चित्रकूट घोषणापत्र : पत्रकार अपनी संपत्ति घोषित करें

E-mail Print PDF

चित्रकूट : शुचिता के उच्च मानदंडों को स्थापित करने के लिए और समाज में आदर्श की स्थापना के लिए पत्रकारों को आगे आकर अपनी संपत्ति की घोषणा करनी चाहिए। इंडियन फेडरेशन अफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) की 119 वीं वर्किंग कमेटी की चित्रकूट में हुयी बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी के इस प्रस्ताव पर बैठक में देश के कोने-कोने से शामिल होने आए पत्रकारों ने अपनी सहमति जतायी।

बैठक के उद्घाटन सत्र पर बोलते हुए हेमंत तिवारी ने कहा कि आज पत्रकारों के सामने विश्वसनीयता का सवाल खड़ा हो रहा है जबकि चौतरफा भ्रष्टाचार और लूट-खसोट से त्रस्त जनता न्यायपालिका और मीडिया को ही अपना एकमात्र हितैषी मानती है। तिवारी ने कहा कि समय आ गया है कि पत्रकार खुद आगे आकर अपनी संपत्ति की घोषणा करें जिससे समाज के बाकी वर्गों के आगे एक उदाहरण पेश हो। उन्होंने इससे पहले फेडरेशन के राजगीर, बिहार के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी इस मुद्दे को उठाया था।  हेमंत के इस प्रस्ताव को अंगीकृत करते हुए आईएफडब्लूजे ने इसे चित्रकूट घोषणा पत्र का नाम दिया है। इस बात की पुष्टि फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने की।

अपने अध्यक्षीय भाषण में के विक्रम राव ने कहा कि हाथ पर हाथ धर कर बैठने से कुछ नही होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार यह न सोचें कि अकेले उनके संघर्ष छेड़ने से कुछ नही होगा। गांधी से लेकर अन्ना हजारे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अकेले दम पर इन लोगों ने सामाजिक चेतना पैदा की। विक्रम राव ने वेज बोर्ड की रिपोर्ट को जस का तस लागू कराने पर बल देते हुए कहा कि अरसे से समाचार पत्र उद्योग में लोगों का वेतन नही बढ़ा है जबकि इस दौरान सरकारी कर्मचारियों का वेतन कई गुना बढ़ गया है।

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने श्रमजीवी पत्रकारों के लिए बने कानून को अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि समय आ गया है जब कि समूचे मीडिया उद्योग को नए नजरिए से देखा जाए और कानून नए सिरे से बने। मध्य प्रदेश के अध्यक्ष जयंत वर्मा ने कहा कि उनके सूबे में आज तक वेज बोर्ड की रिपोर्ट किसी अखबार ने लागू नही की है। उनका कहना है कि वेज वोर्ड की रिपोर्ट लागू न करने की दशा में कुल 200 रूपये दंड का प्रावधान है जो कि हास्यास्पद है।

महाराष्ट्र के अध्यक्ष अनिल महात्मे ने कहा कि उनके सूबे में पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि पत्रकारों पर हमला करने वालों पर गैर-जमानती व संज्ञेय धाराओं में मुकदमा चलाया जाए। असाम के केशव कालिता ने बताया कि उनके सूबे में बीते एक साल में नौ पत्रकारों की हत्या की गयी है और हमलावर पकड़े नहीं गए हैं।

फेडरेशन की वर्किंग कमेटी की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने संबोधित किया। प्रदीप जैन ने कहा कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर देश की जनता के विकास के लिए चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी देने और उनके क्रियान्वन की प्रगति रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस मौके पर सूबे की माया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केद्र योजनाएं और धन देता पर यहां इसका सदुपयोग नहीं होता है।


AddThis