पीआरओ ने किन नियमों के तहत किया भूखण्‍ड प्राप्ति का आवेदन?

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झुंझुनूं। राजस्थान सरकार द्वारा पत्रकारों को रियायती दरों पर भूखण्ड़ देने की योजना के तहत झुंझुनूं की नगर परिषद में योजना के अंतिम दिन 30 जून 2011 को झुंझुनूं के सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी सवाई सिंह मालावत ने भी स्वयं को पत्रकार मानते हुए आवेदन पत्र जमा करवा दिया। गंभीर बात यह है कि अपने लालच की पूर्ति करने की चाह में उक्त अधिकारी ने जिले से प्रकाशित भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक के कार्यालय में रजिस्टर्ड लघु समाचार पत्रों के नामों की सूची में भी भारी हेरफेर कर डाला है।

गंभीर बात यह है कि पत्रकारों के लिए बनी इस योजना में नियम विरुद्ध जमा करवाये गए आवेदन पत्र में सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी ने जहां स्‍वंय के 30 वर्षों की पत्रकारिता के अनुभव का दावा कर डाला है,  वहीं इस आवेदन के लिए किसी भी सरकारी स्तर की अनुमति का प्रमाण पत्र भी संलग्र नहीं किया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार झुंझुनूं के सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी सवाई सिंह मालावत पुत्र मुकुन्दराम निवासी डी-1 ए, आदर्श बस्ती, एफ. सी. आई. गोदाम के सामने, झुंझुनूं ने पत्रकारों को रियायती दरों पर भूखण्ड़ देने की पत्रकार आवास योजना के आवेदन पत्र क्रमांक 54 के साथ दिनांक 30 जून 2011 को ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की झुंझुनूं शाखा से जारी 5000  रुपये की राशि का मांग पत्र संख्या 390852 नगर परिषद कार्यालय में जमा करवाया है,  जिसकी प्राप्ति सं. 747 दि. 30 जून 2011 है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा 22 हजार 960 रुपये मूल वेतन प्रति माह पाने वाले उक्त अधिकारी ने दिये गए अपने शपथ पत्र में पूर्व में अपने नाम से कोई भूखण्ड़ नहीं होने की बात भी कही है, जबकि इनकी पत्नी लक्ष्मी देवी के नाम से झुंझुंनू शहर में एक मकान बना हुआ है। इस अधिकारी ने आवेदन पत्र के साथ राशन कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पेनकार्ड व जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किये गए फोटो पहचान पत्र की फोटो प्रतियां भी जमा करवाई है। फोटो युक्त आवेदन पत्र में सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी ने अपना स्वयं का फोटो चिपकाकर उस पर अपने हस्ताक्षर भी किये हैं। जिले के पत्रकारों का कहना है कि पत्रकारों के अधिस्वीकरण के आवेदन पत्रों के मामलों में तरह-तरह के सरकारी नियम बताकर काम को अटकाने वाले इस सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी ने किन नियमों के तहत इस योजना में आवेदन पत्र भरा है?


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