डीजीपी के बयान के बाद आर्थिक भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त कारपोरेट मीडिया मालिकों की नींद उड़ी

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मुंगेर। बिहार के पुलिस महानिदेशक अभयानंद के मुंगेर मुख्यालय पर 12 अक्‍टूबर को राज्य के आर्थिक अपराधियों के विरुद्ध एक पखवाड़ा में बड़ी मुहिम शुरू करने की घोषणा से पूरे राज्य के बड़े-बड़े मीडिया कारपोरेट सेक्टर के मालिकों और भ्रष्ट सरकारी पदाधिकारियों की गठजोड़ की नींद मानो उड़ सी गई है। इस बयान के बाद से अरबों-खरबों रुपये के सरकारी विज्ञापन प्रकाशन घोटाला में शामिल बिहार के प्रतिष्ठित अखबार दैनिक हिन्दुस्तान के मालिक और घोटाला में संलग्न सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी परेशान हैं।

पुलिस महानिदेशक अभयानन्द ने मुंगेर में पत्रकार सम्मेलन में खुला ऐलान किया है कि बिहार सरकार एक पखवारे के अन्दर आर्थिक भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों या संस्थाओं के विरुद्ध एक बड़ी मुहिम की शुरुआत करने जा रही है। उन्होंने अंग्रेजी में कहा कि- ‘‘बिहार गवर्नमेंट इस गोइंग टू गिव मेजर ड्रस्‍ट ऑन इकॉनामिक अफेंडर्स''। पुलिस महानिदेशक ने राज्य की जनता से ऐलान किया है कि आर्थिक अपराध या अन्य संगीन अपराध से जुड़ी सच्ची और ठोस सूचनाओं को राज्य की जनता उनके नाम से विभाग के पते पर या उनके ई-मेल पर भेजने का काम करे। मिलने वाली सूचनाओं का अध्ययन कर वे खुद कार्रवाई सुनिश्चित करवाएंगे।

इस बीच, विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि पुलिस महानिदेशक का कार्यालय ई-मेल पर भेजे गए दैनिक हिन्दुस्तान के करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़ा के मामले में भड़ास4मीडिया डॉट काम पर छपी रिपोर्ट का अध्ययन गंभीरता पूर्वक कर रहा है। यदि पुलिस महानिदेशक अपने अध्‍ययन और मूल्यांकन में दैनिक हिन्दुस्तान के सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा की घटना को बड़े आर्थिक अपराध की श्रेणी में रखते हैं, तो आनेवाले महीनों में बिहार पुलिस को इस सनसनीखेज आर्थिक अपराध के मामले में जांच के आदेश भी मिल सकते हैं।

आपको बताते चलें कि विगत महीनों में भड़ास4मीडिया डाट काम ने कई श्रृंखला में मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड, जो बाद में मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड और अब मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, के अखबार दैनिक हिन्दुस्तान के बिना रजिस्‍ट्रेशन के भागलपुर और मुजफ्फरपुर से अवैध प्रकाशन और इसके जरिए अरबों रुपये के सरकारी राजस्व के लूट की खबरों को प्रकाशित किया था। उन सभी प्रकाशित खबरों को ई-मेल से पुलिस महानिदेशक के ई-मेल पते पर भेज दिया गया है।

इस बीच, बिहार की राजधानी पटना से मिल रही रिपोर्ट में बताया गया है कि इन दिनों पटना पत्रकार-जगत में यह चर्चा जोरों पर है कि -‘‘क्या बिहार पुलिस भड़ास4मीडिया डाट काम में प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के एक करोड़ के उपर की राशि के विज्ञापन फर्जीवाड़ा की जांच शुरू करने जा रही है? क्या बिहार पुलिस सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा में शामिल कोरपोरेट मीडिया जगत की हस्ती और फर्जीवाड़ा को जन्म देने और उसे फलने-फूलने में पत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय, पटना के शीर्ष पदाधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई करेगी?’’

अंत में बताते चलें कि बिहार सरकार के वित्त जांच दल, जिसका नेतृत्व वरीय अंकेक्षक दिनेश्वर गोस्वामी कर रहे थे, ने अपने जांच रिपोर्ट में उजागर कर दिया था कि किस प्रकार दैनिक हिन्दुस्तान ने एक करोड़ से अधिक राशि का सरकारी विज्ञापन मद में फर्जीवाड़ा किया। यदि बिहार पुलिस पूरे दस वर्षों के दौरान की जांच करती है, तो फर्जीवाड़ा की राशि कई करोड़ों में चली जायेगी। यद्यपि वित्त जांच दल ने मात्र दो वित्तीय वर्षों के मध्य का ही अंकेक्षण किया था।

मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट.


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