उपजा, सहारनपुर से कइयों का इस्तीफा

E-mail Print PDF

यशवंत जी नमस्कार, आशा है कि आप कुशल पूर्वक होंगे. सहारनपुर में अब से चार महीने पहले उपजा का गठन किया गया था,  जिस में सहारनपुर के पत्रकारों ने आपस में ही बैठकर संगठन बना लिया था. मैंने उस समय भी सभी पत्रकारों से कहा था कि ऐसे संगठन का कोई भी फायदा नहीं है,  जिससे पत्रकारों को कोई फायदा न पहुंचे और ग्रामीण पत्रकारों को जिले के पत्रकारों का मार्गदर्शन मिलना चाहिए.

जो ग्रामीण पत्रकार उपेक्षा के शिकार हैं उनका हौसला अफजाई की जानी चाहिए और पत्रकारों के लिए एक आकस्मिक कोष भी बनना चाहिए,  जिससे किसी भी परेशानी में साथी पत्रकारों की मदद की जा सके. चूंकि पत्रकारों के ज्‍यादातर संगठन किसी पत्रकार की मदद के लिए नहीं बनते बल्कि सिर्फ पद के लिए और प्रशासनिक अधिकारियों पर रोब डालने के लिए बनाये जाते हैं,  वैसा ही सहारनपुर में भी हो रहा है.

संगठन बनने के बाद आज सहारनपुर के ही पंजाब होटल मे उपजा की मीटिंग बुलाई गयी और उस में सिर्फ उन्हीं पत्रकारों को बुलाया गया जो उनके मतलब के हैं और जो पत्रकार इनकी हाँ में हाँ नहीं मिलाते बल्कि इनकी ग़लत नीतियों का खुलकर मुखालफत करते हैं,  उनको उपजा का मेंबर होने के बावजूद बुलाया नहीं गया. क्‍योंकि इससे उनकी पोल पट्टी खुलने का खतरा जो था. इसी बात की मुखालफत में मेरे समेत, आज़म खान, नजम मंसूरी, प्रेरणा उपाध्याय, विकास कपिल ने तुरंत ही उपजा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है और साफ़ कर दिया है कि ऐसे किसी भी संगठन,  जिस में सिर्फ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की चाटुकारिता करने वाले पत्रकार रहते हों,  उससे दूरी बना कर रखी जाएगी और ऐसे लोगों को बेनकाब करने का काम भी किया जायेगा.

मुहम्‍मद फैसल खान

रिपोर्टर

चैनल वन न्‍यूज

सहारनपुर


AddThis