बीबीसी विश्वसेवा को मिला और धन, हिंदी का भी उद्धार

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बीबीसी विश्व सेवा को ब्रिटिश सरकार से अगले तीन सालों में 22 लाख पाउंड प्रति वर्ष और मिलेगा. ब्रिटेन के विदेशमंत्री विलियम हेग ने कहा कि ये अतिरिक्त धन बीबीसी की अरबी सेवा को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा जिसने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है. इसके अलावा बीबीसी 9 लाख पाउंड हिंदी सेवा के शॉर्टवव रेडियो प्रसारण के लिए देगी. पिछले साल सरकार ने विश्वसेवा के 27 करोड़ पाउंड के बजट में 16 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की थी.

सांसदों को जारी किए गए एक लिखित बयान में विलियम हेग ने कहा, "मैं 22 लाख पाउंड की अतिरिक्त राशि बीबीसी विश्वसेवा को उपलब्ध कराने पर सहमत हूं जिससे विश्वसेवा मौजूदा स्तर पर निवेश बनाए रख सके". ब्रिटेन के विदेशमंत्री विलियम हेग ने कहा कि हालांकि शुरु में की गई 16 प्रतिशत की कटौती न्यायसंगत और आनुपातिक थी लेकिन मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीका की हाल की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने अपने निर्णय पर फिर से विचार किया. इस महीने के शुरु में बीबीसी ट्रस्ट के अध्यक्ष लॉर्ड क्रिस पैटन ने संडे टेलिग्राफ़ अख़बार को बताया था कि वो विश्वसेवा को दी जा रही राशि के संबंध में सरकार से अपील करेंगे. उन्होने कहा कि अरबी, हिंदी और सोमाली सेवाएं बीबीसी विश्वसेवा के प्रसारण की प्रमुख सेवाएं हैं.

जनवरी में बीबीसी ने 32 में से 5 भाषाओं की सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी. ये 20 प्रतिशत की कटौती का हिस्सा था. इन कटौतियों से मैंडरिन, रूसी और तुर्की सहित सात भाषाओं के रेडियो प्रसारण बंद हो गए और अन्य सेवाओं को घटाया जा रहा है. बीबीसी ट्रस्ट ने सरकार की इस घोषणा का स्वागत किया है कि वो अगले तीन सालों में बीबीसी को 9 लाख पाउंड देगी जिससे हाल में हुई कटौतियों का असर कुछ कम होगा. ट्रस्ट के अध्यक्ष लॉर्ड पैटन ने कहा, "ये अतिरिक्त धन उन इलाक़ों में बीबीसी सेवाओं की रक्षा करने के काम आएगा जहां उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है और जहां उनकी क़ीमत समझी जाती है". "लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम जो कुछ खो चुके हैं वो बहाल हो सकेगा. यही नहीं हमें विश्वसेवा में आगे भी कुछ कटौतियां करनी होंगी". साभार : बीबीसी हिंदी डाट काम


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