हंगामेदार रही कानपुर प्रेस क्‍लब की बैठक, एक जुलाई को चुनाव कराने का निर्णय

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: कल बुलाई गई आम सभा की बैठक : पिछले नौ-दस सालों ने स्‍थगित कानपुर प्रेस क्‍लब के चुनाव का मामला गरम हो गया है. दर्जनों पत्रकार पुरानी कमेटी पर चुनाव कराने का दबाव डालने लगे हैं. प्रेस क्‍लब कि वर्किंग कमेटी के भी कई सदस्‍य चुनाव नहीं कराए जाने का विरोध कर रहे हैं. रविवार को वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई जिसमें जमकर हो हल्‍ला मचा. कई सदस्‍यों ने चुनाव कराए जाने पर जोर डाला. जिसके बाद मंगलवार को आम सभा की मीटिंग कराने जाने का निर्णय लिया गया.

सोमवार को भी प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों ने वर्किंग कमेटी की मीटिंग बुलाई. जिसमें कई सदस्‍यों को सूचना ही नहीं दी गई. इसके बाद पहुंचे सदस्‍यों ने जमकर हो हल्‍ला मचाया. एक दूसरे पर आरोप प्रत्‍यारोप का दौर भी चला. गौरतलब है कि पिछले लगभग एक दशक से कानपुर प्रेस क्‍लब का चुनाव नहीं हुआ है. 2001 में हुए चुनाव में अनूप वाजपेयी अध्‍यक्ष तथा कृष्‍ण कुमार त्रिपाठी महामंत्री चुने गए थे.

इसके बाद इस कमेटी ने चुनाव ही नहीं कराया. बीच में इसे लेकर कई बार विरोध हुआ, परन्‍तु बाद में विरोध दब गया या चीजें मैनेज कर ली गईं. इस बार स्थिति बिल्‍कुल बदली हुई है. चुनाव कराने को लेकर एक धड़ा बिल्‍कुल डट गया है. पिछले कई साल से प्रेस क्‍लब में नए सदस्‍य भी नहीं बनाए गए. जिसको लेकर बाहर से तबादला होकर आए नए लोगों का समूह भी चपा हुआ है.

पुरानी कमेटी ने मंगलवार को आम सभा बुलाने का निर्णय लिया है. तीन बजे से आम सभा की मीटिंग होगी. इसी मीटिंग में पिछले दस सालों का हिसाब-किताब और चुनाव तैयारियों पर चर्चा की जानी हैं. कई पत्रकार चुनाव न होने की दशा में भूख हड़ताल और प्रदर्शन की रणनीति भी तैयार कर चुके हैं. खबर दिए जाने तक प्रेस क्‍लब में वर्किंग कमेटी की मीटिंग में प्रेस क्‍लब का चुनाव 1 जुलाई को कराने का फैसला लिया गया है.


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