इंडिया न्‍यूज एवं राष्‍ट्रीय सहारा के पत्रकारों समेत सात पर मुकदमा

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: अन्‍ना की जीत पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ था उत्‍तेजक नृत्‍य : बिहार के कटिहार जिले के सीजेएम कोर्ट ने इंडिया न्‍यूज एवं राष्‍ट्रीय सहारा के पत्रकारों समेत कुल साल लोगों के खिलाफ नगर थाना को रिपोर्ट लिखने का निर्देश दिया है. यह निर्देश ललित अग्रवाल की कोर्ट में दायर की गई याचिका पर दिया गया है. ललित ने यह याचिका अन्‍ना के जीत की जश्‍न में आयोजित कार्यक्रम में अश्‍लील नृत्‍य की खबर चलाने के खिलाफ दायर की थी.

अन्ना की जीत की जनलोकपाल पर जीत की खुशी में ललित अग्रवाल समेत कई लोगों ने''जश्न -ए-आज़ादी'' नामक एक प्रोग्राम आयोजित किया था. कटिहार के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित इस जीत उत्सव में जिला प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में कई कार्यक्रम हुए. इसी बीच इस कार्यक्रम में कुछ ऐसा हो गया कि लोगबाग सोचने को मजबूर हो गए कि आखिर ये कैसा जश्न-ए-आज़ादी है? मंच पर तो अन्ना के फोटो, बैनर और राष्ट्रीय ध्वज आदि थे पर जब प्रोग्राम आगे बढ़ा तो कोलकाता से आई एक महिला कलाकार कम कपड़ों में फिल्मी गानों पर उत्तेजक नृत्य करने लगी.

इस खबर पर किसी भी मीडियाकर्मी ने ध्‍यान नहीं दिया, परन्‍तु इंडिया न्‍यूज बिहार-झारखंड एवं राष्‍ट्रीय सहारा ने इस खबर को प्राथमिकता से लोगों के सामने रखा. जिसके बाद ललित अग्रवाल कोर्ट पहुंच गए. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इंडिया न्‍यूज के वरिष्‍ठ पत्रकार ओम प्रकाश, कटिहार के इंडिया न्‍यूज के संवाददाता रंजीत गुप्‍ता, इंडिया न्‍यूज पटना के वरिष्‍ठ संवाददाता शिशिर चौबे, राष्‍ट्रीय सहारा के वरिष्‍ठ संवाददाता सतेंदु सुमन, राष्‍ट्रीय सहारा के मैनेजिंग एडिटर जयब्रत राय, जनता न्‍यूज के एडिटर राजेंद्र कुमार वेद तथा समाजिक कार्यकर्ता विनय भूषण के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 392, 500 एवं 120 (बी) के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.

अब बताते हैं ललित अग्रवाल के बारे में, कार्यक्रमों के आयोजकों में शामिल ललित की पहचान कटिहार के नामी केबल ऑपरेटरों में होती है, जो चैनल उनके विरोध में काम करते हैं वे उसका प्रसारण कटिहार में ठप करा देते हैं. यही हाल इंडिया न्‍यूज के साथ भी किया गया. जब इस खबर को इंडिया न्‍यूज पर प्रसारित किया जा रहा था तब इसका प्रसारण बंद करवा दिया गया था. पत्रकारों में उनकी इतनी धाक है कि कोई उनके खिलाफ खबर करने की हिम्‍मत नहीं करता है. जो भी उनके खिलाफ आवाज बुलंद करता है उपर बैठे लोगों को कहकर या धमका कर स्‍थानीय पत्रकार को हटवा देते हैं. झूठे मुकदमे में फंसा देने का इतिहास काफी पुराना है.

कटिहार से अंकुर कुमार की रिपोर्ट.


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