अमर उजाला, लखनऊ में देवेश और सुषमा के बीच फिर विवाद, दोनों छुट्टी पर भेजे गए

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: अपडेट : अमर उजाला, लखनऊ में एक बार फिर विवाद के शोले भड़क उठे हैं. डीएनई देवेश त्रिपाठी एवं सब एडिटर सुषमा पाठक के बीच एक बार फिर जमकर कहासुनी हुई है. संपादक इंदुशेखर पंचोली छुट्टी पर हैं, विवाद के बाद उनके निर्देश पर न्‍यूज एडिटर दोनों लोगों को चार दिन कार्यालय न आने का आदेश सुना दिया है. बताया जा रहा है कि विवाद लेट शिफ्ट लगाने का है. इन लोगों के बीच इससे पहले भी बहस हो चुकी है.

सूत्रों का कहना है कि पिछली बार इन दोनों के बीच हुए विवाद के बाद से स्थिति कंट्रोल में थी, सबकुछ सामान्‍य चल रहा था. इस बीच संपादक इंदुशेखर पंचोली अपनी माताजी की तबीयत खराब होने की वजह से अवकाश पर चले गए तो देवेश त्रिपाठी ने सुषमा पाठक का शिफ्ट बदलकर लेट नाइट कर दिया. सूत्रों का कहना है कि सुषमा ने इसके बारे में बात की तो उन्‍हें कहा गया कि काम सीखने के लिए शिफ्ट बदला गया है. इसके बाद जब सुषमा जब एक रात अपनी गाड़ी खराब होने के चलते रास्‍ते में फंस गईं तो उन्‍होंने इसकी जानकारी देवेश त्रिपाठी को दी तथा अपनी परेशानियां बताईं.

देवेश ने सुषमा की परेशानी पर ध्‍यान देने की बजाय नसीहत देने लगे, जो सुषमा को नागवार गुजरा. इसके बाद सुषमा भी नाराज होकर देवेश त्रिपाठी को जमकर बुरा भला कहा. कार्यालय में काफी लोगों के सामने जमकर हो हल्‍ला हुआ. नई-पुरानी बातें एक दूसरे को सुनाई गईं. वे इसके पहले भी एक बार सुषमा से उलझ चुके हैं. बताया जा रहा है कि इस विवाद के बाद कुछ सहयोगियों ने इसकी जानकारी एनई को दी. एनई ने फोन करके संपादक इंदुशेखर पंचोली को पूरे मामले से अवगत कराया. बताया जा रहा है कि संपादक ने पूरा मामला सुनने के बाद दोनों लोगों को चार दिन तक कार्यालय न आने से मना करने का निर्देश एनई को दिया. उन्‍होंने कहा है कि अब पूरा मामला उनके आने के बाद निपटाया जाएगा.

इस मामले में जब सुषमा का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उन्‍होंने कहा कि हां काम को लेकर थोड़ी गरमा गरमी हुई है, कोई बड़ी बात नहीं हुई है. उन्‍होंने छुट्टी पर भेजे जाने जैसी किसी घटना से इनकार किया. इस संदर्भ में जब देवेश त्रिपाठी का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उन्‍होंने बताया कि उनकी बिटिया बीमार है, जिसके चलते वे छुट्टी पर हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं. यह काम को लेकर होने वाला नरमी गरमी का मामला है. इतनी बड़ी बात नहीं है कि इसे खबर बनाया जाए. कुछ लोग जानबूझकर इस मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश कर रहे हैं.


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