तमतमाई मायावती ने राहुल गांधी को गिरफ्तार कराया

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राहुल गांधी के धरने पर बैठ जाने से परेशान मायावती सरकार ने आखिरकार देर शाम फैसला ले ही लिया. राहुल बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है. राहुल को सीआरपीसी की धारा 151 के तहत पुलिस ने गिरफ्तार किया. यह जानकारी मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक रजनीकांत मिश्र ने दी. ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल गांव में बुधवार की सुबह से धूनी रमाए राहुल ने किसानों को न्याय मिलने तक वहां से न जाने का जब ऐलान कर दिया तो यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए.

आनन फानन में पुलिस प्रशासन ने घोषणा कर दी कि धारा 144 कल रात में ही हटा दिया गया था. ऐसा इसलिए कहा गया ताकि धारा 144 लागू होने के बावजूद राहुल समेत कई लोगों का गांव के भीतर पहुंचकर धरना देना कैसे संभव हो गया, यह सवाल यूपी सरकार और प्रशासन को परेशान करता. राहुल के साथ कांग्रेस के यूपी प्रभारी दिग्विजय सिंह, यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा और राजबब्बर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

राहुल बाबा को कल एसडीएम के सामने पेश किया जाएगा. उधर, देर रात यूपी सरकार की तरफ से शशांक शेखर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सामने सरकार के रुख का इजहार किया और पूरे हालात व घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी. उन्होंने राहुल गांधी को गिरफ्तार किए जाने का कारण भी बताया. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी को गिरफ्तार कराने का फैसला मायावती के स्तर पर लिया गया. मायावती नहीं चाहतीं कि राहुल गांधी गांव में बैठे रहकर हीरो बन जाएं. दूसरे, मायावती अपने विरोधियों से सख्ती से निपटने के लिए कुख्यात हैं, सो, उन्होंने राहुल गांधी के साथ भी सख्ती करने का फैसला लिया.

गिरफ्तार होते वक्त राहुल ने कहा कि हम जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं. वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने कहा है कि शांति भंग होने की आशंका के चलते राहुल गांधी को धारा 144, 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है. राहुल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को इस तरह से गिरफ्तार किया जाना मायावती का तानाशाही रवैया है. कांग्रेस जनता की लड़ाई लड़ती रहेगी.

राहुल की गिरफ्तारी के बाद यूपी सरकार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. यूपी के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिहं ने प्रेसवार्ता में भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर यूपीए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. यूपी सरकार ने केंद्र सरकार से भूमि अधिग्रहण कानून-1894 में बदलाव लाने की मांग की है. यूपी सरकार ने केंद्र को चेतावनी दी केंद्र सरकार आगामी सत्र में मौजूदा भूमि अधिग्रहण कानून संशोधन के लिए विधेयक लाए, वर्ना बसपा इसके लिए संसद का घेराव करेगी.

गौरतलब है कि वर्तमान में भूमि अधिग्रहण के लिए 1894 में बना भूमि अधिग्रहण कानून अमल में लाया जा रहा है जिसमें गत वर्ष टप्पल आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री ने बदलाव लाने का भरोसा दिया था. इसको लेकर कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने सवाल उठाया किर आखिर केंद्र ने अपने वादे को पूरा क्यों नहीं किया. कैबिनेट सचिव ने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा में चल रहे आंदोलन में विपक्षी दल राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं. शशांक शेखर सिंह ने दावा किया कि ग्रेटर नोएडा़ में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का कोई विरोध नहीं है.


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