बिहार के जमीन घोटाले के खलनायकों की लिस्ट में प्रकाश झा का भी नाम

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पटना : सामाजिक मु्द्दों पर गहरी चोट करने वाले प्रकाश झा को लोग एक नायाब निर्देशक मानते हैं, लेकिन वो ही प्रकाश झा बिहार में एक घोटाले में फंसते नजर आ रहे हैं. प्रकाश झा की छवि एक खलनायक की बनती नजर आ रही है. बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमंट अथॉरिटी (बीआईएडीए) में आवंटित जमीन विवाद में राजनेताओं के साथ फिल्मकार प्रकाश झा का नाम भी जुड़ गया है.

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के करीबी मधेपुरा नेता ने आरोप लगाया है कि बीआईएडीए प्रोजेक्ट के पूर्व अधिकारी ने फिल्मकार प्रकाश झा को मॉल, मल्टीप्लेक्स और अस्पताल के लिए चार प्लॉट्स को मंजूरी दी थी. सूत्रों के मुताबक झा को पाटिल पुरा इंडस्ट्रियल एरिया में 58066 वर्ग फीट के प्लॉट, औरंगाबाद में 8777.4 वर्ग फीट और मुजफ् फरपुर मे मॉल व मल्टीप्लेक्स और हाजीपुर में सुपर-स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के लिए 1.9 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी. झा का कहना है कि उनका पटना मल्टीप्लेक्स बन कर तैयार है जिसमें 12 अगस्त को उनकी फिल्म आरक्षण रिलीज की जाएगी.

वहीं शरद यादव के नजदीकी जनता दल-यू के नेता अब्दुल सत्तार को भी कोल्ड स्टोरेज के लिए 87200 वर्ग फीट जमीन दी गई थी. सहरसा से कांग्रेस नेता गुलाम घोष 6800 वर्ग फीट, बिहार इंडस्ट्रियल एरिया के पूर्व अध्यक्ष के पी एस केशरी को हाजीपुर में फल और सब्जियों के प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 1.5 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी. बीआईएडीए के मैनेजिंग डायरेक्टर अंशुली आर्य ने इन आवंटनों में धांधली से इनकार किया है जबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव से मामले पर रिपोर्ट मांगी है.


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