पुलिस के सामने ठेकदार ने पत्रकारों पर दागी गोलियां, दो मीडियाकर्मी घायल

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बठिंडा डेवलपमेंट अथारिटी (बीडीए) के मॉडल टाउन फेज 4 व 5 के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर बुधवार को जमकर बवाल हुआ. पुलिस की मौजूदगी में एक ठेकेदार ने अपने साथियों संग गुण्‍डागर्दी करते हुए पत्रकारों को लक्ष्‍य कर गोलियां चलाईं. उसने दैनिक जागरण के फोटोग्राफर रणधीर बॉबी पर भी हमला किया, सीएनईबी का कैमरामैन गुरदास सिंह भी घायल हो गया.

जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई. एसडीएम संदीप ऋषि, बीडीए असिस्टेंट चीफ एडमिनिस्ट्रेट उमाशंकर गुप्ता, एएसपी विक्रमजीत सिंह भट्टी, डीएसपी विक्रमजीत सिंह व भारी तादाद में पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे. इन सभी के सामने ही ठेकेदार हैप्‍पी ने पत्रकारों को लक्ष्‍य करके अपने साथियों के साथ गोलियां दागी. अधिकारी एवं पुलिसकर्मी इस गुंडागर्दी को रोकने की बजाय मूकदर्शक बने रहे.

दरअसल, बीडीए के दो फेजों के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीन में 41 एकड़ का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था.  हाईकोर्ट ने जमीन मालिकों की याचिका खारिज कर दी थी. कुछ दिन पूर्व बीडीए ने कार्रवाई करते हुए लगभग 16 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर ली थी,  बाकी बची 27 एकड़ जमीन कब्जा करने के लिए बीडीए की टीम बुधवार सुबह 10:00 बजे भारी तादाद में पुलिस फोर्स समेत वहां पहुंच गई.  जब टीम ने वहां कब्जा लेने की कार्रवाई की तो भड़के जमीन मालिकों ने एक जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ कर डाली.  इससे नाराज पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया.

इसी दौरान वहां घटना को कवर करने पत्रकार भी पहुंच गए थे. साथ ही बीडीए व पुडा का ठेका लेने वाला ठेकेदार अमरजीत सिंह उर्फ हैप्‍पी भी अपने साथियों के साथ धमका. हाथ में पिस्‍टल लिए ठेकेदार पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए फायरिंग शुरू कर दी. उसके साथियों ने किसानों पर पथराव शुरू कर दिया. मीडियाकर्मी जब इस घटना का फोटो और विजुअल बनाने लगे तब हैप्‍पी इन लोगों की तरफ लक्ष्‍य करके गोलियां दागनी शुरू कर दी. मीडियाकर्मियों ने किसी तरह नीचे लेटकर अपनी जान बतचाई.

हैप्‍पी के गुण्‍डों ने जागरण के फोटोग्राफर रणधीर बॉबी एवं सीएनईबी के कैमरामैन गुरदास सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वे जख्‍मी हो गए. दोनों का इलाज सरकारी अस्‍पताल में करवाया गया.  कई जमीन मालिक भी घायल हुए हैं. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मूक दर्शक बने रहे और हैप्‍पी इनके सामने ही कानून की ऐसी तैसी करता रहा. अधिकारी ठेकेदार को रोकने की बजाय पत्रकारों को ही रोकना शुरू कर दिया. कवरेज करने पर भी एतराज जताया.  इधर, हैप्‍पी आराम से अपने साथियों के साथ फरार हो गया. उसके जाने के बाद पुलिस ने लगभग दो दर्जन किसानों को हिरासत में लेकर थाना कोटफत्‍ता में बंद कर दिया और बीडीए की जमीन पर कब्‍जा कर लिया.

मामला इसलिए भी गंभीर है कि बठिंडा में जिला मजिस्‍ट्रेट ने धारा 144 लगा रखी है, इसके बावजूद ठेकेदार गुंडों समेत रिवाल्‍वर लेकर सरेआम वहां आ धमका और जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे जमीन मालिकों व मीडिया कर्मियों की तरफ रिवाल्‍वर तानकर पांच फायर किए.  इनमें 3 खोखा पुलिस बरामद कर लिया है. एसएसपी डा. सुखचैनन सिंह गिल ने कहा कि आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के ड्यूटी में कोताही एवं लापरवाही बरतने की जांच की जा रही है.

उधर, घटना की खबर मिलते ही मीडिया कर्मियों में रोष फैल गया.  मीडियाकर्मियों ने सर्किट हाउस में बैठक के बाद पांच सदस्‍यीय एक्‍शन कमेटी का गठन कर किया है,  जिसमें द ट्रिब्‍यून के गुरदीप मान, दैनिक जागरण के अरविंद श्रीवास्‍तव, अजीत के हुक्‍मचंद शर्मा, नवां जमाना के बख्‍तौर ढिल्‍लों व न्‍यूज 24 के किरनजीत रोमाणा को शामिल किया गया है.  जिले के सभी पत्रकारों ने आगे का एक्‍शन प्‍लान तैयार करने के लिए इस कमेटी को सारे अधिकार दे दिए हैं. पत्रकारों के रोष को देखते हुए पुलिस महकमें में हडकंप मच गया है तथा मामले को रफा-दफा करने के लिए कई पत्रकारों को पुलिस अफसर फोन कर ताजा हालात की जानकारी लेने के साथ समझौते की गुंजाइश तलाश रहे हैं.

पत्रकारों का कहना है कि एक तरफ समाज सेवी अन्‍ना हजारे को गिरफ्‍तार कर केंद्र सरकार व दिल्‍ली पुलिस ने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है, जिसकी देश व्‍यापी निंदा हो रही है, वहीं बठिंडा में लोकतंत्र के चौथे स्‍तंभ कहे जाने वाले मीडिया कर्मियों पर पुलिस की मौजूदगी में बर्बर कार्रवाई व गुंडों की मारपीट की घटना से फिर से लोकतंत्र कलंकित हुआ है. वह भी तब जब पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, डिप्‍टी सीएम सुखबीर बादल बठिंडा को अपना घर बताते हैं और डिप्‍टी सीएम की सांसद पत्‍नी हरसिमरत कौर बादल का लोकसभा क्षेत्र भी बठिंडा ही है.


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