राजनैतिक खबरची बना मध्य प्रदेश सरकार का दिल्ली स्थित सूचना केंद्र

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग के दिल्ली स्थित सूचना केंद्र द्वारा अब रेवडि़यों के बाद पत्रकार वार्ता की सूचना भी चीन्ह चीन्ह कर देना आरंभ कर दिया है। बुधवार को मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की पत्रकार वार्ता का आमंत्रण भी सरकार समर्थित पत्रकारों को ही दिया गया। इस पत्रकार वार्ता में विजय शाह पूरी तरह खामोश ही बैठे रहे। सरकार द्वारा पाबंद फोटोग्राफर द्वारा इसकी फोटो तो जारी की गई किन्तु इसकी खबर जारी करने से सूचना केंद्र द्वारा परहेज ही किया गया।

जनसंपर्क विभाग के सूत्रों का कहना है कि सूचना केद्र द्वारा पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी के पार्टीगत कार्यक्रमों को भी कवर कर प्रेसनोट जारी किए जा रहे थे, जिस पर हो हाल्ला होने पर मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में अपनी नाराजगी जताई गई थी। इसके उपरांत भी सूचना केंद्र द्वारा इस मसले में कोई सुधार नहीं किया गया। बुधवार को विजय शाह की पत्रकार वार्ता भी राजनैतिक ही मानी जा रही है। इस मामले में सूचना केंद्र द्वारा चुनिंदा पत्रकारों को आमंत्रित तो किया किन्तु इसका प्रेस नोट जारी नहीं किया। सबसे ज्यादा आश्चर्य तो तब हुआ जब सूचना केंद्र द्वारा मंत्री विजय शाह के नाम पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया और विजय शाह इस प्रेस वार्ता में मौन ही बैठे रहे।

जनसंपर्क आयुक्त राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि राजनैतिक मामलों में विभाग द्वारा प्रेस नोट जारी करने पर विभाग द्वारा कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी का काम सरकार की कार्यवाहियों के प्रचार प्रसार का है। पार्टीगत कामों का हिस्सा सरकारी कर्मचारी कैसे बन सकता है? इन सारी बातों को बलाए ताक पर रखकर एक बार फिर दिल्ली स्थित सूचना केंद्र द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और भाजपा के मध्य प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा से संबंधित राजनैतिक खबर जारी कर ही दी। सूचना केंद्र द्वारा जारी खबर के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तिहाड़ जेल जाकर भाजपा के पूर्व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से भेंट की। श्री चौहान के साथ उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रभात झा ने भी श्री कुलस्ते से भेंट की।

श्री चौहान ने भेंट के बाद बताया कि श्री कुलस्ते का मनोबल बहुत ऊंचा है। श्री कुलस्ते ने यू.पी.ए. की सरकार बचाने के लिए किये जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का साहसिक कार्य किया था। भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने के लिए श्री कुलस्ते को पुरस्कृत किया जाना चाहिए था। इसके बदले उन्हें जेल भेजा गया। यू.पी.ए. की सरकार जिन्होंने बचाई वे सत्ता सुख भोग रहे हैं और जिन्होंने भ्रष्टाचार को उजागर किया वे जेल में सलाखों के पीछे हैं। श्री कुलस्ते के साथ जो अन्याय हुआ है उसे सहन नहीं किया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ श्री कुलस्ते द्वारा शुरू की गई लड़ाई में पूरा प्रदेश उनके साथ है। अन्याय के खिलाफ 23 सितम्बर से पूरे प्रदेश में जन जागरण अभियान चलाया जायेगा और 29 सितम्बर को आदिवासी बहुल मंडला जिला मुख्यालय में विशाल सभा आयोजित की जायेगी। श्री कुलस्ते के लिए पूरा संगठन लड़ाई में उनके साथ है। श्री चौहान ने कहा कि सच को उजागर किया जाना चाहिए। श्री कुलस्ते को जेल में बन्द कर के सत्य का गला घोंटा जा रहा है।

तेज न्यूज डाट काम से साभार


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