अन्ना की चिट्ठी में सोनिया से सवाल, दिग्गी को फटकार

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सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर जज ने करप्शन पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी को पत्र लिखा तो राहुल ने ऐसा जवाब दिया कि इस जवाब में खुद राहुल फंस गए और उनकी फजीहत होने लगी. अब अन्ना हजारे ने राहुल की मां को लेटर लिख दिया है. इस चिट्ठी में अन्ना हजारे ने ऐसी बातें कहीं हैं जिसका जवाब सोनिया गांधी को देना होगा और यकीन मानिए, सोनिया बोलेंगी तो फंसेंगी. चोरों की सरकार की माता उर्फ संरक्षणदाता तो वही हैं. आइए, पढ़ते हैं, अन्ना ने आखिर लिखा क्या है...

सोनिया गांधी जी

नमस्कार

पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम चिंता का विषय है. ऐसा लगता है कि देश की भ्रष्ट ताकतें भ्रष्टाचार निरोधी प्रभावी कानून तैयार करने की प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए एकजुट हो गई हैं. मेरा आपसे आग्रह है कि हम एकसाथ मिलकर उन ताकतों को पराजित कर सकते हैं. उन ताकतों की एक रणनीति यह है कि समिति में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं की छवि खराब की जाए.

मैं इस सोच का हूं कि जनता के लिए काम करने वाले लोगों को सार्वजनिक जांच के दायरे में होना चाहिए, लेकिन जब खुलेआम झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, नकली सीडी तैयार की जा रही है, तो कोई भी यह महसूस कर सकता है कि यह ईमानदार सार्वजनिक जांच का मकसद नहीं है, बल्कि मकसद छवि खराब करने का है. आपकी कांग्रेस पार्टी का एक महासचिव हफ्ते भर से प्रेस में बयान दे रहा है. मुझे लगता है कि उसे इस तरह की टिप्पणियों के लिए पार्टी से समर्थन प्राप्त है. क्या आपने उनकी टिप्पणियों को निजीतौर पर मंजूरी दी है?

इनमें से अधिकांश बयान तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. इसे कोई भी समझ सकता है कि इसके पीछे उनका मकसद भ्रम पैदा करने, लोगों को गुमराह करने और संयुक्त समिति की जारी चर्चाओं को पटरी से उतारने का है. क्या आप निजीतौर पर उनके बयानों को मंजूर करती हैं? मैं आपसे आग्रह करूंगा कि अपने सहयोगी को सुझाव दें कि वह कानून तैयार करने की प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश न करें. देश भ्रष्टाचार निरोधी सख्त कानून के लिए अब और अधिक इंतजार करने को तैयार नहीं है. लोग बहुत चिढ़े हुए हैं. यदि इस प्रक्रिया को पटरी से उतारा गया तो उसका जो परिणाम होगा, उसे लेकर मैं भयभीत हूं.

आपका

अन्ना हजारे


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