आजतक पर घंटे भर लहराती रही नागिन

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: एनडीटीवी वाले भूंकप में मर चुके लोगों को ही पांच-पांच लाख रुपये दिलवाने पर आमादा : बीबीसी को भी सिक्किम में आए भूकंप में दिखता है 'नजारा' : फेसबुक पर पत्रकार साथी सुशांत झा ने अपने जो स्टेटस अपडेट किया है, उसे पढ़कर लोग खूब मजे ले रहे हैं. खबर देने वालों की खबर लेने का काम इन दिनों फेसबुक और ट्विटर पर खूब हो रहा है. सुशांत झा के ताजे स्टेटस के बहाने आजतक, एनडीटीवी इंडिया और बीबीसी हिंदी को कठघरे में खड़ा किया गया है.

सुशांत अपनी फेसबुकी वाल पर लिखते हैं-

''...टीआरपी का लालच है कि मानता ही नहीं। अबकी शम्श ताहिर खान कहीं से नागमणि खोज लाए है! टीवी स्क्रीन पर घंटे भर नागिन लहराती रही, फुफकारती रही..खाना गले में अटक गया। भतीजा रोने लगा। उधर एनडीटीवी पर गया तो पता चला कि सिक्किम सरकार भूकंप में 'मरनेवालों' को 5-5 लाख रुपया देगी...! लगता है कि एनडीटीवी वाले ये रुपया आजतक के नागिन के माध्यम से मृतकों तक पहुंचवाएंगे...!'''

सुशांत ने एक और जानकारी दी है- मजे की बात ये भी है कि बीबीसी को भी सिक्किम में आए भूंकंप में 'नजारा' दिखता है...! इस लिंक को देखें- http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2011/09/110921_sikkim_gallery_skj.shtml

सुशांत के इस लिखे पर Ritesh Verma की टिप्पणी है- ''हा हा हा हा हा. बीबीसी हिन्दी की साइट का तो हाल अब जागरण और भास्कर से भी बुरा हो गया है. पहले ठीक था. जब से अमित बरुआ आए हैं. राम नाम सत किए हुए हैं. ऊपर से सस्ता (फिर भी दूसरे भारतीय संगठनों से ऊपर) पत्रकार भी रख लिए हैं. हिन्दी का लेखन और अनुवाद सब अद्भुत हो रहा है. कई बार चुटकुला जैसा मज़ा देता है तो कई बार खीस भी आती है.''

आखिर में सुशांत झा की टिप्पणी है- कई बार लगता है कि घटिया हिंदी चैनल देखने से बेहतर है घटिया अंग्रेजी चैनल ही देखा जाए...!

अगर सचमुच आजतक पर नागिन ने अवतार ले लिया है तो यह चिंताजनक बात है. ऐसे दौर में जब अरुण पुरी खुद सुबह की मीटिंग लेकर चीजों को ठीक करने में लगे हों, न्यूज की तरफ वापस होने का ऐलान किया जा चुका हो, तब नागिन का आजतक पर बलखाना लहराना कोई मामूली बात नहीं है. वैसे, अगर प्रोग्राम आपने भी देखा है तो आपको क्या कहना, कैसा लगा यह कार्यक्रम, क्या वाकई नागिन में न्यूज जैसी कोई चीज थी?

सुशांत के स्टेटस और वहां आए कमेंट तक इस लिंक के जरिए पहुंच सकते हैं- फेसबुक पर सुशांत


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Comments (1)Add Comment
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written by आलोक यत्रे, September 22, 2011
supriya prasad ji ke comeback ka asar hai. bina driver wali car yaad hai naa :-)

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