बसपा की बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाला गया

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उत्तर प्रदेश में आने वाले विधान सभा चुनावों की तैयारी में हर दल जुटा है इसी क्रम में सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी भी अपने दल के मजबूत आधार को अपने साथ जोड़ने में जुटी हुई है. बसपा पार्टी विभिन्न जातियों के साथ भाईचारा बनाने के लिए अपने कैडर के साथ कार्यक्रम आयोजित कर रही है. वहीँ साथ ही साथ विभिन्न समाचार माध्यमो के पत्रकारों को इन बैठकों से दूर रखा जा रहा है. जिससे बसपा की इन बैठकों में हो रहे दूसरी जातियों के विरोध के भाषण को सबके सामने आने से रोका जा सके.

इसी तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका सभागार में बसपा पार्टी के द्वारा आयोजित 'राजभर समाज भाईचारा बनाओ'  बैठक में पत्रकारों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के काबीना परिवहन मंत्री रामअचल राजभर थे तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा राज्यमंत्री दद्दन मिश्रा भी मौजूद थे. विभिन्न समाचार माध्यमों के पत्रकार इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए गए थे उन्हें जहां उन्हें बसपा के कैडरों के द्वारा कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया.

बसपा के कैडरों ने कहा कि यह पार्टी कैडरों की बैठक है इसमें पत्रकारों का कोई काम नहीं है. गौरतलब है जब तक मंत्री राम अचल राजभर ने माइक संभाल कर बसपा की शैली में भाषण देना शुरू नहीं किया था तब तक पत्रकारों को अंदर कार्यक्रम में रहने की अनुमति थी. ज्यों मंत्री जी ने पुराने ढर्रे पर चलते हुए छुआछूत और पुराने ज़माने के अत्याचारों पर आक्रामक होकर ऊँची जातियों के खिलाफ बोलना शुरू किया. त्यों ही पार्टी कैडर ने पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया.

कार्यक्रम के बाद जब अतिथि मंत्री जी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो मंत्री जी पत्रकारों की बातों का जवाब देना उचित नहीं समझा और अपनी लाल बत्ती वाली गाड़ी में बैठकर चले गए. इस कार्यक्रम में भिनगा के विधयाक और आयुर्वेदिक चिकित्सा राज्यमंत्री दद्दन मिश्रा ने भी यही तरीका अपनाया. बसपाइयों के रुख के खिलाफ पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया. जिले के वरिष्ठ पत्रकार शादाब हुसैन ने कहा कि बसपा में अभी भी वही तिलक तराजू और तलवार वाला नारा जिन्दा है, जिससे वंचित जातियों के लोगों को भड़काकर वोट लिया जाता है. चूँकि यह सारी बातें मीडिया के द्वारा बाहर आ जाती है इसीलिए मीडिया को दूर रखा जा रहा है. पत्रकारों में अनिल तिवारी, नदीम और अकरम सईद सहित कई अन्य भी इस निंदनीय घटनाक्रम में मौजूद थे.

बहराइच से हरिशंकर शाही की रिपोर्ट.


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