फैजाबाद के पत्रकारों ने सिखाया रवि किशन को सबक

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भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार और बेहतरीन कलाकार रवि किशन इस उक्ति से रूबरू हुए फैजाबाद में. हुआ यूं कि रवि किशन ने आज फैजाबाद में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया. फोन द्वारा उनके पीए ने पत्रकारों को दो बजे का वक़्त देते हुए प्रेस कांफ्रेंस की सूचना दे दी. दो बजे तक प्रिंट व इलेक्ट्रानिक के लगभग सभी संवाददाता प्रेस कांफ्रेंस के लिए सुनिश्चित जगह होटल कृष्णा पैलेस पहुँच गए.

पत्रकारों को पीए ने रेस्टोरेंट में बैठने को कहा. रेस्टोरेंट में जाने पर होटल प्रबंधन ने वहां बैठने से एतराज जताते हुए रिसेप्शन के पास बैठने की सलाह दी. खैर पत्रकार इस अपमान का घूँट किसी तरह पी गए. और फिर शुरू हुआ रिसेप्शन के पास बैठकर रवि किशन से मुलाकात के लिए इन्तजार का सिलसिला. तीन बज गए लेकिन रवि किशन से मुलाकात नहीं हो पाई. इस दरम्यान पीए लगातार "बस 5 मिनट" कहकर पत्रकारों को टालता रहा. पहले से ही अपमानित महसूस कर रहे पत्रकारों के सब्र का बाँध टूट गया. आखिरकार सभी ने एक सुर से प्रेस कांफ्रेंस के बहिष्कार का फैसला किया और होटल से बाहर पार्किंग में आ गए.

तभी रवि किशन भागते हुए पत्रकारों के पास पहुंचे और देरी के लिए माफ़ी मांगते हुए वापस होटल में चलने की गुजारिश की. लेकिन पत्रकार टस से मस नहीं हुए और वहां से चलते बने. अब पत्रकारों के पास रवि किशन के भाई ने बारी बारी फोन करके मान मनौव्वल किया. लेकिन नतीजा सिफर रहा. दरअसल हर पत्रकार को ये डर हो गया कि कोई अकेला गया तो बाकियों को क्या जवाब दिया जायेगा. हालाँकि एक तकलीफ पत्रकारों को भी जरूर हुई की पहली बार शहर में आये रवि किशन का स्वागत वो ऐसा नहीं करना चाहते थे.


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Comments (4)Add Comment
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written by Uday Kumar Bhagat , August 15, 2011
उस दिन जो भी वहां हुआ था ग़लतफ़हमी की वजह से ... रवि किशन कमरे में कुछ मिडिया कर्मी के ही साथ थे ... उन्हें जानकारी नहीं थी की नीचे और भी मीडियाकर्मी हैं... जब पता चला तो नीचे आये .... उनसे माफ़ी भी मांगी और अपने पीए को भला बुरा भी कहा .....
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written by RAJEEV RANJAN, July 29, 2011
they do not understand power of journalist, now person like him realise that what is the value of time.medid has done a best job and proverb 'TIT FOR TAT'.
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written by कुमार मयंक, July 02, 2011
शानदार ऐसा हीं होना चाहिये ईनके साथ ... मीडिया के बिना @ क्या हैं ये ...
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written by vinod shukla, June 18, 2011
good job by journlist in hotal "krishnapalace" ............tit for tat.

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