राजीव शुक्‍ला : पत्रकार से मंत्री बनने तक का सफर

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पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत करके क्रिकेट और राजनीति में पैठ जमाने वाले राजीव शुक्‍ला अब केंद्रीय मंत्री बनकर अरुण शौरी और एमजे अकबर जैसे पत्रकारों की श्रेणी में आ गए हैं. दो बार किशनगंज से सांसद चुने गए एमजे अकबर 1991 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सलाहकार बनकर राज्‍यमंत्री स्‍तर का दर्जा पाया था, वहीं अरुण शौरी भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बने.

1978 में कानपुर से नार्दन इंडिया पत्रिका के स्‍थानीय पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करके 2000 में राजनीति में आने वाले 52 वर्षीय राजीव शुक्‍ला नए विस्‍तार में मनमोहनी मत्रिमंडल के सदस्‍य बन गए हैं. यूपी से राज्‍यसभा सदस्‍य राजीव शुक्‍ला को संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्‍य मंत्री बनाया गया है. यूपीए सरकार में पहली बार किसी नई पीढ़ी के पत्रकार को मंत्रालय में जगह मिली है.

राजीव शुक्‍ला को पहचान अस्‍सी के दशक के उतरार्द्ध में रविवार पत्रिका के तीन साल के कार्यकाल में मिली, जहां वे उदयन शर्मा के संपादकीय में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को लेकर एक स्‍टोरी की. वीपी सिंह इस दौर में बोफोर्स तोप मामले को लेकर राजीव गांधी पर निशाना साधे हुए थे. अपने खबर में राजीव शुक्‍ला ने वीपी सिंह की द्वारा गलत तरीके से जमीन बेचने का खुलासा किया था.

इस खबर ने राजीव शुक्‍ला को कांग्रेस के काफी नजदीक ला दिया. इस खबर से फौरी तौर पर कांग्रेस को राहत मिली. इसके बाद शुक्‍ला खुद के संडे और संडे आब्‍जर्बर में वरिष्‍ठ पदों पर रहे, जिसे उन्‍होंने रिलायंस इंडस्‍ट्री के धीरू भाई अंबानी से खरीदा था. इसके बाद राजीव शुक्‍ला सेटेलाइट टेलीविजन के क्षेत्र में कदम रखा. इसके बाद जी टीवी के करेंट अफेयर चैनल एल टीवी जो बाद में जी न्‍यूज बना, पर साप्‍ताहिक इंटरव्यू कार्यक्रम रूबरू को होस्‍ट करने लगे. इसी कार्यक्रम ने इन्‍हें राजनीतिक जमीन तैयार करने में मदद की.

यहां से मिले अनुभव के बाद राजीव शुक्‍ला ने अपनी पत्‍नी और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद की बहन अनुराधा प्रसाद के साथ मिलकर अपना खुद का प्रोडक्‍शन हाउस बीएजी फिल्‍म (भगवान, अल्‍ला, गाड) लांच किया. इसके बाद फिर राजीव शुक्‍ला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. इसके बाद इन्‍होंने न्‍यूज चैनल न्‍यूज24, इंटरटेनमेंट चैनल ई24, रेडिया स्‍टेशन धमाल24 और एक मीडिया स्‍कूल खोला.

अपने संपर्कों के बल पर राजीव शुक्‍ल भाग्‍य के सहारे 2000 में लोकतांत्रिक कांग्रेस के सहारे उत्‍तर प्रदेश से राज्‍य सभा सदस्‍य चुन लिए गए. इसके बाद राजीव शुक्‍ला ने बीसीसीआई में भी अपने कदम जमा लिए. कोषाध्‍यक्ष और कालांतर उपाध्‍यक्ष बने. डीएनए ने अपने एक खबर में लिखा था कि राजीव शुक्‍ला की एक कंपनी ने शाह रूख के कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में भी हिस्‍सेदारी खरीदा था.  इस तरह एक कानपुर के एक साधारण पत्रका‍र के रूप में करियर स्‍टार्ट करने वाले राजीव शुक्‍ला पत्रकार, उद्यमी, पॉवर ब्रोकर बनने के रास्‍ते पर चलते हुए केंद्रीय मंत्री बन गए हैं.


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