हसन अली से रिश्ते के आरोप में नपे विजय शंकर पांडेय

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: पुणे के घोड़ा व्यापारी हसन अली से कथित संबंधों के कारण विजय शंकर पांडेय से प्रवर्तन निदेशालय करेगा पूछताछ : प्रमुख सचिव सूचना के पद से हटाकर विजय को अब राजस्व परिषद का सदस्य बनाया दिया गया : विजय शंकर पांडेय नप गए. कभी भ्रष्टाचारी आईएएस की शिनाख्त कराने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विजय शंकर पांडेय पर एक बड़े भ्रष्टाचारी से मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं.

यूपी के प्रमुख सचिव सूचना पद पर आसीन विजय शंकर पाण्डेय को यूपी शासन ने पद से हटा कर सदस्य राजस्व परिषद् बना दिया है. कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि टैक्स चोरी के आरोपी हसन अली का पासपोर्ट बनवाने के आरोप में पटना के जिस कांग्रेसी नेता अमलेंदु पाण्डेय से पूछताछ की गई, उसने अपनी पूछताछ में विजय शंकर पाण्डेय का नाम लिया. माना जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय कभी भी विजय शंकर पाण्डेय को नोटिस दे सकती है. इसलिए विजय शंकर पाण्डेय को सरकार ने इस प्रमुख पद से हटाने का फैसला कर लिया है.

इससे पहले आज दोपहर में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया था कि हसन अली के यूपी सरकार के अपर कैबिनेट सचिव स्तर के एक अधिकारी से सम्बन्ध हैं. शिवपाल के इस आरोप के बाद सनसनी फ़ैल गई थी और अंततः विजय शंकर पाण्डेय को इस आरोप के बाद हटा दिया गया.  पुणे के घोड़ा व्यापारी हसन अली खान के साथ कथित संबंधों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय पुडुचेरी के उप-राज्यपाल इकबाल सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के शीर्ष अधिकारी विजय शंकर पांडेय से पूछताछ करेगा. सूत्रों ने कहा कि इकबाल सिंह को समन भेज दिया गया है, वहीं उत्तर प्रदेश के प्रधान सचिव, सूचना वी़एस़ पांडेय को मुंबई में निदेशालय द्वारा बिहार के राजनेता अमलेंदु पांडेय से पूछताछ के बाद अगले सप्ताह समन जारी किया जाएगा. दोनों से खान द्वारा हासिल किये गये पासपोर्ट और विदेश में उसके कुछ निवेश के बारे में सवाल जवाब किये जाएंगे.


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