कांग्रेस कवर करने वाले इन पत्रकारों पर थू थू करिए

E-mail Print PDF

हद है. कांग्रेस कवर करने वाले कई पत्रकारों ने उस युवक को जमकर पीटा जिसने भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस पार्टी के नेता जनार्दन द्विवेदी को जूता दिखाया. वो युवक चाहता तो द्विवेदी को जूतिया सकता था पर उसने केवल जूता दिखाकर अपना विरोध प्रदर्शित कर दिया. और उसने वह काम किया है जो इस देश का हर आदमी करना चाहता है पर कई वजहों से लोग अभी कर नहीं पा रहे हैं.

सुनील ने जनता की भावनाओं को अच्छे से कांग्रेसियों के पास पहुंचाया है. पर कांग्रेस कवर करने वाले कई वरिष्ठ पत्रकार इस कदर नपुंसक हो चुके हैं और कांग्रेस के टुकड़ों पर पलने वाले बन चुके हैं कि उन्हें जूता दिखाने वाले शख्स को पीटते देर न लगी. और जब एक ने हाथ छोड़ा तो कई पत्रकारों ने उसे पीटना शुरू कर दिया. कुछ ही देर बाद पीटे जाने को नंबर बढ़ाने से जोड़ दिया गया और फिर जिसे देखो वही पीट रहा है. युवक को पत्रकारों ने पीटने के बाद कांग्रेसी नेताओं के यहां जाकर बखान किया कि उन्होंने कितना पीटा. कांग्रेसी नेताओं ने पत्रकारों को बधाई दी, अच्छा काम करने के लिए.

कई टीवी जर्नलिस्ट तो वीडियो फुटेज जनार्दन द्विवेदी को दिखा रहे थे कि देखिए मैं कैसे मार रहा हूं उसको. पता चला है कि युवक को पीटने वालों में टीवी व प्रिंट के कई पत्रकार रहे हैं. कई पत्रकारों को जनार्दन द्विवेदी, मोतीलाल बोरा, दिग्विजय सिंह ने युवक को पीटने पर बधाई दी. एक उर्दू अखबार के पत्रकार ने सबसे पहले जूता दिखाने वाले युवक को पीटना शुरू किया. उसके बाद एनडीटीवी, जी, हेडलाइन टुडे आदि चैनलों के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी युवक को पीटना शुरू कर दिया. जो मीडिया व पत्रकार रामदेव के अनुयायियों पर पुलिस के हमले को गलत बता रहे हैं, वही खुद एक उस युवक को बुरी तरह पीटने में जुट गए जिसने भ्रष्ट कांग्रेस के नेता को जूता दिखाया. भड़ास4मीडिया जल्द उन पत्रकारों के नाम प्रकाशित करेगा जिन्होंने युवक को पीटने में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई.

ऐसे दलाल और कांग्रेसी टुकड़ों पर पलने वाले पत्रकारों के चेहरों से पर्दा हटाया जाना बहुत जरूरी है ताकि दुनिया जान सके कि मीडिया के नाम पर ये लोग किस तरह एक भ्रष्ट पार्टी व उसके नेता के बचाव में उतरे हैं और एक निर्दोष युवक को पीटने के बाद खुद की कथित वीरता का बखान कांग्रेसी नेताओं के यहां कर रहे थे ताकि वे खुद को कांग्रेसी नेताओं का प्रियपात्र बना सकें और भविष्य में इसका फायदा सत्ता से ले सकें. अगर आपको भी इस प्रकरण पर कुछ कहना, बताना हो तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का सहारा ले सकते हैं. ये पत्रकार जनार्दन द्विवेदी के कमरे में जाकर उनसे ये भी कह रहे थे कि जूता दिखाने वाले युवक को सिर्फ पीटकर ही नहीं छोड़ा जाना चाहिए बल्कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.

सोचिए, जिस देश के वरिष्ठ पत्रकारों की संवेदनशीलता का ये आलम है, उस देश की मीडिया का क्या हाल होगा. और मीडिया का क्या हाल है, ये आप सब देख ही रहे हैं. ज्यादातर मीडिया हाउसों के कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकार दलाल के रूप में काम करते हैं और अपने अपने मीडिया हाउसों और सत्ता के बीच पुल का काम करते हैं. तो, ऐसे दलाल पत्रकार अगर कोई ऐसा मौका पाते हैं जिसमें किसी निरीह को पीटकर वे कांग्रेसी नेताओं की नजर में खुद को प्रियपात्र बना सकें तो भला क्यों पीछे रहेंगे. शर्म आनी चाहिए इन पत्रकारों को. पत्रकारिता और मीडिया के नाम पर ये कलंक हैं. इनमें अगर जरा भी इमान और ईमानदारी होगी तो वे उस युवक से जरूर माफी मांगेंगे जिसे इन लोगों ने सिर्फ इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने एक नेता को जूता दिखा दिया.

दरअसल उस युवक ने तो देश की जनता का मान बढ़ाया है, ये संदेश सत्ता तक पहुंचाया है कि अगर हालात यही रहे तो कांग्रेसी सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर पीटे जाएंगे. पर कांग्रेस कवर करने वाले पत्रकार उस युवक को ही आरोपी व अपराधी ठहराकर पीटने में जुट गए. सच कहा गया है कि इस देश में शीर्ष स्तर पर मीडिया, नेता, अफसर और जजों की एक चांडाल चौकड़ी बन चुकी है जो लोकतंत्र को पलीता लगाने में लगी हुई है. इस चांडाल चौकड़ी को जो भी चुनौती देगा, उसे ये चारों मिलकर पीटेंगे और एक दूसरे को शाबासी देते मिलेंगे.


AddThis