हिंदुस्‍तान के खिलाफ चल रहे मुकदमे में गवाही टली

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भागलपुर। औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की विभिन्न धाराओं के तहत मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड के विरुद्ध श्रम न्यायालय में चल रहे मुकदमे (रेफरेन्स केस नं0- 05 ।2008) में पीठासीन पदाधिकारी न्यायाधीश अशोक कुमार पांडेय ने 26 सितंबर, 2011 को संवाददाता श्रीकृष्ण प्रसाद के दो गवाहों क्रमशः नरेश कुमार गुप्ता और मन्टू शर्मा की गवाही और जिरह आगामी तीन नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

अगली सुनवाई 4 नवम्‍बर को होगी। न्यायाधीश ने मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली तिथि पर यदि कंपनी के अधिवक्ता न्यायालय में हाजिर नहीं होते हैं तो न्यायालय गवाहों की गवाही दर्ज कर लेगा। 26 सितम्बर को न्यायालय की कार्यवाही शुरू होते ही पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद ने अपने दो गवाहों की गवाही लेने की प्रार्थना न्यायालय से की। न्यायालय में उपस्थित अखबार के प्रतिनिधि ने पटना में कंपनी के अधिवक्ता के बीमार होने की स्थिति में समय की मांग की।

इधर, श्रीकृष्‍ण प्रसाद ने न्यायालय में हिंदुस्‍तान प्रबंधन द्वारा बहानेबाजी और मुकदमे को लम्‍बा घसीटने की शिकायत की और हिंदुस्‍तान के प्रार्थना को ठुकराने की अपील की। पत्रकार पक्ष की ओर से न्यायालय से दोनों गवाहों की गवाही दर्ज करने की मांग की गई, परन्तु हिंदुस्‍तान की तरफ से आए प्रतिनिधि के लगातार अनुरोध पर न्यायालय ने पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद के दोनों गवाहों की गवाही और जिरह की अगली तारीख 4 नवंबर तय की।

न्यायालय में श्रीकृष्ण प्रसाद ने सारे न्यायिक कार्य का संपादन स्वयं किया। गौरतलब है कि पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद मुंगेर मुख्यालय में दैनिक हिन्दुस्तान और अंग्रेजी दैनिक द हिन्दुस्तान टाइम्स के अंशकालीक संवाददाता के रूप में लगभग 16 वर्षों तक काम किया। प्रबंधन ने श्रीकृष्ण प्रसाद को दैनिक हिन्दुस्तान और अंग्रेजी दैनिक द हिन्दुस्तान टाइम्स से बिना किसी पूर्व सूचना के वर्ष 2002 के अगस्त माह में काम से हटा दिया था। तब से श्रीकृष्‍ण प्रसाद अखबार प्रबंधन के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं।

मुंगेर से काशी प्रसाद की रिपोर्ट.


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