बसपा विधायक के हाथों बिके पत्रकार, खबर को मार डाला

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यशवंतजी, नमस्‍कार। सहारनपुर में मीडिया का इतना बुरा हाल होगा यह किसी ने सोचा भी ना होगा। शुक्रवार को सहारनपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। लेकिन इसमें सहारनपुर की मीडिया को इस तरह से मैनेज कर लिया गया कि इस खबर को सभी ने बहुत हल्का कर दिया। अधिकतर अखबारों ने तो इसे छापा ही नही और न्यूज चैनलों में तो लगभग सभी चैनल मैनेज हो गये। कुछ अखबारों ने खबर छापी तो बहुत मामूली करके।

शुक्रवार 24 जून को एक औरत अपने बच्चों के साथ मिलकर अपने बीमार पति,  जो कि इस वक्त कोमा में पड़ा हुआ था,  को लेकर सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के सामने पहुंच गयी। उसने अपने पति की चारपाई वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक के कार्यालय के सामने ही बिछा दी और इंसाफ़ की मांग करने लगी। उसका आरोप था कि उसके पति को इस हालत में पहुंचाने वाले अभियुक्तों को बसपा विधायक रविन्द्र मोल्हु का सरंक्षण प्राप्त है। इसी कारण से पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नही कर रही है।

जैसे ही विधायक जी को यह पता चला कि मीडिया इस खबर के पीछे लग गया है और अब वह भी शाहनवाज राणा की तरह की तरह अखबारों व चैनलों की सुर्खियां बनेंगे तो उन्होंने मीडिया मैनेजमेंट शुरू कर दिया। विधायक महोदय इसमें सफ़ल भी हो गये। क्योंकि किसी भी अखबार व चैनल ने उनका नाम तक नही छापा। हालांकि वह औरत व उसका भाई दोनों इस बात को गला फ़ाड़-फ़ाड़ कर कह रहे थे।

इसमें एक फ़ायदा तो उस महिला को जरूर मिला। एक माह से जो कार्रवाई पुलिस द्वारा रूकी हुई थी उसमें अचानक तेजी आ गयी। या यह मानें कि विधायक जी को शाहनवाज राणा का हाल नजर आ गया तो उनके रिश्तेदार अभियुक्त तुरन्त पुलिस गिरफ़्त में आ गये। पुलिस ने देर रात उन्हे गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया। लेकिन वाह री सहारनपुर मीडिया - विधायक जी को मुख्यमंत्री के प्रकोप से बचाने को उनका नाम तक नही छापा या दिखाया।

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


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