अंधे हो गए हैं पटना के पत्रकार

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बिहार में पत्रकारिता के स्‍तर और तेवर को लेकर फेसबुक पर एक बहस चल रही है. आई-नेक्‍स्‍ट, पटना के संपादक रवि प्रकाश के स्‍टेटस पर बिहार में लालू और नीतीश के राज की तुलना पुरानी खबर और नई खबर के रूप में की गई है तथा बिहार में पत्रकारों के बदले चरित्र को ब्रेकिंग न्‍यूज बताया गया है. नीतीश के सुशासन में बिहार के पत्रकारों को खबरें नहीं दिखने के भी आरोप हैं. नीचे फेसबुक पर चल रही बहस.

पुरानी खबर,

लालू के कथित जंगल राज में लड़कियां रात आठ बजे के बाद घरों से बाहर नहीं निकल पाती थीं.

नई खबर-

१. नीतीश के सुशासन में भरी दुपहर लड़की सड़क पर नंगी कर दी जाती है.

२. रात में अकेली लड़की के साथ पटना में सामूहिक बलात्कार हो जाता है.

३. अपने भाई के साथ पटना आई लड़की की बलात्कार के बाद हत्या कर दी जाती है.

अब ब्रेकिंग न्यूज़-

बिहार के पत्रकारों को ये खबरें नहीं दिखती. अख़बारों में अन्दर के पन्नो पर कही चिपका दी जाती हैं ऐसी खबरें.

एक प्रतिक्रिया भी (कथादेश के ताज़ा अंक से) - सुशासन का डंका पीटा जा रहा है, पर वास्तविक स्थिति लालू युग से तनिक भी इतर नहीं है....मीडिया तो अभी केवल सुशासन बेच रहा है. यकीन मानिये, अगर अभी बिहार की किसी पत्रकार का सरेआम बलात्कार भी हो जाये, तो मीडिया उसमे ईश्वर कृपा ढूंढ लेगा. पर सरकार या प्रशःसन को दोष हरगिज ना देगा.

Alka Bhartiya :  इतनी जल्दी वास्तविक स्थिति बदलेगी भी नहीं दूसरी बात यह तो है ही की पत्रकार चाहें तो किसी को भगवन बना दें और चाहें तो शैतान जो स्टार पत्रकारों का होना चाहिए किसी बड़े बदलाव के लिए वोह तो है ही नहीं आज के समय मैं

Sunil Jha :  bihar sudhar jaye ga lekin adat sudharne men time lagega

Vishnu Rajgadia :  thanks for your status

Anant Kumar Jha : बिहार के पत्रकार अंधे नहीं हुए है, बल्कि सत्ता मद से उनकी आँखें चौंधिया गयी है या फिर सत्ता ने उनकी पत्रकारीय दृष्टि ही छीन ली है.क्यों बिहार और पटना के पत्रकारों की बातें कर रहे है? एक समय बिहार के पत्रकारों का राष्ट्रीय (दिल्ली वाली) में दख...ल होता था. उनकी बौद्धिक क्षमता का लोहा बड़े-बड़े मानते थे. अब स्थितियां और समय बदल गया है. हाँ, एक बात और अब सुशासन बाबु का समय है तो मीडिया को भी हर जगह वही दीखता है न, बांकी आम बिहारवासी जायं अपने अपने घर और शांति से बैठे क्योंकि बिहार बदल रहा है...पता नहीं कहाँ?

Krishna Bihari Mishra :  bihar me lalu ke pahle jab patna ke gandhi maidan me ek baar atal behari vajpayee ka bhashan sunne ka mauka mila tab vajpayee ne apne bhashan ke dauran kaha tha ki sushasan wohi hai, jab amawas ki andheri raat me 16-18 saal ki ladki, sone k...e aabhushan se ladi bina lisi rukawat athwa bina kisi chhitakashi ke apne ghar taq pahuch jayee, to samjho wahan sushasan hai, gar aisa nahi hai, to samjho use kya kaha ja sakta hai. ravi bhai ho sake to ye baate nitish taq pahucha dijiye, kyoki filhal vajpayee delhi me aswasth hai, bolne ki sthiti me nahi hai, rahi patrkaron ki to bechare apni patni aur bete-betiyo se uper uthenge tabhi to kuchh karenge, ye patrkarita thode hi kar rahe hai. 100 percent naukri hai aur aajkal naukri me kya hota hai batane ki aawshykta nahi.

Taichun Sharma :  ladkiya to kisi halat me surakshit nahi hai bihar me ...kiyuki jo apni biwi ka nahi ho saka wo kisi ka nahi ho sakta....rahi dusari bat maine kathadesh ka aank padha hai....aur abhi 4 mahine patna , chapra aur motihari rah kar dekhta raha h...u.....crime band nahi huaa hai....kewal kalewar badale hai....aaj bhi dhan ugahi jari hai....wahi nahi....jis trah india shine fail huaa tha...ye sushasan bhi dushasan me badal jayega....

Taichun Sharma :  ye sushasan nahi dushasan hai....yaha dropadi ka chir haran hota hai......sambhal jayooo bihar ki matri saktiyoooo

Anant Kumar Jha :  कृष्ण @ कोरी गपबाजी कर रहे थे वाजपेई जी! गुजरात की स्थिति एक अरब हिन्दुस्तानियों ने देखी थी.

Taichun Sharma :  sahi kaha aapne jha ji...godhara, sohrabuddin kand hamne dekha hai....

Ravi Prakash : अनंत, ये वही पत्रकार हैं जो आज से 5 साल पहले लालू की चमचई किया करते थे. वो घटना याद कीजिये, जब चारा घोटाले में लालू पहली बार जेल जा रहे थे. अपने को कम्युनिस्ट आन्दोलन की उपज बताने वाले पटना के एक बड़े पत्रकार इस तरह खबरें लिख रहे थे, मानो ...महात्मा गाँधी जेल जा रहे हो. इसी पत्रकार ने मीसा की शादी की खबर ऐसे लिखी, जैसे किसी राजकुमारी की शादी हो रही हो. आजकल वही पत्रकार बिहार के सबसे बड़े अख़बार में नीतीश की चमचई कर रहा है. बाकी जगहों पर उनके जैसे लोग नीतीश का ध्वज उठा कर घूम रहे हैं.

Anant Kumar Jha :  वाजपेयी जी जैसा बगैर रीढ़ का नेता हमने नहीं देखा. नरेन्द्र मोदी ने वाजपेयी जी की राजनीतिक हत्या कर दी और भाजपा जय गुजरात और जय नरेन्द्र मोदी करने लगी. कोई बड़ी बात नहीं अगर कुछ समय बाद वही नरेन्द्र मोदी हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री भी हो जाय? हैरत में मत पड़िए हिन्दुस्तान जादूगरों का देश है..याद है ना..

Ravi Prakash :  मित्रों, यहाँ हम केवल पत्रकारों और पत्रकारिता की बात करें. अनुरोध यह क़ि व्यक्तिगत कमेंट्स से बचा जाये.

Taichun Sharma :  sahi kaha aapne bhaiya...beyaktigat tippani se hum , mukhya marg se bhatak jayenge

Ravi Prakash :  Haan Shyam.

Pramod Kumar Jha :  Jha ek dham sahi BJP ke logo ko dekhana chaiya

Kundan Kumar :  sasan kisi ka ho...log to wahi hai...soch toh wahi hai...

Kundan Kumar :  ravi bhai...aarop lagane se aacha hai ... sawdhani barti jaye...waise aapka prayas sarahniye hai...

Kundan Kumar :  sayad patna ki ladkiyon aur patrakaron ki aankh khule..

Kushagra Rajendra : That is really shocking!!!

Mukesh Kumar :  चलिए मेरे अनुभवी पत्रकार दोस्तों...आप में कौन ईमानदार होने के दावे करते हैं..करनी और कथनी में फर्क नहीं होनी चाहिए...जब मीडिया हॉउस चलाने वाले ही बेइमान हैं तो फिर... पत्रकारिता अब पेशा नहीं...धंधा है दोस्त...

Mukesh Kumar :  सत्ता की रखैल बन गई है आज की पत्रकारिता....

Ravi Prakash :  ‎@ Mukesh, i hv an objection with ur thaught. As i think, nt a single media house is corrupt. I m editorial head in Dainik jagran group. I was with Dainik bhaskar as a Deputy editor b4 this. N i was with Prabhat khabar as a Resident editor.... I know these 3 media houses. They r nt corrupt. My exp is gud with these houses. Mr. Shashi shekhar of Hindustan told in an interview, that the editor is nt the PA of his owner. So, we are corrupt boss. No1 is compailing to 2 be corrupt. Corruption is deep inside our body n soul. So try 2 remove this without blaming any one yeilds!

Kundan Kumar :  patrakarita corrupt nahi...patrakar corrupt ho gaye hai...organization galat nahi hota...use rule karne wale galat hote hai...bhai...yeh waqt ladne ka nahi...sudharne ka hai..

Mukesh Kumar :  चलिए रवि प्रकाश जी, मैं आपकी ईमानदारी पर शक नही कर रहा.. ..लेकिन किसी भी मीडिया हाउस में संपादक-पत्रकार कम...मालिकों के समाचार प्रबंधक कहीं अधिक होते हैं...कुछ अपवादों को छोड़ कर...आप जो फेसबुक पर लिख रहे हैं...वह अपने अखबार में छाप कर दिखाइए...या मैं लिखता हूं सच..आप छाप कर दिखाइए...आप जिन अखबारों का जिक्र रहे हैं...उसके कितने पत्रकारों को ईमानदारी के प्रमाण-पत्र दे सकते हैं...

Mukesh Kumar :  एक बात और रवि जी....आपने इतनी जल्दी में 3 हाउस क्यों बदले...अच्छे पदों पर थे आप....

फेसबुक पर चल रही इस बहस में शरीक होने के लिए क्लिक करें- रवि प्रकाश का स्टेटस


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Comments (4)Add Comment
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written by ajay kr tiwari, July 03, 2011
Bihar k Reporter ko susasan ki or s har mahine salary de jati hai, Toh susasan ka gungan karna unki majburi hai........
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written by Om Pal singh, April 22, 2011
Patrkarita ko kuch hee logo ne hi ganda kar diya hai. isse all patrakarita jagat ko hi yaha din dekhane ko mil gaya hay.
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written by raman, April 22, 2011
bihar mein i nex hi ptrakarita ksj jaha hai uadi kaha jae to i next bihar ki imandar patrakarita ko bhae hue hai.yaha ke bhai logo ne apne iman skl gijvi rakh diya hai chahe wah sampadak ho ya phir manegment sk [dhikari. aaj bihar ki patrakarita mei is baat ki pratiyogita chal pari hai ki kon nitish ki belchagiri mei sabse aage hai. ravi jee welldone i am with you.
raman. patna
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written by sanjay ranjan, April 22, 2011
aaj ke daur mein sach kaho to patrakarita hai hi nahin. har koi apnee yaa to naukari bacha raha hai ya mazboori hai naukari karney ki,

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