ग्‍वालियर में चिटफंड कं‍पनियों के संचालकों पर इनाम घोषित

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: मीडिया हाउस संचालित करने वाले निशाने पर : सैकड़ों पत्रकार बेरोजगार हुए :  ग्‍वालियर में प्रशासन ने चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. आम आदमी के पैसे से अमीर बनी चिटफंड कंपनियों पर प्रशासन ने पूरी तरह से लगाम लगा दिया है. दर्जनों कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई तथा सैकड़ों संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. प्रशासन के इस अभियान से चिटफंड कंपनियों के संचालकों में हडकम्‍प मचा हुआ है.

इन चिटफंड कंपनियों ने रिजर्व बैंक में पंजीयन कराए बगैर आम जनता से धन उगाही किया है. ग्‍वालियर में इन चिटफंड कंपनियों के खिलाफ 13 हजार से ज्‍यादा निवेशक शिकायत कर चुके हैं, जिनके लगभग 42 करोड़ रुपये इन चिटफंड कंपनियों के पास फंसे हुए हैं. हर रोज औसतन सौ से अधिक निवेशक अपनी शिकायत लेकर प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं. चिटफंड के जरिए आम लोगों से पैसा उगाहने वाली चिटफंड की ज्‍यादातर कंपनियों ने मीडिया में भी पैर जमा लिया था. प्रशासन अब इनके मीडिया के हनक को भी धराशायी कर दिया है.

ग्‍वालियर पुलिस ने इस मामले में फरार चिटफंड कंपनी संचालकों पर दो दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. जिन चिटफंड कंपनियों के मीडिया हाउसों पर कार्रवाई की गई है, उसमें केएमजे, परिवार टुडे, कल्‍पतरु, राज एक्‍सप्रेस समेत कई अखबार चलाने वाली चिटफंड कंपनियों के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. कई अखबार एवं चैनल के कार्यालयों पर भी प्रशासन का ताला लटक रहा है. पुलिस फरार संचालकों को खोज रही है.

अखबार तथा चैनल चलाने वाली चिटफंड कं‍पनियों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी होने के बाद से सैकड़ों पत्रकार तथा गैर पत्रकार बेरोजगार हो गए हैं. प्रशासन की कार्रवाई से निवेशक जहां खुश हैं, वहीं सैकड़ों पत्रकार नई नौकरी की तलाश में जुटे हुए हैं, एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बनी हुई है. प्रशासन अखबार एवं चैनल चलाने वाली चिटफंड कंपनियों को और निशाना बना रहा है, उन्‍हें औकात दिखाने की कोशिश भी की जा रही है. इन कंपनियों की सौ करोड़ से ज्‍यादा की सम्‍पत्ति प्रशासन ने कुर्क किया है.


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