पुलिस-प्रशासनिक उत्‍पीड़न के खिलाफ गाजीपुर के पत्रकारों ने मोर्चा खोला

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: जिला मुख्‍यालय पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू : गाजीपुर जनपद में प्रशासन द्वारा पत्रकारों का लगातार उत्पीड़न किये जाने की घटनाओं से क्षुब्ध होकर जनपद के समस्त पत्रकारों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय के सरजू पाण्डेय पार्क में अपना बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बसपा सरकार में प्रशासनिक स्तर पर हो रहे लापरवाही का इससे बड़ा मिसाल क्‍या होगा कि स्वयं लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।

पत्रकारों के धरना-प्रदर्शन पर बैठ जाने के चलते तमाम अखबारों व इलेक्ट्रानिक चैनलों के दफ्तर खाली पडे़ रहे। पत्रकारों के धरना प्रदर्शन को देखकर आम जनता में यह चर्चा जोरों पर रही कि इस शासन में जब पत्रकारों का ही यह हाल हो गया है कि उन्‍हें भी धरना-प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है तो अब आम जनता अपनी मांगों को मनवाने के लिए कौन सा रास्‍ता अपनाएगी।

गाजीपुर पत्रकार एसोसियेशन के तत्वाधान में धरना दे रहे पत्रकारों ने जिला प्रशासन की कार्य प्रणाली की तीव्र भर्त्‍सना करते हुए कहा कि वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार गुलाब राय पर हुये शर्मनाक मामले में पुलिस सात माह बाद अज्ञात आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर पायी और न लूटे गये कैमरे को बरामद कर पाई। पत्रकार अनिल उपाध्याय के जमीन सम्बन्धी विवाद में न्यायालय द्वारा बिना जमानती वारण्ट जारी होने के बावजूद नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। पत्रकार अनिल कश्यप के मुहल्ला झण्डातर स्थित दुकान सम्बन्धी विवाद में पुलिस द्वारा एकतरफा करते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवा करने की बजाय उल्टे पत्रकार अनिल कश्यप का ही उत्पीड़न किया जा रहा है। ईटीवी के छायाकार संजीव की गत 9 अक्टूबर को हीरो होण्डा मोटरसाइकिल रेलवे स्टेशन से गायब हो गयी, जिसकी बरामदगी पुलिस आजतक नहीं कर पायी।

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पत्रकार व प्रशासन के बीच सामन्जस्य स्थापित करने हेतु शासन के निर्देशानुसार स्थायी पत्रकार समिति का जिले में गठन किया जाय। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि इन मांग को यथाशीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आम नागरिकों को भी इस आन्दोलन से जोड़ा जायेगा और जब जनपद के पत्रकार, अधिवक्ता, बुद्धिजीवी, सामाजिक, राजनैतिक कार्यकर्ता, छात्र व अन्य संगठन जुड़ जायेंगे तो आन्दोलन की धार को रोकना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जायेगा।

धरने में वरिष्‍ठ पत्रकार कार्तिक कुमार चटर्जी, सत्येन्द्र नाथ शुक्ला, अशोक कुमार श्रीवास्तव, लोकनाथ तिवारी, अभय नरायण राय, अनिल निर्मल, राधेश्याम यादव, रामअवध यादव, आदित्य नरायण सिंह, जयशंकर राय, दयाशंकर राय, पंकज पाण्डेय, अनिल कुमार उपाध्याय, रितेश पाण्डेय, बालाजी पाण्डेय, आशीष कुमार राय, यशवन्त सिंह, दीपक दयाल पाण्डेय, बृजबिहारी पाण्डेय, डा. एके राय, विजयशंकर तिवारी, अनिल कुमार, राजकमल, अभिनव चतुर्वेदी, विनोद पाण्डेय, पदमाकर पाण्डेय, रमाकान्त पाण्डेय, आरसी खरवार, हरिनरायण, केके चटर्जी, नरेन्द्र पाण्डेय, राजेश खरवार, वेदप्रकाश शर्मा, सूर्यवीर सिंह, विनय कुमार सिंह, शशिकान्त यादव, राजेश दूबे, श्याम सिन्हा, आशुतोष त्रिपाठी, कृपाशंकर राय, अजय शंकर तिवारी, फुलचन्द भारती, अनिल कुमार अनिलाभ, अनन्त प्रकाश वर्मा, पं. कृष्ण बिहारी द्विवेदी, नवीन कुमार श्रीवास्तव, अविनाश प्रधान एडवोकेट, शशिकान्त सिंह, ललित मोहन, तुषार सिंह, विनोद सिंह, चन्द्र कुमार तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे। धरने की अध्यक्षता बीके राय एवं संचालन विजय कुमार मधुरेश ने किया।


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