पीटीआई के नाम पर पैसे लेकर पत्रकार बनाने वाले दो लोग पुलिस हिरासत में

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ऑनलाइन पीटीआई न्‍यूज एजेंसी के नाम से पोर्टल खोल कर पीटीआई ब्रांड नेम का इस्‍तेमाल करके जालसाजी करने वाले दो कथित पत्रकारों को गोरखपुर पुलिस ने हिरासत में लिया है. दोनों से पूछताछ की जा रही है. इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब आजमगढ़ के पीटीआई संवाददाता सुधीर सिंह ने एक विज्ञापन देखकर इन लोगों से संपर्क किया तथा दूसरी तरफ से पीटीआई संवाददाता बनाने के नाम पर पचीस हजार रुपये की मांग की गई.

जानकारी के अनुसार 27 को अमर उजाला में पीटीआई न्‍यूज एजेंसी का संवाददाता बनाने का विज्ञापन प्रकाशित हुआ था. विज्ञापन को देखकर सुधीर ने दिए गए नम्‍बर पर सम्‍पर्क किया तो दूसरी तरफ से बात करने वाले व्‍यक्ति ने अपना परिचय आरके चौहान के रूप में दिया तथा खुद को पीटीआई का पूर्वी उत्‍तर प्रदेश का इंचार्ज बताया. उसने सुधीर को संवाददाता बनाने के लिए पचीस हजार रुपये की मांग की. सुधीर ने तत्‍काल इसकी जानकारी पीटीआई के प्रदेश प्रभारी प्रमोद गोस्‍वामी को दी. प्रमोद गोस्‍वामी ने इस पूरे मामले की जानकारी डीआईजी, गोरखपुर को दी. जिसके बाद आरके चौहान एवं उसके सहयोगी साहनी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि दिल्‍ली से ऑनलाइन पीटीआई न्‍यूज एजेंसी के नाम पर इस पोर्टल का संचालन किया जा रहा है. कंपनी के लोगों से भी काफी पूछताछ की गई है. जिसके बाद पोर्टल पर अब लाल पट्टी में पीटीआई न्‍यूज या किसी अन्‍य एजेंसी से संबंध ना होने की बात लिखकर चलाई जा रही है. हालांकि पुलिस ने अभी इस संदर्भ में कोई लीगल कार्रवाई शुरू नहीं की है. बताया जा रहा है कि आरके चौहान ने कहा है कि उससे भी पैसे लेकर इंचार्ज बनाया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. इस खबर को जागरण ने भी अपने अखबार में प्रकाशित किया है, जिसे नीचे दिया जा रहा है.

दो जालसाजों को एसओजी ने उठाया

गोरखपुर: जिले की एसओजी टीम ने बुधवार की रात गोलघर में गणेश चौराहे के पास से दो जालसाजों को हिरासत में लिया। दोनों खुद को देश की एक प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी का कर्मचारी बता कर रिपोर्टर की भर्ती का विज्ञापन निकलवाए थे। न्यूज एजेंसी के लखनऊ ब्यूरो प्रभारी की शिकायत पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गणेश चौराहे पर न्यूज एजेंसी के नाम आफिस खोलने वाले दोनों युवकों ने आजमगढ़, मऊ और वाराणसी जिले के तहसील और ब्लाक स्तर पर रिपोर्टर की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले थे। बताते हैं कि पत्रकार बनने के इच्छुक लोगों से वे 50-50 रुपये की मांग कर रहे थे। बेहद खामोशी से चल रही इस प्रक्रिया की जानकारी किसी तरह से न्यूज एजेंसी के लखनऊ ब्यूरो प्रभारी को हो गई। उन्होंने इस संबंध में गोरखपुर के डीआइजी मुकेश शुक्ल से बुधवार की रात बात की। बाद में डीआइजी के निर्देश पर एसओजी टीम ने रात में साढ़े ग्यारह बजे छापेमारी कर दोनों को हिरासत में ले लिया। (जागरण)


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