सहारा को झटका : सैट ने छह सप्‍ताह के भीतर पैसा लौटाने का निर्देश दिया

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सहारा समूह कंपनियों की अपील खारिज करते हुए प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने उन्हें निवेशकों से वैकल्पिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के जरिये जुटाया गया धन छह सप्ताह के भीतर लौटाने का आदेश दिया है। सैट ने आज अपने आदेश में सेबी के निर्णय के खिलाफ सहारा समूह की अपील खारिज की जाती है।

अपीलीय न्यायाधिकारण ने अपीलकर्ता आज की तारीख से छह सप्ताह के भीतर निवेशकों को सेबी के पूर्णकालिक सदस्यों द्वारा निर्धारित शर्तों के तहत पैसा लौटाये। सेबी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए सैट ने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं के जरिये कोष जुटाने का मामला बाजार नियामक (सेबी) के क्षेत्राधिकार में आता है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि सहारा कंपनियों को कितना पैसा निवेशकों को लौटाना होगा जिन्होंने ओएफसीडी के जरिये पैसा लगाया था।

सैट ने दोनों कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कारपोरेशन (अब सहारा कमोडिटी सर्विसेज कारपोरेशन लि.) तथा सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कारपोरेशन को छह सप्ताह के भीतर पैसा लौटाने को कहा। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने जून में नियामक नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सहारा समूह की दोनों कंपनियों को ओएफसीडी के जरिये लाखों निवेशकों से जुटाये गये पैसे को लौटाने को कहा था।

इसी प्रकार का मुद्दा सहारा ने उच्चतम न्यायालय में भी उठाया था। न्यायालय ने तब मामले को सैट के पास ले जाने को कहा था। सहारा समूह ने सेबी के इस आदेश को सैट में चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गयी थी कि यह मामला सेबी के न्यायिक क्षेत्रा में नहीं है क्योंकि कंपनियां सूचीबद्ध नहीं हैं। उसमें कहा गया था कि कंपनियां निजी स्वामित्व वाली कंपनी है और वे कंपनी मंत्रालय के अधीन आती हैं। मामले में सहारा की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन की दलील को खारिज करते हुए सैट ने आदेश में कहा, इस दलील में कोई दम नहीं है। साभार : वन इंडिया हिंदी


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