एचयूजे में घमासान तेज, संजय राठी ने फेंका पासा

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हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स यानी एचयूजे के चुनाव को लेकर जोर आजमाइश जारी है। अपने विरोधियों को पटखनी देने के लिए अब यूनियन के वर्तमान प्रधान एवं यूनियन के राष्ट्रीय सचिव संजय राठी ने पासा फेंक दिया है। उन्होंने 7 मई को रेवाड़ी में यूनियन की विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही चुनाव के संबंध में भी चर्चा होगी।

एचयूजे के प्रदेशाध्यक्ष एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस के सचिव संजय राठी ने कहा कि यूनियन का चुनाव लम्बित है, इसलिए शीघ्र ही नई टीम का गठन किया जाना अपरिहार्य है। रिवाड़ी की प्रादेशिक बैठक में निर्वाचन अधिकारी अशोक मलिक को भी आमन्त्रित किया गया है। इनके अलावा नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस के राष्ट्रीय महासचिव रास बिहारी, नेशनल वेज बोर्ड के सदस्य डॉ. एनके त्रिखा तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य उप्पला लक्ष्मण को भी आमंत्रित किया गया है।

विरोधियों द्वारा हिसार में बैठक करने के बाद उन्हें मात देने के लिए संजय राठी रणनीति बनाने में जुट गए थे। राठी गुट की माने तो हिसार की बैठक में कार्यकारिणी के एक तिहाई सदस्य भी नहीं थे। ऐसे में उस बैठक का कोई औचित्य ही नहीं था। अब संजय राठी ने अपने विशेष सलाहकारों से विचार-विमर्श करने के बाद ही रेवाड़ी में बैठक बुलाई है। राठी इस बैठक को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ कर चल रहे हैं। उनका प्रयास है कि इस बैठक में प्रदेश भर के तमाम जिलों के पत्रकारों की भागीदारी हो ताकि विरोधियों को उनकी औकात का पता चल जाए।

अपने प्रयासों को अमलीजामा पहनाने के लिए राठी 7 मई से पहले प्रदेश भर का दौरा कर संगठन के सभी सदस्यों से मुलाकात करना चाहते हैं। राठी की कोशिश रहेगी कि अगर प्रधान बने तो विरोधियों का क्यों बने, यह उनके गुट से हो। इसलिए विरोधियों को धूल चटाने के लिए वे कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते। संजय राठी ने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के पदाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया है। संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी होने के नाते वे यूनियन नेताओं के नजदीक हैं और इसी का फायदा वे 7 मई की बैठक में उठाना चाहते हैं। कुल मिलाकर एचयूजे के चुनाव को लेकर स्थिति काफी रोचक हो गई है।

विरोधियों ने तय कर रखा है चुनाव कार्यक्रम : वर्तमान प्रधान संजय राठी के विरोधियों ने 24 अप्रैल को हिसार में बैठक की थी। इस बैठक में पूर्व प्रधान सोमनाथ शर्मा की अध्यक्षता में तदर्थ समिति का गठन किया गया था और 29 मई को हिसार में ही चुनाव कराने का कार्यक्रम तय कर दिया था। यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र धर्माणी को चुनाव अधिकारी बनाया गया है।

विरोधी गुट असमंजस में : उधर, संजय राठी द्वारा 7 मई को रेवाड़ी में बैठक बुलाने के बाद विरोधी गुट असमंजस में पड़ गया है। यह गुट अब इस प्रयास में है कि किसी तरह सात की बैठक न हो पाए और अगर हो भी तो उसमें पत्रकार साथियों की भागीदारी कम हो। इसी के तहत विरोधी अब फोन कर बैठक में न जाने के लिए कह रहे हैं और रेवाड़ी में आयोजकों से भी संपर्क कर रहे हैं।

कोषाध्यक्ष पड़े मुश्किल में : कोषाध्यक्ष लोकेश जैन ने प्रधान के विरोधियों के दबाव में अपने पद से इस्तीफा तो दे दिया है, लेकिन अब वे मुश्किल में पड़ गए हैं। यूनियन के लेखा-जोखा का अभी ऑडिट हुआ नहीं है और कोषाध्यक्ष ने हिसाब-किताब भी नहीं दिया है। ऐसे में उन्हें प्रधान की मदद की आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन अगर उन्होंने प्रधान से फिर नजदीकियां बढ़ाई तो विरोधी दबाव बनाएंगे। इसलिए लोकेश जैन की स्थिति न घर का न घाट का वाली हो गई है। यह भी डर सता रहा है कि अगर किसी ने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांग ली तो फिर कहां जाएंगे।

रोहतक से दीपक खोखर की रिपोर्ट.


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