'जजों को मैनेज' करने संबंधी शांति भूषण उवाच वाली सीडी असली

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: दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेश की जांच रिपोर्ट : टीम अन्ना के स्तंभ शांति भूषण और प्रशांत भूषण फिर घिर गए सवालों के घेरे में : सीएफएसएल और सीईआरटी को जांच के लिए भेजी गई शांति भूषण वाली सीडी को इन दोनों लैब ने असली बताया है. दिल्ली पुलिस ने इसके बाद जांच रिपोर्ट तीस हजारी कोर्ट में पेश कर दिया है. कुल तीन लैब में दिल्ली पुलिस ने जांच कराई थी जिसमें से दो ने सीडी को असली करार दिया.

चंडीगढ़ की लैब ने सीडी को नकली बताया था. इस सीडी में शांति भूषण की मुलायम सिंह यादव से बातचीत है.  अमर सिंह का कहना है कि यह सीडी वर्ष 2006 में शांति भूषण और मुलायम सिंह यादव के बीच बातचीत की है. सीडी के असली पाए जाने की जानकारी के बाद अन्ना की कोर टीम के एक और सदस्य पर सवालिया निशान लग गया है. इससे पहले स्वामी अग्निवेश एक स्टिंग में टीम अन्ना के खिलाफ विरोधी बयान देते और सरकार के पक्ष में खड़े नजर आए तो टीम अन्ना से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांति भूषण टीम अन्ना के प्रमुख सदस्यों में हैं. वे इंदिरा गांधी के खिलाफ मुकदमा लड़ चुके हैं.

अप्रैल में लोकपाल बिल की साझा ड्राफ्ट समिति में शांति भूषण भी शामिल थे. शांति भूषण ने आरोप लगाया था कि सीडी से छेड़छाड़ करके सिविल सोसाइटी को बदनाम करने की कोशिश की गई है. सीडी में शांति भूषण कथित तौर पर मुलायम सिंह और अमर सिंह को बता रहे हैं कि उनका बेटा प्रशांत भूषण 'जजों को मैनेज' कर सकता है. अप्रैल में इस मामले के सामने आने के बाद जो लोग शांति भूषण की साझा ड्राफ्टिंग कमिटी से इस्तीफे की मांग कर रहे थे, उन्हें एक बार फिर से शांति भूषण पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है.

टीम अन्ना और जन लोकपाल बिल के विरोधी वरिष्ठ वकील के बहाने अन्ना हजारे, उनके साथियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं. इस बीच, ताजे डेवलपमेंट पर प्रशांत भूषण का कहना है कि लगता है कि पुलिस, फॉरेंसिक लैब और सरकार के कुछ अधिकारियों समेत कई लोग आपराधिक साजिश रच रहे हैं. वे सीएफएसएल, चंडीगढ़ की रिपोर्ट के बारे में क्या कह रहे हैं?

सीडी को सुनने के लिए नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करें-

ये है अमर-शांति-मुलायम वार्ता का टेप


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