हिसार में अन्ना टीम की जीत तभी मानें जब कांग्रेस की जमानत जाए

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विनोद मेहता: अगर कुलदीप हारे तो समझो ट्रक पंचर था : हिसार उपचुनाव के परिणाम से पहले दो बातों की चर्चा खूब है. कुलदीप जीत गए और अन्ना फैक्टर काम कर गया. पहले अन्ना फैक्टर की बात करे. अन्ना फैक्टर का असर उस सूरत में नजर आता है जब कांग्रेस की जमानत जब्त होती है. लेकिन ये नही हो रहा. सीएम कांग्रेस की जमानत बचाने में कामयाब हो गए हैं.

कुलदीप जीत गए, ये हिसार की हवा में तैर रहा है, लेकिन चुनाव विश्लेषण के सारे पैमानों को खोलकर देखें तो अजय सिंह चुनाव जीतते हैं, कुलदीप एक ही सूरत में अजय सिंह पर भारी पड़ते हैं, जब वो आदमपुर से 30000 वोटों से अजय सिंह को पराजित करें और हिसार और हांसी से 25000 से करें, जिसकी संभावना बहुत ही कम है. उधर, नारनौंद, उचाना और उकलाना में अजय सिंह ने अपने लक्ष्य को हासिल किया है.

बूथ मैनेजमेंट की ताकत से बवानीखेड़ा, बरवाला और नलवा में अजय सिंह हार के अंतर को कम करने में सफल हुए हैं. इन तीनों हल्कों में कांग्रेस ने अनुमान से अधिक प्रदर्शन किया है. इन तीनों हल्कों में कांग्रेस का प्रदर्शन सुधरना कुलदीप के लिए  हानिकारक है. दुर्भाग्यपुर्ण है कि लोग थोक में वोट कुलदीप को देना चाहते थे. लेकिन थोक के माल के लिए जिस कार्यकर्ता की जरूरत होती है वो कुलदीप की सेना के पास नहीं था. अगर कुलदीप हारे तो समझो ट्रक पंचर था और गिरा हुआ माल अजय चौटाला के लोगों ने खींच लिया.

टोटल टीवी के पूर्व निदेशक विनोद मेहता का विश्लेषण.


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