दो सप्‍ताह तक मजीठिया बोर्ड की सिफारिश पर अमल नहीं करेगी सरकार

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श्रमजीवी पत्रकारों के गठित न्‍यायमूर्ति मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर अगले दो सप्‍ताह तक अमल नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट ने आनंद बाजार पत्रिका समूह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को दो सप्‍ताह तक अमल पर रोक लगाने का आदेश दिया है. न्‍यायमूर्ति बलबीर भंडारी और दीपक वर्मा की दो सदस्‍यीय खंडपीठ ने सिफारिशों पर अमल रोकने के लिए सरकार को कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया है.

अपनी याचिका में आनंद बाजार पत्रिका समूह ने कहा था कि वेतन बोर्ड की सिफारिशों की प्रति उसे दिया बिना सरकार से इसे लागू किए जाने की मांग की जा रही है. समूह को इसकी जानकारी नहीं है कि इस बोर्ड ने क्‍या क्‍या सिफारिशें की है. जिसके बाद कोर्ट ने सरकार से मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों पर सरकार को दो सप्‍ताह तक अमल नही करने का निर्देश दिया.

गौरतलब है कि कई सालों बाद वेतन बोर्ड को लेकर मजीठिया आयोग का गठन किया गया था. बोर्ड की सिफारिशें आने के बाद से ही बड़े अखबारों के मालिक इसके विरोध में खड़े हो गए हैं. आयोग ने‍ पिछले साल दिसम्‍बर में ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, उसके बावजूद सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं ले पाई है. श्रमजीवी पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद सरकार अखबार मालिकों के दबाव में इस पर अमल करने की बजाय इसे लगातार टाल रही है.


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