'लखनऊ लाइव' में दिखने लगा फोटो जर्नलिस्‍टों का 'हुनर लाइव'

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कहावत है एक फोटो एक हजार शब्दों से ज्यादा की बात खुद कहने में सक्षम है। कहने को यह कहावत तो सभी अखबारों के संपादक अपने फोटोग्राफरों की क्लास लेने में जरूर सुनाते हैं, लेकिन फोटो का डिस्पले अक्सर खबरों और विज्ञापन के बोझ तले मर ही जाता है। उत्तरप्रदेश में प्रेस फोटोग्राफरों के इस दर्द पर साइबर मरहम लगाने का काम किया है, यूपी फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने।

यूपी फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने गूगल पर लखनऊ लाइव नामक एक ब्लाग बनाया है। इस ब्लाग पर लखनऊ में होने वाली दिनभर की घटनाओं के साथ आफ बीट की फोटो रोजाना देखने को मिल रही है। इस ब्लाग की खासियत है इसमें फोटो के साथ फोटोग्राफर का नाम और नंबर भी दिया जा रहा है। लखनऊ लाइव की कोई फोटो अगर किसी को पसंद आ गई तो वह संबंधित फोटोग्राफर से बात करके उसके निजी प्रयोग के बारे में अनुमति ले सकता है।

यूपी फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान स्वामी का कहना है कि अखबार में सबसे ज्यादा मेहनत फोटोग्राफर करता है। दिनभर की घटना-दुघर्टनाओं के साथ राजनीतिक सरगर्मी को अपने कैमरे में कैद करने के लिए वह धूप हो या बरसात देररात तक भागता रहता है। दिनभर की मेहनत करने के बाद अक्सर सबेरे फोटोग्राफरों के हाथ में जब अखबार आता है तो फोटो का डिस्पले न ठीक से होने, फोटो का सेंस मर जाने, फोटो के न प्रकाशित होने से मूड आफ रहता है। प्रेस छायाकार इसे अपने मजबूरी मानकर खामोश रह जाते हैं।

एसोसिएशन ने इस ब्लाग का निर्माण इसलिए किया है ताकि छायाकार साथी इसमें अपनी फोटो शेयर कर सके। एक सप्ताह से कम दिनों के भीतर फोटो जर्नलिस्टों के योगदान के चलते ब्लाग की लोकप्रियता बढ़ती दिख रही है। इस ब्लाग से जुडक़र प्रदेश के लोग दिनभर लखनऊ में होने वाली सरगर्मी को कैमरे की नजर से देख सकते हैं। आने वाले समय में इस ब्लाग को और अपग्रेड करने के साथ साइबर दुनिया में लखनऊ के फोटो जर्नलिस्टों की अलग पहचान दिलाने का काम किया जाएगा। यह ब्लाग लखनऊ के उन फोटोग्राफर साथियों के प्रति श्रद्घांजलि भी है, जो काम के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। आप भी लखनऊ लाइव देखने के लिए यहां www.lucknowlive.blogspot.com क्लिक कर सकते हैं।


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