चंडीगढ़ प्रेस क्‍लब पब्लिक अथॉरिटी, केंद्रीय सूचना आयोग ने जारी किया नोटिस

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पिछले काफी समय से घपलों-घोटालों और विवादों को लेकर चर्चा में रहने वाले चंडीगढ़ प्रेस क्‍लब को केंद्रीय सूचना आयोग ने पब्लिक अथॉरिटी मानते हुए आरटीआई का जवाब देने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया है. यह निर्देश क्‍लब के सदस्‍य संजीव पाण्‍डेय की अपील पर दिया गया है. श्री पांडेय ने आरटीआई डालकर कई सवालों के जवाब मांगे थे, परन्‍तु प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

प्रेस क्‍लब की तरफ से इस मामले में संजीव पाण्‍डेय को बताया कि प्रेस क्‍लब पब्लिक अथॉरिटी नहीं है और यह आरटीआई के दायरे में नहीं आता है, लिहाजा आपके सवालों का जवाब प्रेस क्‍लब नहीं दे सकता. इसके बाद संजीव पाण्‍डेय ने अपनी अपनी केंद्रीय सूचना आयोग में डाल दी, जिसके बाद चंडीगढ़ प्रेस ने क्‍लब को पब्लिक अथॉरिटी मानते हुए दो हफ्ते के अंदर मांगी गई सारी सूचनाएं देने का निर्देश दिया है. साथ ही आयोग ने पूछा है कि क्‍यों न प्रेस क्‍लब के ऊपर पेनाल्‍टी लगाई जाए.

इस संदर्भ में जब अपील करने वाले संजीव पाण्‍डेय से बात की गई कि उन्‍होंने किन किन मुद्दों पर जवाब मांगा था तो उन्‍होंने बताया कि मैं ने पिछले कई सालों के बीच पंजाब, हरियाणा के मुख्‍यमंत्रियों, मायावती एंव अन्‍य लोगों द्वारा प्रेस क्‍लब को दिए गए धन,  इसको खर्च करने के मद तथा सरकार को दिए जाने वाले रिटर्न की जानकारी मांगी थी. परन्‍तु प्रेस क्‍लब ने यह सूचना देने से इनकार कर दिया था.

उन्‍होंने बताया कि प्रेस क्‍लब के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रेस क्‍लब पब्लिक अथॉरिटी नहीं है लिहाजा हम सूचना देने को बाध्‍य नहीं है. श्री पाण्‍डेय ने कहा कि प्रेस क्‍लब को चलाने के लिए सरकार धन देती है. प्रेस क्‍लब सरकार से लीज ली गई जमीन पर बना हुआ है तो यह पब्लिक अथॉरिटी कैसे नहीं हुआ. उन्‍होंने कहा कि आयोग ने अपने आदेश में साबित कर दिया है कि चंडीगढ़ प्रेस क्‍लब पब्लिक अथॉरिटी है. नीचे आयोग द्वारा जारी नोटिस.


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