछ बड़े खिलाड़ियों में से माना जाता है. दैनिक भास्कर के राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित अभिषेक रावत की इस बाइलाइन खबर को पढ़िए...

सहारा प्रमुख राय के दस्तावेज से वीजा लेने की कोशिश

अभिषेक रावत

नई दिल्ली. देश के प्रमुख औद्योगिक घराने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय सहारा ने शायद ही कभी सोचा होगा कि कोई ट्रक चालक व लुटेरा उनके निजी बैंक खाते व इनकम टैक्स रिटर्न को आधार बनाकर ब्रिटेन का वीजा पाने के लिए आवेदन कर सकता है। लेकिन, हकीकत में ऐसा ही हुआ है। इस बात की जानकारी मिलने पर सहारा समूह के अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। तुरंत ही मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

नई दिल्ली जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 29 मार्च को सहारा इंडिया परिवार के सुरक्षा प्रभारी कुलदीप शर्मा ने सूचना दी कि उन्हें ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से एक ई-मेल मिला है। इसमें बताया गया है कि दो युवकों पलविंद्र सिंह व गुरताज ने यूके के वीजा के लिए खुद को सहारा इंडिया परिवार का कर्मचारी बताया है। इसके साथ ही सहारा इंडिया परिवार के दो पहचान पत्रों के अलावा सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा के आईसीआईसीआई बैंक, लखनऊ शाखा के निजी खाते की स्टेटमेंट व इनकम टैक्स रिटर्न भी संलग्न किया गया है।

इसके अलावा, एक लेटर भी है, जिसमें बताया गया है कि दोनों युवकों को सुब्रत राय सहारा के साथ यूके जाना है। इस ई-मेल के बाद सहारा प्रबंधन ने जांच की तो मालूम हुआ कि वीजा का आवेदन करने वाले उनके कर्मचारी ही नहीं हैं और उनके पहचान पत्र भी फर्जी हैं। लेकिन, सुब्रत राय सहारा के बैंक स्टेटमेंट व रिटर्न की डिटेल जरूर असली हैं। शिकायत के आधार पर चाणक्यपुरी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई तथा जांच स्पेशल स्टाफ के सुपुर्द की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कुरुक्षेत्र निवासी पलविंदर को गिरफ्तार किया।

उसने बताया कि वह पेशे से ट्रक चालक है। वह कुरुक्षेत्र निवासी महेंद्र नामक युवक से मिला था, जिसने उसे ब्रिटेन का वीजा दिलाने की बात कही थी। उसे बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास अमित नामक युवक से मिलने के लिए भेजा गया, जहां एक अन्य युवक गुरताज भी आया था। इसके बाद अमित ने दोनों के पासपोर्ट ले लिए और उन्हें कुछ दिन बाद मिलने के लिए बुलाया। कुछ दिन बाद जब दोनों अमित से मिले तो उसने दोनों के नाम के सहारा इंडिया परिवार के पहचान पत्र, सुब्रत राय सहारा की बैंक स्टेटमेंट व इनकम टैक्स रिटर्न आदि के दस्तावेज थमाए तथा दोनों को ब्रिटिश उच्चायोग में वीजा आवेदन के लिए भेज दिया।

इसकी निशानदेही पर पुलिस ने अमित को गिरफ्तार किया, जिसने खुलासा किया कि वह अशोक मेहता नामक एक ट्रैवल एजेंट के लिए फील्ड ब्वॉय का काम करता था। अशोक मेहता सहारा इंडिया परिवार के प्रमुख व उनके कर्मचारियों के लिए वीजा आवेदन जैसे काम करता है। जबकि, अमित को वीजा कलेक्ट करने के लिए भेजा जाता था। कुछ माह पूर्व सहारा के 30-32 उच्चधिकारी इंग्लैंड गए थे। उस समय अमित ने सुब्रत राय सहारा व अन्य अधिकारियों के दस्तावेजों की फोटो कॉपी अपने पास रख ली थी। इसके बाद ही उसने फर्जी वीजा दिलाने का काम शुरू कर दिया।

पुलिस ने अमित की निशानदेही पर एक साइबर कैफे मालिक को भी गिरफ्तार किया है, जिसने पलविंदर व गुरताज के फर्जी पहचान पत्र तैयार करने के अलावा सुब्रत राय सहारा की असली बैंक स्टेटमेंट व इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी को स्कैन कर प्रिंट तैयार किया था। पुलिस ने बताया कि गुरताज फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। वह ऊधम सिंह नगर (उत्तरांचल) का रहने वाला है और उसके खिलाफ उत्तरांचल में लूट का मामला भी दर्ज है। पुलिस यह पता लगा रही है कि सहारा प्रमुख की असली बैंक स्टेटमेंट व रिटर्न अमित तक कैसे पहुंची। साभार : दैनिक भास्कर


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