अहंकारी हो गया है मीडिया : शेखर गुप्‍ता

E-mail Print PDF

: पत्रकारों का तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू :  इंडियन एक्सप्रैस के ग्रुप एडिटर एवं वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने भी अन्ना हजारे की सिविल सोसाइटी को आड़े हाथों लिया है। यहां उन्होंने जमकर भड़ास निकाली और मीडिया घरानों को आड़े हाथों लिया। मौका था कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से पत्रकारों के लिए आज शुरू हुए ओरियंटेशन प्रोग्राम का। तीन दिन तक चलने वाले इस प्रोग्राम का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया।

यहां बतौर मुख्य वक्ता मौजूद शेखर गुप्ता ने तो यहां तक कह दिया कि यूपीए सरकार ने मीडिया के दबाव में ही सिविल सोसाइटी को अधिक महत्व दिया, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। आठ लोग कैसे सिविल सोसाइटी के रूप में देश को बदल सकते हैं। सिविल सोसाइटी के लोकपाल बिल के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सभी प्रावधानों को मान लिया गया तो देश में चोर-सिपाही का खेल शुरू हो जाएगा। इस वरिष्ठ पत्रकार ने तो यहां तक कह दिया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में एक भी गोली नहीं चली और कुछ मीडिया चैनलों ने उसे जलियावालां बाग बना दिया। शेखर गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि पत्रकार और मीडिया से जुड़े लोग आइने को अपनी ओर मोड़ें और आत्ममंथन करें। पत्रकारिता का इस्तेमाल देश और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।

अहंकारी हो गया है मीडिया :   इंडियन एक्सप्रैस के ग्रुप एडिटर ने कहा कि आज मीडिया शक्तिशाली लेकिन अहंकारी हो गया है। वरिष्ठ पत्रकारों में अहंकार की भावना पैदा हो रही है, जो मीडिया जगत के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रजातंत्र में जनता अहंकार बर्दाश्त नहीं करती। शेखर गुप्ता ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता तभी तक है जब तक जनता हमारे साथ है और जिस दिन जनता हमारे खिलाफ हो गई, पूरे मीडिया की स्वतंत्रता खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ घराने एक चौथाई काम प्रेस का करते हैं और तीन चौथाई संपदा का। उन्होंने कहा कि एक समय था जब जनता मीडिया की प्रशंसा करती थी और आज वही जनता मीडिया पर हंस रही है।

मुख्यमंत्री ने भी पढ़ाया पाठ :  हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी पत्रकारों को जमकर पाठ पढ़ाया। मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा विधायिका ने सबसे पहले 'एक्टिविज़म' आया, पहले नेता जो कह देता था, उसी का पालन होता था, जिससे नेताओं में अहंकार आ गया। कुछ समय सिलसिला चला, जिसका नतीजा यह हुआ कि जनता सभी राजनीतिज्ञों पर शक करने लगी लेकिन राजनीति में भी ईमानदार लोग है। यही अब न्यायपालिका और मीडिया के साथ हो सकता है, क्योंकि लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिये है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण होती है लेकिन समय के साथ पत्रकारिता के मूल्यों में भी बदलाव आ रहा है। आजादी से पहले पत्रकारिता के मायने कुछ और थे। पत्रकारिता मिशन थी, लेकिन आज व्यवस्था बदल गई है। समाचार पत्र व्यवसाय बन गया है और अखबार की कीमत वसूल करना अहम सवाल है। पेड न्यूज का जिक्र करते हुए हुड्डा बोले कि यह पत्रकारिता के मूल्यों से हटकर है और पाठकों से भी धोखा है।

इलेक्ट्रानिक मीडिया की सबसे आगे, सबसे पहले, सबसे तेज की कार्य प्रणाली पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि इस प्रवृत्ति से समाचार की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा है। केवल चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए इलैक्ट्रानिक्स मीडिया से जुड़े कुछ पत्रकार सच तक पहुंचे बिना ऐसी खबरें चला देते हैं जो समाज के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे ही एक मामले का जिक्र करते हुए हुड्डा ने कहा कि गुडग़ांव में होंडा फैक्टरी में हड़ताल के दौरान कर्मचारियां तथा पुलिस के बीच हुई झड़प में कुछ चैनलों ने तथ्यों से हटकर रिपोर्टिंग की, जबकि वास्तविकता कुछ ओर ही थी। इसी तरह समाचार पत्रों में 'पेड न्यूज' अर्थात खबरनुमा विज्ञापन की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह पत्रकारिता के मूल्यों से हटकर है और पाठकों से धोखा है। कहा कि मीडिया को कोई ऐसी खबर नहीं देनी चाहिए जो समाज को तोडऩे का काम करें या जातिवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा दें।

बात प्रशिक्षण की लेकिन सिर्फ भाषण :  हरियाणा के विभिन्न जिलों के पत्रकारों को प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन पूरे प्रोग्राम पर नजर डाली जाए तो इसमें प्रशिक्षण जैसी कुछ बात नहीं है। सिर्फ भाषण ही भाषण हैं। तीन दिन तक पत्रकारों को सिर्फ पत्रकारों के ही भाषण सुनने को मिलेंगे।

इससे पहले कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डीडीएस संधू ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनवाई। विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक राजबीर सिंह ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सांसद  नवीन जिंदल, राम प्रकाश, ईश्वर सिंह, वित्त मंत्री हरमोहिन्द्र सिंह चट्ठा, मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जडोला, विधायक अनिल धनतौड़ी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव शिव रमन गौड, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, बंता सिंह बाल्मीकि, अर्जुन सिंह और जिला कांग्रेस अध्यक्ष जय भगवान शर्मा आदि मौजूद थे।

रोहतक से दीपक खोखर/ महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.


AddThis