जेडे के मेल एकाउंट से खुलेगा हत्‍या का रहस्‍य

E-mail Print PDF

मुंबई. पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के कई दिन बाद भी पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। लेकिन हत्या की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेटिव टीम (एसआईटी) को डे का ई-मेल एकाउंट खोलने में सफलता मिली है और टीम का दावा है कि इसमें मिली जानकारियां हत्यारों तक पहुंचाने में अहम रोल अदा करेंगीं।

दो बाइक पर आए सवारों ने डे की 11 जून को दिन दहाड़े गोलियों से हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में भी लिया था, लेकिन सबूत न मिलने के बाद उन्हें रिहा करना पड़ा। अब पुलिस को 'कमांडरडे' के नाम से बनाई गई ई-मेल आईडी खोलने में सफलता मिली है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डे ने सभी डाटा इसी एकाउंट में रखे थे। उनके दफ्तर के डेस्क टॉप और हार्ड डिस्क में कोई भी महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिले हैं।  उनके छोटे लेपटॉप में भी कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिली। लेकिन इस ई मेल एकाउंट में उन्होंने सभी जानकारियां सेव की थीं।

इसके अलावा पुलिस उन दो पेन-ड्राइव के दस्तावेजों और जानकारियों का भी अध्ययन कर रही है, जो डे हमेशा अपने पास रखते थे। वे अंडर-वर्ल्ड पर दो पुस्तकें भी लिख रहे थे और पेन ड्राइव में अंडर-वर्ल्ड से जुड़ी अपराधियों की तस्वीरें और पुराने आंकड़े मिले हैं।

एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, क्राइम, देवेन भारती ने बताया कि डे के ई मेल एकाउंट से मिली जानकारियां काफी महत्वपूर्ण हैं और पुलिस को अपराधी तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि इसमें डे के ई मेल के अलावा ई-टिकिट और वीजा दस्तावेजों की भी जानकारी मिली हैं। डे इस साल 28 अप्रैल से 5 मई तक स्विट्जरलैंड, हॉलैंड और ब्रिटेन के दौरे पर थे। इसमें अधूरी फाइल की गई कुछ रिपोर्ट्स भी है। एक स्टोरी एक पुलिस अधिकारी के अंडर-वर्ल्ड से संबंधों का खुलासा करने को लेकर है। इससे मामले की तह तक जाने में मदद मिल रही है।

पुलिस की साइबर टीम को डे द्वारा फिलिपींस काउंसलेट को लिखे कुछ आवेदन पत्र भी मिले हैं, जो उन्होंने वहां की यात्रा करने की इजाजत मांगने को लेकर लिखे थे। पुलिस का दावा है कि मुंबई से भागा हुआ एक अंडर-वर्ल्ड डॉन फिलीपींस में ही छुपा हुआ है। पुलिस का मानना है कि डे कुछ खोजी स्टोरी पर काम कर रहे थे और एक में उन्हें काफी महत्वपूर्ण सुबूत हाथ लगे थे। साभार : भास्‍कर


AddThis