अशोक अग्रवाल समेत पांच के खिलाफ राजुल माहेश्‍वरी ने दर्ज कराया मुकदमा

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अमर उजाला समूह में पिछले कई वर्षों से चल रहे विवाद का जिन्‍न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है. अमर उजाला समूह मे एमडी राजुल माहेश्‍वरी ने थाने में तहरीर देकर अशोक अग्रवाल पर उन्‍हें गुमराह करने का आरोप लगाया है. राजुल ने कहा है कि अशोक अग्रवाल ने एक साजिश के तहत डीई शा को कर्ज के एवज में कंपनी के शेयर दिलवाए और उससे मिले पैसे अपने भाई अजय अग्रवाल को दिलवा दिया. जिससे कंपनी की आर्थिक हालत खराब हो गई है.पुलिस ने अशोक अग्रवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

सूत्रों ने बताया कि माहेश्‍वरी परिवार और अग्रवाल परिवार का विवाद एक बार फिर से सतह पर आ गया है. इसका कारण बना है विदेशी कंपनी डीई शा. जिसने अमर उजाला समूह के एक भागीदार अजय अग्रवाल को उनके हिस्‍से की धनराशि देने के लिए 107 करोड़ रुपये उधार दिया था. बताया जा रहा है कि नोएडा के सेक्‍टर 58 थाने में दिए गए अपनी तहरीर में राजुल ने साफ आरोप लगाया है अशोक अग्रवाल ने पूरी साजिश रची. उन्‍हें गुमराह करके डीई शा से पैसे उधार दिलवाए. इस कर्ज का सूद चुकाते-चुकाते कंपनी की हालत खराब हो चुकी है.

चर्चा है कि कर्ज के दबाव से उजाला ग्रुप की हालत खराब हैं. सूत्रों ने बताया कि राजुल ने तहरीर में कहा है कि डीई शा का जो इंटरेस्‍ट रेट है वो अंतराष्‍ट्रीय ट्रेडिंग से ज्‍यादा तथा गैरकानूनी है. बताया जा रहा है कि विदेशी कंपनी डीई शा अपने कर्ज के बदले 25 प्रतिशत इंटरेस्‍ट वसूल रही है. जिसके चलते उजाला ग्रुप की आर्थिक हालत खराब हो गई है. कंपनी बिकने के कगार पर खड़ी हो गई है. डीई शा भी लगातार कंपनी बेचने या पैसे वापस करने का दबाव बना रही है.वो उजाला ग्रुप को नोटिस पर नोटिस भेज रही है. राजुल ने ये सारा साजिश अशोक अग्रवाल के द्वारा रचने का आरोप अपनी तहरीर में लगाया है.

पुलिस ने राजुल माहेश्‍वरी की तहरीर पर अशोक अग्रवाल, मनु आनंद, अमित सूद, रंधीर सिंह कोचर और अनिल चावला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इन सभी के खिलाफ मुकदमा नम्‍बर 458 में आईपीसी की धारा 406, 420 तथा 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है.

गौरतलब है कि स्वर्गीय अनिल अग्रवाल के पुत्र सौरभ आनंद, अशोक अग्रवाल और अजय अग्रवाल, तीनों लोगों का मिलाकर एक जमाने में अमर उजाला में कंट्रोलिंग शेयर हुआ करता था. पर अजय अग्रवाल और सौरभ आनंद को उनके हिस्से का पैसा देकर अमर उजाला से अलग कर दिए जाने के बाद अग्रवाल परिवार की तरफ से अशोक अग्रवाल लगभग 18 फीसदी के मालिक रह गए हैं. अजय अग्रवाल और सौरभ आनंद के पैसे चुकाने के लिए ही अतुल माहेश्‍वरी और अशोक अग्रवाल ने डीई शा से 107 करोड़ के आसपास रकम उधार ली थी.

इस पैसे के बदले डीई शा को अमर उजाला के करीब 26 फीसदी शेयर डीई शा के पास गिरवी रखने पड़े. लगभग 54 फीसदी शेयर माहेश्‍वरी परिवार के पास है. यानी माहेश्‍वरी परिवार के बाद डीई शा दूसरी बड़ी शेयर होल्‍डर हो गई है.  हालांकि इस समय कंट्रोलिंग पॉवर राजुल माहेश्‍वरी के पास है. इसके पहले भी माहेश्‍वरी और अग्रवाल परिवार के बीच विवाद हो चुका है. अजय अग्रवाल और सौरभ आनंद को कंपनी से हिस्‍सेदारी देके निपटाने के बाद अतुल माहेश्‍वरी अपने जीते जी अशोक अग्रवाल को भी कंपनी से बेदखल करने की पूरी तैयारी कर चुके थे. इसके लिए कंपनी लॉ बोर्ड का भी जमकर इस्‍तेमाल किया गया था.

अशोक अग्रवाल को किनारे करने के लिए कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) के कार्यवाहक अध्‍यक्ष आर वासुदेवन को सात लाख रुपये का रिश्‍वत भी दिया गया था. परन्‍तु ऐन मौके पर सीबीआई के छापे ने माहेश्‍वरी परिवार के उजाला ग्रुप पर पूरे आधिपत्‍य जमाने की कोशिशों का पलीता लगा दिया था.  इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अमर उजाला के पूर्व निदेशक स्‍व.  अतुल माहेश्वरी समेत सीएलबी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष आर. वासुदेवन, कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया, चार्टर्ड एकाउंटेंट हर्षवर्धन लोढा, सीएलबी में अमर उजाला के वकील अंकुर चावला और विकास शुक्ला को आरोपी बनाया था.

हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. सूत्रों का कहना है कि राजुल माहेश्‍वरी की तहरीर पर पुलिस अपने उच्‍चाधिकारियों का निर्देश ले रही है. पूरा मामला वरिष्‍ठ अधिकारियों की संज्ञान में आ गया है. बताया जा रहा है कि पुलिस तहरीर पर एफआईआर लिखने की तैयारी कर रही है. किन-किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.


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