फेसबुक पर मदिरा महात्म्य... अथ श्री राजू मिश्रा उवाच

E-mail Print PDF

वेब-ब्लाग ने बहुत से लोगों को मंच प्रदान किया है. संपादकों से दूर. संपादन से परे. जो दिल में वो जमाने के सामने. इंटरनेट ने पोर्टल, ब्लाग, फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिए इस सदी के मनुष्यों को अभिव्यक्ति की सबसे बड़ी आजादी दी है. इसी कारण इसे न्यू मीडिया और भविष्य का मीडिया कहा जाता है. फेसबुक पर हिंदी समाज के लाखों लोग सक्रिय हैं. पत्रकार से लेकर आम पढ़े लिखे युवक तक फेसबुक के जरिए अपनी फोटो, विचार, भावना आदि को व्यक्त करते हैं.

इसी में एक हैं राजू मिश्र जी. लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं. फेसबुक पर राजू मिश्र अपने चटपटे मदिरा महात्म्य के प्रकटीकरण के लिए जाने जाते हैं. राजू के मदिरा पुराण की कुछ पंक्तियों को अगर कोई एक बार पढ़ ले तो बिना मुस्कराए नहीं रह सकता. जटिल होते मनुष्य के बीच राजू मिश्र सहजता और सादगी की अलख जगाए हैं. ये अलग बात है कि उनका विषय मदिरा है जिस पर हिंदी समाज नाक-भौं सिकोड़ता है लेकिन इसी समाज के लोग इस मदिरा का चुपचाप सेवन का आनंद लेने से भी नहीं चूकते.

राजू मिश्र ने हिम्मत का काम किया है. उन्होंने मदिरा से जुड़े अनुभवों, बातों को छोटी छोटी लाइनों में पिरोकर सबके सामने रखा है और एक तरह से दारूबाजों को फेसबुक पर एक छोटा सा कोना दिया है. यहां पेश है राजू मिश्र के फेसबुकी स्टेटस से उधार ली गई कुछ लाइनें. अगर अच्छा लगे तो राजू जी को दाद देना न भूलें. और बुरा लगे तो अपनी भड़ास निकालने का काम भी न छोड़ें. -यशवंत


  • ... शराब किस पात्र में पीनी चाहिए ? जवाब कहीं नहीं मिलता। विभिन्न धातुओं के गिलास में, चुल्लू में, दोने में, प्लास्टिक की पन्नी के अलावा भी न जाने किस-किस पात्र में भरकर पीता रहा। मगर कभी सेहत को नुकसान नहीं हुआ।वाकई चाहे जिसमे पियो, नशा बराबर ही देती है शराब। आपको किस पात्र में पीना बढिय़ा लगता है बंधु !!! चीयर्स...जय हो।

  • मदिरा, मनुष्‍यता प्रदान करती है। मदिरा पान न करने वाले तिकड़मी और खुराफाती होते हैं। सरकार को मदिरापान न करने वालों के मतदाता पहचान पत्र और पैनकार्ड जब्‍त कर लेने चाहिए। मदिरा पियो, चैन से जियो। चीयर्स...जय हो।

  • .... काश !!! नौकरी का लफड़ा न होता, दिन भर पीता, लिखता। चीयर्स....जय हो।

  • .... गंगा किनारे तरबूज संग मदिरापान का मजा निराला है। करीब के किसी गांव में गाना बज रहा है- .... मैं करूं तो साला कैरेक्‍टर ढ़ीला है। चीयर्स....जय हो।

  • .... आपातकालीन सुविधा मदिरा की दुकानों पर भी होनी चाहिए। चीयर्स....जय हो।

  • .... पियक्‍कड़ कभी फालतू के पचड़े नहीं पैदा करता। वह जीते-जी अपनी संपदा के वारे-न्‍यारे कर देता है ताकि फालतू का कोई चक्‍कर ही न रहे। बासी बचे, न कुत्‍ते खाएं। मैजिक मूवमेंट संग तपती दोपहर से निपटने की जुगत जारी है। चीयर्स....जय हो।

  • ... पियक्कड़ अलसुबह जागता है। देर से जागकर वह अपना दिन छोटा नहीं करता। जीवन जीने की कला तो पियक्कड़ से सीखनी चाहिए बंधु। चीयर्स...जय हो।

  • ... झूठी शान में पियक्कड़ का यकीन नहीं। वह कभी शेखी नहीं बघारता, गनर लेकर नहीं चलता। चीयर्स...जय हो।

  • केट और विलियम लिक्विड़ में क्‍या लेंगे ? अपुन तो मैजिक मूवमेंट में मस्‍त हैं। चीयर्स...जय हो।

  • .... केट-विलियम परिणय के दौरान मदिरा कितनी पी गई होगी ? बता सकता है कोई ? जल्‍दी बताओ बंधु। चीयर्स...जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ के बाल कभी सफेद नहीं होते। वह गंजा होने से भी आजीवन बचा रहता है। वस्‍तुत: मदिरा एक चमत्‍कार है और उसके गुण जाहिर है, चमत्‍कार ही होंगे। चीयर्स... जय हो।

  • ... पियक्कड़ से बड़ा वीआईपी कोई नहीं। वह कभी लाइन में नहीं लगता। जहां पियक्कड़ खड़ा है, लाइन उसी के पीछे से शुरू हो जाती है। चीयर्स...जय हो।

  • ... मदिरा मनुष्य की सबसे पक्की साथी बांकी सब गद्दार ... चीयर्स ... जय हो।

  • शहर दर शहर खाने का स्वाद बदल जाता है। चाहे किसी भी शहर में जाएं पर मदिरा का स्वाद नहीं बदलता। वाह रे प्रभु! तेरी लीला अपरंपार। कानपुर में वृद्धभिक्षु के संग चीयर्स...जय हो।

  • ... मुल्‍क से भ्रष्‍टाचार का सफाया तो पियक्‍कड़ के ही बूते की बात है जी। अन्‍ना तो ता-ता -धिन्‍ना हो गए बंधु। चीयर्स....जय हो।

  • ..... सुबह से मौसम सुहाना है। कुदरत पियक्‍कड़ों पर सदा मेहरबान रहती है। ब्‍लैकलेबिल से दिन की शुरुआत, शीतल हवा के झोंके ऐसे में बहुत सुख दे रहे हैं। चीयर्स....जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ कभी भी किसी से फौरन मिल सकता है। वह अन्‍ना नहीं जो पीएम से मिलने का टाइम मांगता फिरे। चीयर्स.....जय हो।

  • ..... सिविल सोसाइटी पियक्‍कड़ों के दम पर ही आबाद है वरना इसका कोई वजूद नहीं। अजी कौन पूछता है इन चिरकुटों को, खाली गाल बजाते रहते हैं और खुश हो जाते हैं। पियक्‍कड़ बेवजह गाल नहीं बजाता और न फालतू में मीटिंगबाजी करता है। संडें का सफर ब्‍लैकलेबिल के संग सुहाना है। चीयर्स...जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ों की समस्‍याएं सुलटाने के लिए लगे हाथ जन लोकपाल ( मदिरा ) की तैनाती भी की जानी चाहिए वरना ईट से ईट बजा दी जाएगी। चीयर्स....जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ का शरीर मरता है, कीर्ति अमर रहती है। चीयर्स....जय हो।

  • .... सब गुर्राते हैं ' नशा नाश कर देती है ' - ठीक है, लेकिन संसार में कोई एक भी बंदा ऐसा बता दें जिसने नशा न किया हो ? इंद्र से लेकर वीरेंद्र तक....स्‍वर्ग से लेकर नर्क तक ? ब्‍ल्‍यूलेबिल की संगत में सुबह से हूं... आज सब कुछ नीला-नीला नजर भी आ रहा है। चीयर्स....जय हो।

  • ..... सैकड़ों लोगों के घर आज अखबार नहीं आया। नेट पर अखबार बांचते वह मजा कहां ! गलती भी मेरी है। देर रात प्रेम जागा तो हाकर साहब का पेट लिक्विड़ से फुल करवा दिया । अब इसे गलती कहें चाहे गरीब से मोहब्‍बत !ब्‍ल्‍यूलेबिल के साथ नेट पर अखबार देखते हुए शुभ प्रभात। चीयर्स....जय हो।

  • .... तन, मन और आत्‍मा के पवित्रीकरण के निमित्‍त मदिरा की बनिस्‍पत दूसरा अन्‍य कोई उत्‍कृष्‍ट साधन नहीं। मदिरा पियो और जीवन धन्‍य करो। चीयर्स....जय हो।

  • .... अगर कभी रामराज्‍य आया तो क्‍या मदिरा की बिक्री होगी ! और यदि मदिरा न मिली तो क्‍या वह वास्‍तविक रामराज्‍य कहलाएगा !!! अपना विचार सच-सच बताना बंधु। चीयर्स....जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ से बड़का धर्मात्‍मा कोई नहीं। वह पुरुषों में उत्‍तम है, सदा मर्यादित आचरण रहा है उसका। पियक्‍कड़ वस्‍तुत: एक भद्र प्राणी है। चीयर्स....जय हो।

  • ... हर भ्रष्‍टाचारी को जूते मारो चार, एक क्रैट पाओ इनाम। चीयर्स ..आज की मस्‍तानी सुबह के नाम... जय हो।

  • ..... अनशन समापन के लिए आपकी नजर में आदर्श पेय क्‍या है बंधु !!! चीयर्स....जय हो।

  • ...... अब नौकरी करने की जरूरत हे या आंदोलन !!! पीते और पिलाते हुए इस बारे में सोचकर दिल की बात बताइएगा। चीयर्स....जय हो।

  • ..... ये लोकपाल जी पियक्‍कड़ों का कितना भला कर पाएंगे !!! बताओ बंधु अगर कुछ अनुमान है तो। चीयर्स....जय हो।

  • ..... भ्रष्‍टाचार और भ्रष्‍टाचारियों से जूझने का जज्‍बा जगाती है मदिरा। मदिरा पियो और भ्रष्‍टाचार से जूझो। अन्‍ना तुम संघर्ष करो, हर पियक्‍कड़ तुम्‍हारे साथ है। चीयर्स.....जय हो।

  • .... भ्रष्‍टाचार से पियक्‍कड़ भी बहुत तंग हैं। मदिरा के मूल्‍य तय करने से लेकर बिक्री तक में भ्रष्‍टाचार। ऐसे कैसे चलेगा बंधु !!! अन्‍ना तुम संघर्ष करो, पियक्‍कड़ भी साथ हैं। चीयर्स....जय हो।

  • ..... बीयर का मजा ही अलग है, अब तक दस हो चुकी हैं। दूसरों से बात करने का मजा तो सब लेते हैं, खुद से भी कभी बाते किया करो बंधु !!! खुद से बातें करने में बीयर बहुत मददगार है। चीयर्स.....जय हो।

  • ..... पियक्‍कड़ कभी उपवास नहीं रखता। उपवास तो कमजोरों और कामचोरों की निशानी है बंधु !!! चीयर्स....जय हो।

  • ....भ्रष्‍टाचार की मुखालफत पहले पहल पियक्‍कड़ ने ही की, अब तो न पीनेवाले लोग हाय तौबा मचा रहे हैं। डटकर पियो और भ्रष्‍टाचार से जूझो। चीयर्स...जय हो।

  • .....कुर्सी बदल जाए चाहे गिलास, पियक्‍कड़ पर कोई फर्क नहीं पड़ता। चीयर्स.....जय हो।

  • .... विश्‍वकप विजय के बाद अब चारो ओर बकर-बकर का दौर जारी है। बहुत बकर-बकर करने में पियक्‍कड़ का यकीन नहीं। नपी-तुली बातें पियक्‍कड़ की सबसे बड़ी खुसूसियत है। चीयर्स....जय हो।

  • ..... अब आप तैयार हो जाओ, कमर कस लें। विश्‍व मदिरा कप का अयोजन जल्‍द। जमकर पियो बंधु, यह कप भी जीतना ही है, बड़ा प्रेस्‍टीजियस है। चीयर्स ... जय हो।

  • ... विश्‍वकप विजय ने अमीर-गरीब के बीच की खाई पाट दी, उल्‍लास ने ठाठें मारी, क्‍या गजनी - क्‍या रजनी, सब एकाकार हो गए। जाम में फंसकर जाम टकराने का मजा भी निराला है बंधु। तेरा क्‍या होगा मलिंगा !!! चीयर्स... मुबारकबाद....जय हो।

  • .... विश्‍वकप जीतने की बात तो पियक्‍कड़ शुरू से ही कर रहे थे, तब लोग यह बात मजाक मानते थे। आज जब पियक्‍कड़ की बात सच साबित हुई तो सब इतरा रहे हैं। चीयर्स....जय हो।

  • मैजिक मूवमेंट संग मैच का मजा निराला है, विश्‍वकप तो अब हमारा है। चीयर्स...जय हो।

  • बजा पियक्‍कड़ों का डंका, अब हार जाएगी लंका। आप सभी को विश्‍वकप जीतने पर एडवांस में बधाई। चीयर्स...जय हो।

  • .....मदिरा पीनेवाले को कभी कोई मूर्ख नहीं बना सकता। मदिरा पियो, मूर्ख बनने से बचो। चीयर्स......जय हो।

  • .... पियक्‍कड़ को छोड़कर दुनिया मूर्ख ही तो है !!! वास्‍तव में मदिरा ही मनुष्‍य को मूर्खतापूर्ण आचरण से बचाती है। चीयर्स....मूर्ख दिवस पर आप सबकी जय हो। !!

  • .....पियक्‍कड़ कभी शैम्‍पू का इस्‍तेमाल नहीं करता। मदिरा तन-मन को फिट रखती है। चीयर्स....जय हो।

  • ...बाजार में मेड इन चाइना सामान काफी कुछ अच्‍छा और सस्‍ता भी है। मगर मदिरा....राम बचाएं, एकदम बिना नमक की दाल जैसी। व्‍हाट जिंताओ !!! घटिया मदिरा क्‍यों बनवा रहे हो जॉनी। ब्‍लैकलेबिल संग आज का दिन मैच के नाम। मदिरा संग मैच का मजा निराला है। चीयर्स....जय हो।

  • ..... दुनिया में सिर्फ पियक्‍कड़ ही वंशवाद का सख्‍त विरोधी है। वह नहीं चाहता कि उसकी औलाद कभी पियक्‍कड़ बने। औलाद खुद पियक्‍कड़ बन जाए तो बात अलग है बंधु !!! चीयर्स....जय हो।

  • एक मित्र कुछ भचकते हुए चलते हैं। कभी-कभी विकलांग समझकर लोग उन्हें अलहदा रिस्पेक्ट भी देते हैं, ऐसे में महाशय खुश होते हैं। वाइन शॉप पर कान में मोबाइल लगाए जनाब पहुंचे। मोबाइल पर वार्ता जारी थी। बोले "  ओके। आई वि कॉल यू "  और तत्काल क्र्वाटर खरीदने में लग गए। भीड़भरी शॉप में पौव्वे की खरीदारी निपटी तो बाहर निकलते हुए उनके चेहरे पर" 'विजेता"  की मुस्कान तैर रही थी। अब उनकी चाल से भचकने वाला लुक गायब हो चुका था। चीयर्स....जय हो।

  • ध्यान रखिए !!! क्रांति पियक्कड़ों को ही करनी है, परमात्मा को नहीं। पिएं, खूब पिएं मगर यह ध्यान अवश्य रखें कि भीड़ को लेकर आपको चलना है, किसी की भीड़ में नहीं शामिल होना है। चीयर्स...जय हो।

  • ...पियक्‍कड़ों की अगर सरकार बनी तो राष्‍ट्रगान भी बदलना होगा। मुन्‍नी बदनाम हुई, शीला की जवानी, रंग बरसे, आखिर किस गीत को राष्‍ट्रगान बनाना उचित होगा ? जवाब सही मिलने की आज उम्‍मीद ज्‍यादा है क्‍यों कि सब टल्‍ली हैं। पियक्‍कड़ सच बोलता है, तुरंत बोलता है। चीयर्स....जय होचांदनी रात, बोतल का साथ !!! उस पर होली के हुल्‍लारे, परमानन्द है बंधु। चाँद बड़ा हो गया है आज मगर बोतल बड़ी नहीं हो सकती। काश ! ऐसा होता !! चीयर्स....जय हो।

  • ‎..... वाकई बहुत सुखद है। हर शख्‍श टल्‍ली नजर आ रहा है सड़कों पर। दुकानें खाली हो चुकी हैं। बॉर बंद हैं। अब सिर्फ छिपाकर रखी गई या फिर जमाखोरों के पास ही मदिरा का सहारा है। रंगों का त्‍योहार हर किसी के लिए शुभ हो, खुशियों की सौगात लाए। खूब लगाएं, मौज मनाएं। चीयर्स .... जय हो।

  • यह नारा कैसा रहेगा !!! भ्रष्‍टाचार मिटाना है, मदिरामय समाज बनाना है। चीयर्स....जय हो।

ये वे कुछ सूत्र वाक्य हैं, जो फेसबुक के राजू मिश्र नामक अध्याय से उठाए जा सके हैं. इनके अलावा भी सैकड़ों सूत्र वाक्य हैं, जिन्हें अगर कोई उपलब्ध करा सके तो मदिरा प्रेमियों का भला होगा.  कोशिश होनी चाहिए कि इन सूत्र वाक्यों को बटोरकर एक किताब का प्रकाशन करा दिया जाए. उम्मीद है राजू मिश्र के भक्त इस दिशा में जरूर सोचेंगे. अगर आप राजू मिश्र की फ्रेंड लिस्ट में नहीं हैं तो तुरंत इस लिंक पर क्लिक कर राजू मिश्र के अनमोल मदिरा वचन का नियमति सेवन करें- फेसबुक का राजू


AddThis