लंदन का 'शाही शादी कांड' और रवीश की फेसबुकी कमेंटरी

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रवीश कुमार से कभी कभी मुझे ईर्ष्या होती है. ये आदमी इतना क्रिएटिव हर वक्त कैसे बना रहता है. रवीश की रिपोर्ट जब एनडीटीवी पर देखता हूं तो देखता ही रह जाता हूं. लगता है कोई अदभुत किस्म की फिल्म देख रहा हूं जो हर तरह के भाव मन में पैदा कराए जा रही है, न चाहते हुए भी. मानवीय संवेदना, उल्लास, खिलंदड़पना.... इतने रस रंग भाव रवीश की रिपोर्ट में होते हैं कि आंखें हटती नहीं. और यही रवीश जब फेसबुक पर होते हैं तो भी उतने ही सहज.

लंदन में जो शाही शादी कांड हुआ है, जिसके बाराती अपने भारतीय न्यूज चैनल भी थे, को रवीश फेसबुक पर अदभुत अंदाज में प्रजेंट करते हैं. वो एक आम भारतीय की तरह पूरे लाइव हालात पर कमेंट करते रहते हैं. फेसबुक पर कई कमेंट रवीश कुमार ने लिखे हैं. उन सभी को बटोरकर यहां पेश कर रहा हूं. आखिर से पढ़िएगा, क्योंकि आखिरी वाला सबसे पहले लिखा था और ये जो सबसे पहला है, सबसे आखिर में लिखा गया है, मतलब सिर के बल चलिए, या नीचे से पढ़िए. और हां, बिलकुल लास्ट में जगदीश्वर जी का एक फेसबुकी स्टेटस, जो इसी शादी कांड पर है, डाल रहा हूं. शादी आपको कैसी लगी, बताइएगा, नीचे के कमेंट बाक्स के जरिए. -यशवंत


Ravish Kumar अपनी नई मल्लिका के स्वागत में जमा हुए लाखों लोग और गांव-गांव में इस शादी को लाइव देखते लोग अपनी आंखों में कैसी शादी का सपना लिये लौटे होंगे। बादशाह जैसा होने का ख़्वाब हर मुलाज़िम का होता है। यही ख्वाब उसे मालिक के ख़िलाफ़ भी कर देता है। फिर उस बहस का क्या होगा जो मेहमानों और पकवानों की संख्या पर लगाम लगाने पर हो रही है। वैसे शाही मंज़िल से केट की छलकती मुस्कुराहट बेहद ख़ूबसूरत लगी। बेहद सफेद।

Ravish Kumar ये शादी का पहला बोरिंग पार्ट है। पादरी जी का लेक्चर जंच नहीं रहा है।

Ravish Kumar तुम बनी है जीवन संगीनी, रंग भर देना जीवन में, मैं बना हूं जीवन साथी, संग रहूंगा हर क्षण में- केट-विलियम के पावन मिलन पर।

Ravish Kumar दोस्तों शादी की खुशी में आज शाम रवीश की रिपोर्ट न भूल जाना। बनियान, बिल्ली और बंगाल

Ravish Kumar केट की ख़ूबसूरती पर बात करूं या चर्च की वास्तुकला पर या फिर उसे भव्य बना रहे कैमरे की निगाह पर। शादी के बहुत से एंगल हैं। बीबीसी ने अच्छा कैमरा वर्क किया है। कोई त्रुटि नहीं है।

Ravish Kumar बच्चे फिर से गाने लगे हैं। सुन्दर गाना है। नज़ारा मनोरम है। कैमरा चर्च की दीवारों से सरगोशियां कर रहा है। ऊपर से नीचे तक निहारता हुआ हमारी आंखों को ज़मीन पर लाता है और फिर बारातियों के हिलते होठों में कहीं गुम हो जाता है। अद्भुत। ऐसी शादी तो हमारे गांव के पाठक बाबा की बेटी की भी नहीं हुई थी। कुआं में चीनी घोल दिये थे पाठक बाबा। ईश्वर केट और विलियम की जोड़ी सलामत रखना। बच्चे तुम्हें दुआएं देंगे।

Ravish Kumar दुल्हा-दुल्हन अब बैठ गए हैं। मयूर कुर्सी नहीं दी गई है। सिंपल चेयर ही है। दोनों कुछ पढ़ रहे हैं।

Ravish Kumar तुम सदा सुहागन रहो। सुखी रहो। खुश रहो केट। विलियम तुम भी। केट का ख्याल रखना। जिसने पत्नी का दिल जीत लिया वो दुनिया का बादशाह होता है। केट तुम भी विलियम का ख्याल रखना। सिपाही आदमी है। कभी युद्ध-वुद्ध की बात करे तो समझाना। आदमी बना देना। सास-ससुर का ख्याल रखना। दिवंगत सास डायना का भी।

Ravish Kumar हिन्दू धर्म के भी तमाम देवी-देवता बुलाए गए हैं। कुल देवता को भी कार्ड भेजा गया था वो गांव में ही रह गए। उनका वीज़ा नहीं बन पाया लेकिन चर्च की बालकनी से हमारे देवी-देवता हाथ उठाकर आशीर्वाद दे रहे हैं। पुष्प वर्षा हो रही है। दुल्हन वाकई खूबसूरत लग रही है। दुल्हे थोड़ा अजब लग रहा है। कोई बात नहीं। सिपाही के लिबास में दुल्हा आदमी नज़र नहीं आ सकता। इसलिए सारा फोकस दुल्हन पर है।

Ravish Kumar ये शादी संविधान के तहत हो रही है या चर्च के विधान के तहत। आज रात होगी बहस। हमारे मेहमान होंगे वही जो शादी में नहीं जा सके हैं।।

Ravish Kumar कारपेट और दुल्हे के कपड़े का रंग एक ही है। किसने डिज़ाइन किया है।

Ravish Kumar बारात में आए लोगों को गाना भी पड़ रहा है। हमारे यहां इंडिया में लोग नाचते हैं। इनके यहां लोग गाते हैं। सिस्टम सेम ही है। आइटम डिफरेंट है।

Ravish Kumar लंदन की सड़कों पर छह लाख लोग खड़े हैं. किसी के लिए खाने-पीने का इंतज़ाम नहीं किया गया है। गुलाब जल का छिड़काव हुआ है या नहीं। अभी हम इसकी जानकारी अपने संवाददाता से लेंगे।

Ravish Kumar पटना के मशहूर मूसा बैंड की कमी खल रही है। भगवान ऐसी शादी सब को दे। इसके लिए डेमोक्रेसी को हटा कर राजाक्रेसी लानी होगी। मेरी दुआ लगेगी और हर लड़का-लड़की का सपना पूरा होगा। मूसा बैंड नहीं है तो क्या हुआ। इंप्रूव योर क्लास और इंज्वाय जैज म्यूज़िक। ये शादी है या शूटिंग?

Ravish Kumar यह शादी पूरी तरह से इंग्लिश में हो रही है। मगर हम हिन्दी न्यूज वाले बजट की तरह ट्रांसलेटर के बिना ही हिन्दी में बता रहे हैं। देखिये देखिये। इंग्लिश में भी कैसे होती है शादी।

Ravish Kumar केट अपने गाउन को लेकर उतर गईं हैं। दर्ज़ी ने फालतू में कपड़े बर्बाद किये हैं. गाउन के बाकी कपड़ों से पर्दा बन सकता था। माफ कीजिए कमेंटेटर ग़रीब देश से आता है इसलिए शाही जश्न को ठीक से समझ नहीं पा रहा है। नो नो सर। गिव मी चांस। मुझे भी मज़ा आ रहा है। केट का गाउन उठाए एक लड़की चल रही है। वो कौन है। केट ने अच्छा किया है गाउन बटोरने वाली लड़की को साथ लेकर। वो मुस्कुरा रही है। खूबसूरत। बहुत खूबसूरत। पंडी जी रेडी रहिए।

Ravish Kumar सारे हिन्दी रिपोर्टर केट के खाली किए गए कमरे में पहुंच गए हैं। यहां सोई थी केट। इस टेबल पर नाश्ता किया था. ये देखिये सेब की एक कतरन बताती है कि चर्च निकलने से पहले केट ने सेब खाए। ड्रेसिंग टेबल में तीन रंग के लिप्स्टिक के निशान है। इसका मतलब केट काफी कंफ्यूज़ थी। इस कमरे में पानी लेकर गए वेटर जार्ज हैरी सिंह हमारे साथ है। बताई केट ने कब कब पानी पी। आप देख रहे हैं फेसबुक पर शादी लाइव।

Ravish Kumar छोटे-छोटे बच्चे भी राजसी परिधानों में राजा-राजा या राजा-रानी खेल रहे हैं। अच्छा लग रहा है। राजपरिवार को फलता फूलता देखकर।

Ravish Kumar और ये चल पड़ी केट की वीएसएनएल कार...कोई ट्रैफिक जाम नहीं है। अतएव दुल्हन के टाइम पर पहुंचने की संभावना है।

Ravish Kumar आसमान का रंग नीला है, हवा में जोश है, लोग बेहोशी के आलम में सड़कों के किनारे जमा है, कारें आ रही हैं, जा रही हैं। एक झलक में दिखते हैं, दूसरी झलक में गायब हो जाते हैं। केट अपने गाउन को लाद कर कार में बैठ चुकी हैं। सभी कारों की वैक्स पॉल से अच्छी धुलाई की है। लोग खुशी के मारे झंडा हिला रहे हैं। आप देख रहे हैं दिल्ली से लंदन का सीधा प्रसारण।

Ravish Kumar बहारों फूल बरसाओ...मेरा महबूब आया है...बारात का सीधा प्रसारण....नाश्ते का कोई प्रबंध नहीं है। दालमोट और काला जामुन होना चाहिए था। सब सूखे-सूखे मुस्कुरा रहे हैं।

Ravish Kumar पप्पूराजू (पपराज़ी) फोटोग्राफरों, अब तुम लोग कैट-विलियम को मत रगेदने लगना एक फोटो के लिए। बहारों-फूल बरसाओं..मेरा महबूब आया है....रफी चचा के इस गाने को मैं गाज़ियाबाद में बजा रहा हूं। लग रहा है देश में बसंत मन रहा है। अहा। टीवी खोलो प्रियवर, आई है कैट विलियम को गले लगाने को, भेज रहा हूं स्नेह निमंत्रण मित्रवर तुम्हें बुलाने को।

Ravish Kumar कहार न्यौता लेकर जा रहा है। पांच किलो चूड़ा, पांच किलो दही और दो किलो सतुआ। सपने में कैट आई थी। हमने कहा तुम्हारी शादी सब देखेंगे। तुम भी ठीक से देख लेना अपनी शादी। हिन्दुस्तान के पूर्व मलिकार की पतोहू बनने वाली हो। कैट ने बुलाया तो नहीं मगर आशीष दे दिया। बोल रही थी मुझे मिस करेगी। क्या फर्क पड़ता है। मैं तो इक ख़्वाब हूं,तू ख़्वाब से प्यार न कर...सुनने लगा।

रवीश के फेसबुकी स्टेटस से साभार


शाही शादी कांड का जनपक्ष

Jagadishwar Chaturvedi आर्थिकमंदी के दौर में ब्रिटेन की राजशाही का दौलत का भौंड़ा प्रदर्शन है शाही शादी। सारी दुनिया में आर्थिकमंदी से लोग अभी उबरे नहीं हैं। ऐसे में टीवी पर शाही शादी का भव्य प्रदर्शन गरीबों का अपमान है। कायदे से सादा समारोह में शादी होनी चाहिए थी। आपकी क्या राय है?

Royal wedding: Kiss of life in times of recession

RASHMEE ROSHAN LALL, TNN | Apr 30, 2011, 12.31am IST

LONDON: With millions around the world watching, Britain marketed its made-for-television royal wedding with more truthfulness than perhaps it realized. It somberly played it as the faithful epitome of its slightly scruffy, somewhat stuck-up 21st-century self; the union of a yearning recession-hit majesty and rude modernity. The self-conscious, careful display of austerity in a country wracked by severe cuts in public services was similar to the then Princess Elizabeth's wedding in November 1947, when Britain had just lost India, the brightest jewel in the imperial crown.

Till she received her Wartski wedding ring of Welsh gold from her prince, Kate Middleton wore little jewellery other than a 1936 Cartier 'halo' tiara of some historic value and spanking new diamond-set oak leaf earrings inspired by her middle-class family's new coat of arms. Her train, which measured just under three metres, was one-eighth that of Diana, the late mother-in-law she never met, and presumably shaved a few bob off the bill.

Minor royals and some other guests were bussed to Westminster Abbey, the wedding venue, even though royal aides quaintly insisted the vehicles were motor coaches, not buses. The champagne served to 650 guests at the buffet lunch hosted by the groom's grandmother, Queen Elizabeth II, at Buckingham Palace, was a notch or two below the best in the market. And unlike the choices available to Charles and Diana, Prince William's parents 30 years ago, the newly created Duke and Duchess of Cambridge cannot choose the royal yacht for a paparazzi-free honeymoon. It would seem extravagant to take a private jet to some indulgent faraway idyll.

The tattered majesty, offset by the pomp that is the product of spit and polish, red military uniforms and gold braid, was quietly laced with robust modern mores. The bride wore virginal white even though she has lived with the groom for years. Her dress featured a strapless corset that some thought either Victorian or Baywatch in style. And the couple puckered up not once but twice on the Palace balcony, underlining the belief that in a time of economic doom and increasing geopolitical irrelevance, a wedding and the meeting of lips may be the kiss of life. (TOI story)


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Comments (4)Add Comment
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written by SHEKHAR JHA, May 01, 2011
अजीब है आपकी सोच मान्यवर. कितना फक्र महसुस कर रहे हैं आप रवीश की फेसबुक कमेन्ट्री सब के सामने रख कर. खैर यह आपका दोष नहीं पत्रकारिता जगत का ही है. रवीश की कमेन्ट्री अमेरिका में आये तूफ़ान से बड़ी बात नहीं हो सकती. ये मीडिया जगत भी अजीब है. 8500 पत्रकार पहुचे थे शाही शादी को कवर करने में. तूफ़ान से हुई तबाही को तो सब उस दिन भूल ही गए थे. वैसे भी शर्म आणि चाहिए हमें जिनकी वजह से हमारे पूर्वज ने गुलामी के ज़िन्दगी झेली थी. आज फिर से हम अपने trp के चक्कर में गुलामी की याद दिला देते हैं.
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written by Rupesh, April 30, 2011
Mallika aur malika me farq samjhiye janaab. aur kuch nahin bolne ka. Is mulk ke log Anna Hazare ke saath fast bhi kar sakte hain aur chhah ghante Hukumate Bataaniya ke shahzaade ki shaadi bhi dekh sakte hain. Himmat ho to Bastar ki khabar dikhao.
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written by Indian citizen, April 30, 2011
यहां के लोग खामखाह में दीवाने हो रहे हैं. बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना. जिन्होंने हमारे ऊपर जुल्म ढ़ाये उन्हें लेकर हमारी मीडिया की दीवानगी...??
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written by fasto, April 30, 2011
Kya ka Kya bana diya., aur aap shab ko 'ADBHUT KISM' ki film najar aa rahi hai. Raja Rani ki shadi Aise nahi hogi to kya fakiro jaise hogi. Shabdo ki Bajigari ko Cretivity ka naam de rahe hai. Mjhe to unki Report sadev Purvaagrh say grasit lagti hai, vo kabhi apni badhi hui Mansikta say bahar nikal hi nahi paye. Najariye , najariye ki baat hai........

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