फर्जी पत्रकारों को अपने वाहन पर प्रेस लिखने से रोकेगी पुलिस

E-mail Print PDF

अपनी गाड़ी पर प्रेस लिख कर पुलिस पर धौंस जमाने वाले फर्जी पत्रकारों की अब खैर नही. असम पुलिस इन फर्जी पत्रकारों पर लगाम लगने के लिए कवायद शुरू कर दी है. राज्य सरकार के इस सम्बन्ध में आदेश मिलने के बाद पुलिस पता लगाने में जुट गई है कि कितने ऐसे लोग हैं जो येन केन प्रकारेन प्रेस कार्ड हासिल कर प्रेस के स्‍टीकर का बेजा इस्तेमाल कर रहे है.

असम पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि भारी संख्या में लोग प्रेस के स्‍टीकर का इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस हमेशा भ्रम में रहती है कि कौन सही पत्रकार है और कौन फर्जी या गलत,  क्योंकि यह संभव है कि उग्रवादी भी अपनी गाड़ी पर प्रेस लिख कर पुलिस कि नजरों में धूल झोंक कर निकाल जाये. इसलिए प्रेस सूचना विभाग से लिस्ट माँगी गई है. ताकि फर्जी पत्रकारों को प्रेस लिखने से रोका जाये. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ अखबार सस्ती लोकप्रियता के लिए रेबडि़यों कि तरह कार्ड बाँट रहे हैं और ऐसे लोग पुलिस पर हमेशा धौंस जमाने के साथ कई बार ग़लत कार्यों में प्रेस स्‍टीकर का फायदा उठाते हैं. इसलिए पुलिस इस बात कि व्यवस्था करने जा रही है कि सिर्फ कार्यरत पत्रकार ही अपनी गाड़ी पर प्रेस शब्द का इस्तेमाल कर सकें.

गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.


AddThis