'हजारों पत्रकारों की आवाज बनना बी4एम की जीत'

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भड़ास4मीडियाभारतीय मीडिया की खबरों का नंबर वन पोर्टल बनने पर भड़ास4मीडिया को देश भर से बधाइयां मिल रही हैं। शुभकामनाएं दी जा रही हैं। सुझाव आ रहे हैं। फोन, एसएमएस व मेल का ताता लगा हुआ है। कुछ टिप्पणियों को प्रकाशित किया जा रहा है, भेजने वालों का नाम-पता हटा कर। -एडिटर


भाई, सिर्फ आठ माह के छोटे से लम्हे में खुद के माद्दा, भगवान और दोस्त-दुश्मनों के हौसले से मिली तरक्की निःसंदेह बहुत बड़ी है. बधाई स्वीकारो.

पढ़कर मैं आज से 24-25 साल पहले के दौर में चला गया. गांव से लेकर इंडिया गेट तक का जिया अच्छा-बुरा सफर आंखों में साया हो गया. मैं तो इस शेर के जरिए यही कहना चाहूंगा--

सुना है साहिलों में आग भड़की है तबाही की, मगर हमने भी ठानी है बहर के पार जाएंगे

अभी तो मुटिठयों तक तेग का पानी नहीं उतरा, फिर कैसे कह दिया कि बाजी हार जाएंगे.

कहना तो बहुत कुछ चाहता हूं...कभी दिल्ली आया तो जमकर आपके साथ दारूबाजी करुंगा. या हमारे शहर आना तो बैठेंगे..

एक यायावर


भाई साहब नमस्कार,

भड़ास4मीडिया की अपार सफलता के लिए आपको बधाई और आपके इस सद्प्रयास को हृदय से शतशः साधुवाद। इस पोर्टल का अव्वल बन जाना हतप्रभ नहीं करता क्योंकि ऐसी संभावना तो इसमें प्रारंभ से ही दिखने लगी थी। आपने मीडिया के दुखी साथियों के दिल में जहां मरहम लगाने का काम किया है, वहीं अनीति और अनाचार में डूबे मीडिया हाउसों का जम कर पोस्टमार्टम भी किया है। ऐसे में इसे तो सफल होना ही था। आपने पत्रकारों को अपनी बात कहने का एक मंच दिया, यही अपने आप में बड़ी बात है। मैं समझता हूं मीडिया से जुड़े हर कर्मी का दिन ही आपके इस पोर्टल को देख कर शुरू होता होगा। यह जानने के लिए कि कहां कौन विकेट (मीडिया का) गिरा और कौन किस टीम से जुड़ा। विश्वास है कि यह पोर्टल हमेशा अग्रणी बना रहेगा और बुलंद रहेगा इसका सच को सच की तरह बेझिझक पेश करने का हौसला। आपका सद्य रचित शेर बहुत अच्छा लगा।

आपके इस पोर्टल के लिए मैंने भी कुछ पंक्तियां लिख डाली हैं-

यह मुजलिमों का दोस्त है, जुल्मों से लड़ रहा, हर मुश्किलों को झेल के मंजिल पे बढ़ रहा।

बेखौफ होके कर रहा जालिम पे कस के वार, बी4एम तो आज है बुलंदी को छू रहा।।

आपका यह अभियान निरंतर प्रगति करे और अपने सोद्देश्य प्रयास में आप सतत सफलता पायें, यही कामना है।


भाई यशवंत जी,

आपका उत्सावर्धक आलेख पढ़ा, नये जोश का संचार हुआ. आज से मैं भी अपने लिये कुछ न कुछ व्यवसाय का बंदोबस्त कर रहा हूं. किसान का बेटा हूं, अपने दम पर पत्रकारिता करता हूं, कोई आका नहीं है, नित नयी परेशानियां झेलता हूं, आपकी भांति मेरे पास हिम्मत नहीं है, ज्यादा कुछ सीख नहीं पाता हूं, पूंजी का अभाव है, बेशक अब आपने हिम्मत बंधायी है, सो न कुछ हुआ तो आइसक्रीम की दुकान ही खोलूंगा, लेकिन व्यवसाय शुरू अवश्य करूंगा. उत्साहवर्धन के लिए आपको तहे दिल से धन्यवाद. कुछ कर दिखाऊंगा फिर आपसे उसे अवश्य बाटूंगा. आठ वर्षों के पत्रकारिता के सफर में कई अपने मिले लेकिन सबों ने मेरा उपयोग किया. खुले दिल से सबों की मदद की, कई ऊंचे ओहदे पर भी पहुंच गये, लेकिन किसी ने दिल से मदद नहीं की. नैतिक मदद के लिए आपको पुनः धन्यवाद.

आपके जोश को प्रणाम.


भईया प्रणाम.

एक बार फिर जबरदस्त ख़ुशी हुई और जल्दी ही हमारा bhadas4media दुनिया का no. 1  पोर्टल बनेगा. उस दिन का इन्तजार है. जहाँ तक मेरी व्यक्तिगत बात है मुझे नहीं पता कि अपने bhadas4media के लिए कोई विज्ञापन कभी दिला पाउँगा  मगर खबरे हमेशा आपको मिलती रहेंगी पूरे सुबूतों के साथ ताकि कोई आप पर ऊँगली न उठा सके, बदले में बस आपका प्रेम और आशीर्वाद चाहूँगा.

आखिर में बशीर का एक शेर जो मुझे बहुत अच्छा लगता है, खास आपके लिए..

जिस दिन से चला हूँ, मेरी मंज़िल पे नज़र है, आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा... !!

ये फूल मुझे कोई विरासत में नहीं मिले हैं, तुमने मेरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा... !!..

बेवक्त अगर जाऊँगा सब चोंक पड़ेंगे, एक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा... !!..

पत्थर कहता है मेरा चाहने वाला, शायद उसने मुझे कभी छूकर नहीं देखा... !!..


आदरणीय यशवंत जी

मैं कई महीनों से यह मानता रहा हूं कि आपने लीक से हटकर जो काम किया, अपने भले के साथ लाखों लोगों का भी भला किया लेकिन जो ग्रामीण पत्रकार हैं उनका थोड़ा ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। कहा जाता है कि दिये के तले अंधेरा होता। मीडिया में भी यह कहावत चरितार्थ होती है। आप निश्चित रूप से सम्मान और प्रशंसा के पात्र हैं।

एक चीज और। विश्वविद्यालयों और निजी प्रशिक्षण संस्थान जो मीडिया प्रशिक्षण दे रहे हैं, उनकी प्रशिक्षण पद्धति के सुधार के लिए मुहिम की जरूरत है क्योंकि उसके बाद हजारों छात्रों का भविष्य गर्त में चला जाता है।


बहुत बहुत बधाई।

जय हो भड़ास4मीडिया की। इसके बारे में बहुत कुछ बताया आपने, लेकिन एक बात छूट गई। ये मीडिया और मीडियाकर्मियों की एक बहुत बड़ी ताकत बन चुका है। गलाकाट प्रतियोगिता और बेदिल मैनेजमेंट के बीच भड़ास 4 मीडिया एक ऐसी ताकत और अपनेपन के साथ उभरा है, जिसमें हर मीडियाकर्मी को एहसास होता है कि वो अकेला नहीं है। अगर साथ कोई नहीं है तो भड़ास है। आपने जरूर इसे शुरू किया था, जरूर इसमें 40 हजार रुपये लगाए थे। लेकिन न तो ये पूंजी अब आपकी रही न ही ये पोर्टल। ये देश के हजारों पत्रकारों को अपने बाप का पोर्टल लगता है। बिल्कुल अपना। मुझे भी ऐसा ही लगता है। हजारों पत्रकारों की आवाज बन चुका है भड़ास। इसकी सबसे बड़ी कामयाबी यही है। छोटे से छोटे और बड़े से बड़े मीडियाकर्मी के लिए ये अनदेखा, अनजाना नहीं है।

मित्र होने के नाते शुभकामना देता हूं और कुलीन पंक्तिपावन ब्राह्मण होने के नाते आशीष देता हूं कि ये मीडिया के क्षेत्र में ही नहीं, दुनिया के किसी भी भाषा में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला, सबसे ज्यादा लोकप्रिय पोर्टल बने।


प्रिय यशवंत जी, नमस्कार

भड़ास की इस नयी उपलब्धि पर बधाई। आपकी योजनाए सफल हों,, उसके बारे में मैं क्या कहूं....पर जो भाषण आपने दिया है, उसपर प्रतिक्रिया दे रहा हूं, आप क्रांति नहीं करना चाहते थे, सूचनाओं के कारोबार के जरिए दिल्ली की छाती पर पैर धंसाना चाहते थे, अच्छी बात है...कितनी ईमानदार है, आप ही जानें, लेकिन जिस तरह आदर्श और सिद्धांत के नाम पर  लफ्फाजी होती आयी है, उसी तरह आदर्श और सिद्धांत की ऐसी तैसी करना भी आजकल फैशन और खुद को अलग साबित करने का तरीका बन गया है, इसलिए शक होता है...

बहरहाल, आपकी संक्षिप्त कहानी सुनकर लगता है कि कोई भी संवेदनशील आदमी इसी तरह से लोगों और परिस्थितियों को देखता होगा, जैसे आपने देखा है, घटनाएं और कैरेक्टर बदलते रहते हैं....खैर मैं और मेरे जैसे कुछ और लोग दिल्ली के मीडिया लिए नये हैं, अपनी जगह तलाश रहे हैं....ऐसे में आपका लिखा हुआ पढ़कर अच्छा लगा....


यशवंत भाई, नमस्कार

बाप बनने की बहुत -बहुत बधाई .

कामयाबी आपके कदम चूमे, यही दुआ है.


प्रिय यशवंत जी,

भड़ास4मीडिया की नित नये पायदान चढ़ने के लिए आपको ढेर सारी बधाई आपने अपनी अथक मेहनत और क्रियेटिव सोच से भड़ास4 मीडिया को इस मुकाम तक पहुंचाया है। हमारी यही कामना है कि आपका पोर्टल लगातार तरक्की करे और सफलता का नया इतिहास लिखे।

शुभकामनाएं


Bhadas pe apka article pada.

Bus yahi sujh raha ki - TUSSI GREAT HO SIR G. MAAN GAYE USTAAD. ISEY KAHTE HAIN CHHA JAANA.

All d Best.


Dear Yaswant bhai

Bahut-Bahut Badhai.

Ek baat kahna chahta hun. Bada hone ke saath hee gambheer hone kee jaroorat bhee hoti hai. Aapne Bhadas ke liye tulnatmak roop se BAAP shabd ka upyog kiya hai. Mai samajhta hun yah shabd uchit nahi hai. Aap Sirmour Shabd ka upyog karen, Sikhar par pahunchne jaise shabdon ka upyog karen to behtar hoga.


Shreeman ji namaskar!

Bhadas4media hindi ka no.1 portal ban chuka hai..iske pichhe apki mehanat aur lagan hai. meri dil se badhai sweekar kariye. banaras ka rahane wala hun..isliye bhoukal banana meri aadat hai. lekin ap ki uplabdhi bhi kisi 'BHOUKAL' se kam nahi hai.  kabhi mouka mila to apse milane ki ichchha jarur puri karna chahunga...


yashwant bhai, namaskaar

bhadas 4 media blog ki safalta  ke liye bahut bahut badhai. main to pahle hi kah chuka hoon- aap ek naya shikhar banayenge. prarambh ho chuka hai. yah to safalta ki shuruat bhar hai. abhi aapko bahut aage jana hai. ek baar phir aapko badhai.asha hai swastha aur sanada honge.

aapka-


yashwant ji

aap ke sher par, bahut achhe..wah…wah…Aap ne ham logo(mediakarmiyon) ki  har prakar se sahayta ki hai.

Aap ko shubhkamnaye.

Regards,


bhai yaswant singhji maharaj,

vaise to sab sahi hai lekin har bar apni photo dena halkapan lagta hai.isko band karen. badhai swikaren ki akele dam yaswant singh ki mehnat se bhadas sabka baap ban gaya hai.yaswant ki har bat nirali hai,har ada nirali hai. lage raho yaswant bhai ek nek din canugt place men apna daftar hoga.

anekanek mangalkamnaon ke sath


sir

sabse pehle to is uplabdhi ke liye apko dher saari shubhkamnaye.  apka bahut bada fan hun. lekin kabhi kabhi aap se bat kar pane ka mauka nahi mila. apke bare me alok tomar sir ke jariye janta rahta hun. apka yeh move media industry ka sabse bada landmark hai. main s1 me assistant producer tha sir. bhagwan se prarthna karunga ki aap aur aap ki website isi tarah safalta ki sidhiyaan chadhti rahe

apka fan


dear yaswant ji,

aap ko hardik subhkamnaye, padkar aacha laga.or us  se jada aacha tha sachaai ko accept karna. vaise to mai adna sa patrkar hu, lekin aap ke lekh ne  har aam aadmi ko himmat de hai.


Many congratulations on your effort.

Apni Bhasha mein content aur dukh dard padhne ka sukh aapke dwara prapt hua hai, uske liye aap dhanyavad ke patra hain. kabhi Delhi aana hua to I will meet you.

Regards


Congrats!!! Yashwant bhai…..

Safalta unhi ko milti hai jo kuch hatkar karne ka jajba rakhte hai…aap se agree karta hu ki naukri se achha business hai…aap ka bhai bhi shuraat kar chukka hai…construnction business ki par abhi intial stage hai…ek saal baad dekhe kya hota hai..

Once again…BADHAI



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Comments (1)Add Comment
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written by arvind singh, January 20, 2011
yashwant sir,
apake portal ke is bulandi par pahuchane ke liye aapaka jeevat aur aapaka dridha vishwas bahut mayane rakhata hai. aapane to o kaam kar diya hai jisake bare me aaj ke tatha kathit budhijeevi jan socha bhi nahi sakate , kya kisi ne socha hoga ki koi ek is tarah ka portal chalakar itani jaldi ish unche sikhar tak pahuch sakata hai jaha auro ka kad hi kahi nahi dikhai deta ho. yashwant ji aapane dar asal wah kar diya jo aapane aap me anokha aur bahut hi jyaada sarahaniya prayash hai. aapaki safalata ka mool aapaki nispakchhta aur khula pan hi, jisane jaha majboor patrakaro ki peeda ko duniya ke samane laya wahi logo ko yah bhi bata diya ki kaise swanam dhanya sampadak aur akhabaro ke malik musibat ki ghadi me apano se hi kinara kar lete hai. bhai sahab aap hakikat me bahu gr8 hai kyunki jo himmat aur jajba aapame hai usake liye logo ko asla me apani aatama aur apane jameer se ladana padata hai.yashwant ji aap nirantar nai uchai par jaate rahe yahi hamari subha kaamana aapake liye hai. aapaka yah gareeb bhai isase jyada kuchha nahi kah sakata, kyunki bahut bade akhabar samooh ka ek chu sampadak hai, jise nato kuchha likhane ki ijajat hai aur nahi kuchha bolane ki. hamari peeda ki awwaj hai aap.

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