पत्रिका के पत्रकार ने गलत तरीके से हासिल की जमीन!

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एक तरफ पूरा देश भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था तो दूसरी तरफ अखबार और टीवी वाले भी इस पर लम्‍बा चौड़ा कवरेज और भाषण कर रहे थे. राजस्‍थान पत्रिका के संपादक गुलाब कोठारी ने भी भ्रष्‍टाचार पर लम्‍बा भाषण लोगों को अपने संपादकीय में पिलाया, पर यह क्‍या उसी दिन उनके एक पत्रकार का घोटाला उजागर हो गया.

राजस्थान पत्रिका, कोटा के पत्रकार जग्गू सिंह धाकड़ अधिस्वीकृत पत्रकार नहीं है,  परन्तु उन्होंने अधिस्वीकृत पत्रकार की श्रेणी में आवेदन भरकर तथा कोटा में नगर विकास न्यास के अधिकारियों से सांठ गांठ करके 27 गुणा 55 वर्ग फीट का प्लाट अपने नाम आबंटित करवा लिया, जो नियमानुसार भ्रष्‍टाचार है.  शिक्षा नगरी कोटा में जमीनों के भाव आसमान पर हैं और कोटा में पत्रकार अधिकारियों के साथ साठगांठ कर प्लाट लेकर बेच देते हैं और फिर से किसी योजना में आवेदन कर देते हैं.

अन्य अखबार वालों के मामले तो सामने आते रहते हैं परन्तु खुद को बहुत बेदाग और साफ सुथरा बताने का दंभ भरने वाले राजस्थान पत्रिका के ही पत्रकार ने यह कारनामा कर दिया.  पूरे कोटा में पत्रिका पर थू-थू हो रही है. लोग कह रहे हैं कि गुलाब कोठारी जी अब कुछ भी लिखने से पहले अपने कर्मचारियों के कारनामों को देख लिया करो.  महात्मा गांधी ने कहा था कि हर अच्छा काम की शुरू घर से होता है.  दूसरों को ज्ञान बांटना बहुत आसान है, परन्तु ज्ञान बांटने से पहले खुद के रिपोर्टरों को भी ज्ञान दे दें तो ज्यादा अच्छा है.

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


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