सच साबित हुई वीकएंड टाइम्‍स की रिपोर्ट

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वीकएंड टाइम्स ने अपने दो अप्रैल से आठ अप्रैल के अंक में एक बार फिर से धमाका कर दिया है। जब सारे अखबार कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के एक दूसरे के खिलाफ बयान छाप रहे थे, तब वीकएंड टाइम्स ने अपने पहले पृष्‍ठ पर ही छापा था कि दोनों पार्टियों के बीच तालमेल की संभावना बन रही है और दोनों एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं। अखबार के बाजार में आने के बाद कई लोगों ने इस पर अपनी टिप्पणी करते हुए इसे हवा-हवाई खबर बताया था।

मगर आज पिपराइच विधानसभा के उपचुनाव में सपा प्रत्याशी राजमती निषाद के समर्थन में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी न उतारने का फैसला करते हुए सपा उम्मीदवार को समर्थन देने के साथ ही वीकएंड टाइम्स की खबर अपनी मोहर लगा दी। संभवत: वीकएंड टाइम्स ऐसा पहला अखबार था, जिसने इस संभावित गठबंधन की सबसे पहले खबर छापी थी। विस्तृत खबर www.weekandtimes.com पर देख सकते हैं।

वीकएंड टाइम्स का यह पहला धमाका नहीं था। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही जब सभी अखबार उत्तर प्रदेश में गठबंधन सरकार बनने की भविष्यवाणी कर रहे थे तब वीकएंड टाइम्स ने स्पष्ट रूप से छापा था कि उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्णबहुमत की सरकार बनने जा रही है। पिछले सात वर्षों के दौरान वीकएंड टाइम्स ने कई ऐसी सनसनीखेज खबरें छापी हैं, जिसे किसी भी राष्‍ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों ने नहीं छापा या यूं कहें कि छापने की हिम्मत नहीं जुटाई। जिस अनाज घोटाले को लेकर पिछले दो दिनों से यूपी सरकार अपनी सफाई दे रही है, उसे वीकएंड टाइम्स ने ही सबसे पहले अपने पहले पृष्ठ पर ही- देश का सबसे बड़ा घोटाला- शीर्षक से चार वर्ष पहले ही छाप दिया था।

वीकएंड टाइम्स की खबरों और तेवर तथा खबरों की गहराई तक उतरने का सबसे बड़ा उदाहरण देश के दस लाख के इनामी बदमाश मुन्ना बजरंगी की गिरफ्तारी से संबंधित खबर थी। वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा ने अपनी बेहद सनसनीखेज रिर्पोट में कहा था कि दस साल से फरार इस कुख्यात अपराधी का दिल्ली पुलिस से एक करोड़ में आत्मसमर्पण कराने का सौदा हो गया है, जबकि यूपी पुलिस उससे तीन करोड़ रूपये मांग रही थी। अखबार में छपने के पन्द्रह दिन के भीतर दिल्ली पुलिस ने दस साल से फरार इस अपराधी की गिरफ्तारी की घोषणा की। उत्तर प्रदेश के साप्ताहिक अखबारों में वीकएंड टाइम्स ने अपनी इसी विशिष्ट शैली के जरिए पहचान बना ली है और ऐसा कोई राजनीतिक दल अथवा चर्चित नौकरशाह नहीं है। जिस पर वीकएंड टाइम्स ने अपनी तीखी टिप्पणी न की हो। प्रेस रिलीज


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