पाकिस्तान के लिए अब यूजलेस था ओसामा बिन लादेन

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ओसामा का मारा जाना - और जिस तरीके से मारा गया है वह तो भारत के लिये सर्वाधिक चिंतनीय विषय है.. अमेरिका के राष्ट्रपति ओसामा को पाताल से ढूंढकर भी मारने की बात कह चुके थे, सो ओसामा को तो मारा जाना था ही. इस कड़ी में पाकिस्तान में छिपे ओसामा की तगड़ी घेरेबंदी कई वर्षों से की जा रही थी.

पाकिस्तान की आर्मी अमेरिका के लगातार हो रहे ड्रोन हमलों से परेशान थी. इतने सालों से ट्रेंड किए जा रहे और ट्रेंड हो चुके आतंकवादी जो भारत के विरुद्ध कार्यवाही किये बिना ही मारे जा रहे थे, उन्हें बचाना भी जरूरी था. तालिबानी, जो पाकिस्तानियों के "भाई" हैं, उनका भी अत्याधिक दबाव था. नतीजा, ओसामा जो कमजोर, वृद्ध और बीमार था, उसे अमेरिका को 10 साल तक छकाने के बाद और काफी धन वसूलने के बाद पेश कर दिया गया - पाकिस्तानी आर्मीं के मुख्यालय से मात्र 1 कि.मी. की दूरी पर..!

यदि ओसामा मारा गया है तो अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही अब समाप्त हो गयी है. क्योंकि अमेरिका के लिये सबसे बड़ा आतंकवादी ओसामा ही था. यानी अमेरिका का पाकिस्तान के ऊपर सभी प्रकार के "दबाव" अब कमजोर पड़ेंगे. पाकिस्तान में चल रहे ट्रेनिंग कैंप अब और खुले रूप से काम करेंगे और भारत की जनता जो "तरक्की" की राह पर है और जिससे पूरी दुनिया "खौफज़दा" है (पिछले सालों में सभी देश भारत के चक्कर लगा चुके हैं).

अब पाकिस्तान का उपयोग भारत के शत्रु - भारत के विरुद्ध आसानी से कर सकते हैं. अमेरिका के लिये आतंकवाद कितना बड़ी समस्या है, वह भी अब सामने आयेगी - क्योंकि उन्हीं की तो पैदाइश हैं ये तालिबानी आतंकवादी..!! भारत की सबसे भ्रष्टतम सरकार वर्तमान में भारत में अपनी करतूतों को छिपानें में लगी है और सरकार में साहस नहीं दिखता की अपनी समस्या (आतंकवादी कैम्प और आतंकवादियों) को खुद मिटा सके. आज भी भारत के गृहमंत्री बयान दे रहे हैं - विदेश मंत्री चुप हैं, ठीक वैसे ही जैसे घटना के करीब 12 घंटों से पाकिस्तान के नेता भी "चुप" हैं..! मुझे चिंता है की आने वाला समय हमारे लिये ज्यादा कठिन होने वाला है.. !

वंदेमातरम

सचिन खरे
नेशनल मेंबर
कम्युनिकेशन सेल
भारतीय जनता पार्टी


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