जनता का पैसा लूटने वाले पीएसीएल एवं केएमजे के ग्‍यारह कर्मचारी पुलिस गिरफ्त में

E-mail Print PDF

मध्‍य प्रदेश में चिट फंड कंपनियों के खिलाफ चल रहे व्‍यापक अभियान में जबलपुर प्रशासन ने सख्‍त रवैया अपना लिया है. जबलपुर में पीएसीएल और केएमजे के 11 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पीएसीएल और केएमजे दोनों मीडिया ग्रुप का संचालन भी करती हैं.  चिट फंड के नाम पर जनता को सुनहरे सपने दिखाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वालों का बचना अब मुश्किल हो गया है.

ग्‍वालियर के बाद जबलपुर प्रशासन ने ऐसी कंपनियों पर शिकंजा कस दिया है, जो करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़ा में लिप्‍त थीं और जनता को गुमराह कर रही थीं. धोखाधड़ी के आरोप में पीएसीएल के छह कर्मचारी तथा केएमजे के पांच कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने छापा मारकर पीएसीएल के दफ्तर को भी सील कर दिया है. जबलपुर के सीएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जब छापा मारकर पीएसीएल के दफ्तर को सील किया जा रहा था, उस समय अपना पैसा वापस लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी हुई थी.

दूसरी तरफ पी7 न्‍यूज चैनल का संचालन करने वाली कंपनी पीएसीएल तमाम अखबारों में विज्ञापन देकर अपने को पाक साफ बताया है. कंपनी की ओर से जारी विज्ञापन में कहा गया है कि कुछ लोग कंपनी के बारे में गलत और भ्रांति पैदा करने वाली सूचनाएं मार्केट में फैला रहे हैं, जबकि कंपनी तकनीकी रूप से बिल्‍कुल सही है. अपने तर्क को वजन देने के लिए पीएसीएल ने अपने कई प्रोजेक्‍टों के साथ कंपनी के ब्रांड अम्‍बेसडर आस्‍ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रेट ली की तस्‍वीर भी प्रकाशित की है.

मध्‍य प्रदेश में चिटफंड कंपनियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सरकार चिटफंड कंपनियों के साम्राज्‍य पर भी हल्‍ला बोल दिया है. कई कंपनियां आम निवेशकों से पैसा उगाहने के बाद शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए मीडिया हाउसेज खोल लिए थे. इधर, पुलिस ने जबलपुर में पीएसीएल के एजेंट राजेश कुशवाहा के खुदकुशी के मामले में कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है.


AddThis