शांति भूषण की ईमानदारी की गारंटी नहीं देंगे अन्ना हजारे

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: स्वामी अग्निवेश ने शांति भूषण सीडी प्रकरण में अमर सिंह का हाथ होने का शक जताया : शांति भूषण को लेकर जो सीडी इस समय चर्चा में है, उसे अमर सिंह से जोड़ा जा रहा है. स्वामी अग्निवेश का कहना है कि शांति भूषण सीडी प्रकरण में अमर सिंह पर शक हो रहा है. स्वामी अग्निवेश का कहना है कि उन्हें उनके करीबी लोगों ने जो जानकारी दी उसके मुताबिक अमर सिंह अपनी खाल बचाने के लिए सीडी का इस्तेमाल कर सकते हैं. स्वामी अग्निवेश का कहना है कि शांति भूषण ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है, इसलिए उनके कई बड़े दुश्मन हो सकते हैं.

स्वामी अग्निवेश ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि इस मामले में अमर सिंह पर शक जाता है, हालांकि उन्होंने ये साफ कहा कि वो ऐसा आधिकारिक तौर पर नहीं कह रहे हैं. स्वामी अग्निवेश ने मांग की कि शांति भूषण सीडी प्रकरण की पूरी गहराई से जांच की जानी चाहिए, और इस सीडी कांड के पीछे जो लोग हैं, उनके नाम सामने आने चाहिए.

ज्ञात हो कि शांति भूषण और प्रशांत भूषण इन दिनों नकारात्मक कारणों से चर्चा में हैं. पहले अन्ना के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने व लीड करने के लिए इन दोनों को देशभर से वाहवाही मिली लेकिन जबसे इनके द्वारा इलाहाबाद में बीस करोड़ के मकान को एक लाख में हथियाने और एक सीडी में यूपी के कुछ नेताओं के केस लड़ने के लिए पैसे मांगने की खबरें चर्चा में आई तबसे ये भूषण पिता पुत्र डिफेंसिव हो गए हैं. लोकपाल बिल के लिए बनाई गई ड्राफ्टिंग कमेटी में शांति भूषण को-चेयरमैन हैं. शांति भूषण को लेकर जो सीडी इन दिनों मार्केट में है, उसमें शांति भूषण पर सवाल खड़े किए गए हैं.

अब इस सीडी पर ही सवाल खड़े किए जाने लगे हैं. बताया जा रहा है कि इस सीडी में वही बातें हैं जो 2006 में चर्चित अमर सिंह की सीडी में हैं. और अमर सिंह वाली सीडी को प्रसारित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है. सूत्रों का कहना है कि ये जो शांति भूषण वाली नई सीडी है, उसमें सुनाई पड़ रही कई बातें अमर सिंह वाली पुरानी सीडी से हू-ब-हू मिल रही हैं. इसीलिए माना जा रहा है कि अमर सिंह या उनके लोगों ने पुरानी सीडी के शांति भूषण वाले अंशों को कट पेस्ट करके मार्केट में प्रसारित करा दिया है ताकि अन्ना के आंदोलन को कमजोर किया जा सके.

हालांकि अन्ना सीडी विवाद के बावजूद भूषण पिता-पुत्र के साथ हैं. अन्ना हजारे ने शांति भूषण के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया और शांति भूषण की लोकपाल ड्राफ्टिंग समिति में होने को समर्थन दिया. हजारे ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि भूषण, मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह के बीच एक न्यायाधीश को प्रभाव में लेने के संबंध में हुई कथित बातचीत की ऑडियो क्लि‍पिंग के साथ छेड़छाड़ हुई है. एक शीर्ष फोरेंसिक प्रयोगशाला का कहना है कि सीडी में आवाज के साथ छेड़छाड़ हुई है, हालांकि मीडिया का कहना है कि सीडी सही है. हजारे के मुताबिक शांति भूषण मानहानि का मुकदमा करने पर विचार कर रहे हैं.

हजारे ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप लगते रहेंगे लेकिन हमें अपनी प्रतिबद्धता को लेकर स्पष्ट रहना होगा. जब हजारे से पूछा गया कि क्या वह शांति भूषण की ईमानदारी की गारंटी दे सकते हैं, तब अन्ना हजारे बोल पड़े- अरे, मैं किसी व्यक्ति‍ की कैसे गारंटी दे सकता हूं. मैं उनके बारे में इस समिति के जरिये ही जानता हूं. मैं सिर्फ खुद के बारे में गारंटी दे सकता हूं.


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