घुटने के बल बैठा सहारा, सुप्रीम कोर्ट से झटका, सेबी के खिलाफ याचिका वापस

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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की ओर से सेबी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए इस मामले में प्रतिभूति अपीलीय ट्राइब्‍यूनल (सैट) में अपील करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने सहारा से सेबी के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका भी वापस लेने को कहा है. कोर्ट ने कहा है कि सैट का फैसला आने तक सेबी का अंतरिम आदेश मान्‍य नहीं होगा. कोर्ट के इस फैसले से सहारा को झटका लगा है.

दरअसल पूरा विवाद सहारा के ओएफडीसी को लेकर है. सहारा की दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल एस्‍टेट और सहारा हाउसिंग इन्‍वेस्‍टमेंट ने ऑप्‍शनल फुली कन्‍वर्टिबल डिबेंचर यानी ओएफडीसी के जरिए पैसे जुटाए थे. जिस पर सेबी ने सवाल खड़ा किया था तथा निवेशकों से अपील जारी करके सहारा की इन दोनों कंपनियों में निवेशकों को धन निवेश करने से मना किया था. इसके बाद सहारा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सेबी के खिलाफ याचिका दायर की थी, जहां कुछ दिनों के लिए स्‍टे मिला था. कुछ समय बाद कोर्ट ने इस मसले को सेबी को सुलझाने का निर्देश दिया था.

जिसके बाद सेबी ने ओएफडीसी के माध्‍यम से दोनों कंपनियों द्वारा जुटाए गए पैसे को निवेशकों को तीस सप्‍ताह में ब्‍याज समेत वापस करने का निर्देश दिया था. सेबी के इस आदेश के खिलाफ सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था तथा अपील किया था कि उसकी दोनों कंपनियां प्राइवेट शेयरधारकों की कंपनी हैं,  लिहाजा यह सेबी के अधिकार क्षेत्र नहीं बल्कि कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. इसलिए इस मामले में सरकार को नोटिस जारी किया जाए. सैट को मध्‍यस्‍थता सौंपी जाए.

इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्‍य न्‍यायाधीश एसएच कपाडि़या की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्‍यीय पीठ ने सहारा समूह को निर्देश दिया कि वो अपनी दोनों कंपनियों का मामला सैट के सामने के समक्ष ले जाए. पीठ ने कहा कि हमारा विचार है कि निवेशकों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए बेहतर विकल्‍प यह होगा कि सहारा को सैट के समझ अपनी दलील रखने का एक मौका दिया जाए. पीठ ने सैट को भी इस मामले की सुनवाई आठ सप्‍ताह के अंदर निपटाने का निर्देश दिया. पीठ ने कहा कि सहारा की अपील पर सैट का निर्णय आने तक सेबी का अं‍तरिम आदेश मान्‍य नहीं होगा.

इस संदर्भ में सहारा समूह की ओर से पेश हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता फली एस नरीमन ने कोर्ट को विश्‍वास दिलाया कि सैट का अंतिम आदेश आने तक कंपनी ओएफडीसी स्‍कीम में कोई नया जमा नहीं स्‍वीकार करेगी.  इसके बाद पीठ ने सहारा समूह को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सेबी के खिलाफ दायर याचिका वापस लेने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि सेबी के अंतरिम आदेश और इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर की टिप्‍पणी से अलग सैट मामले पर निर्णय करेगा.


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