नए अवतार में कैसा लग रहा है भड़ास4मीडिया?

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लीजिए, एक नए लुक में भड़ास4मीडिया। खबरों के लिए ज्यादा जगह। विज्ञापनों के लिए ज्यादा स्पेस। लुक एंड फील में पहले से थोड़ा बेहतर। फांट घटाने-बढ़ाने की सुविधा। जो भी व्यक्ति पोर्टल का मेंबर बनेगा या पहले से बना हुआ है, उसे अपनी खबर यूजर मेनू के जरिए भड़ास4मीडिया में डायरेक्ट भेजने की सुविधा। यूजर मेनू में जाने के लिए बाईं ओर लागिन फार्म में अपना यूजरनेम और पासवर्ड भरना होगा, अगर पहले से मेंबर हैं तो। अन्यथा आप अपना एकाउंट क्रिएट करके नया मेंबर बन सकते हैं।

ताजी खबरें हलचल-हालचाल कैटगरी में इंट्रो के साथ होंगी ताकि बिना क्लिक किए खबर का सार जाना जा सके। टाप मेनू सेक्शन में पोर्टल से जुड़ी जानकारियां। कई नई चीजें हैं जो नए अवतार में। हालांकि इस अवतार के लिए पोर्टल को कई घंटे बंद रखना पड़ा। इससे जो असुविधा आप लोगों को हुई है, उसके लिए हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। पर आप ये कह सकते हैं कि देर आए लेकिन दुरुस्त आए। इस नए लेआउट में भी कुछ दिक्कतें हैं लेकिन वो कहते हैं न, जिस दिन दिक्कतें खत्म हो गईं, समझो जीवन में विकास रुक गया। दिक्कतें हैं तो उन्हें चैलेंज के बतौर स्वीकारने में मजा आता है। भड़ास4मीडिया टीम ने नए अवतार के लिए कई रातें 'तपस्या' करते हुए बिताईं। पता नहीं, सही 'वरदान' मिला है या नहीं!

भड़ास4मीडिया अगले महीने एक साल का हो जाएगा। एक साल की उम्र से पहले ही जितने उतार-चढ़ाव भड़ास4मीडिया ने देखे हैं, उसके आधार पर आगे के लिए ग़ालिब साहब के शब्दों में कह सकते हैं- 'इक बरहमन ने कहा है, ये साल अच्छा है!'

तकनीक और लेआउट के बाद अब बारी है खबरों की। जल्द ही आपको इस पोर्टल पर मीडिया जगत से जुड़ी खबरें पर्याप्त मात्रा में मिलने लगेंगी। आप लोगों को कुछ घंटे और बिना खबरों के गुजारने पड़ सकते हैं क्योंकि नए लेआउट के इंटरनल सेटअप में फिनिशिंग टच देने का काम बाकी रह गया है। आप लोगों का प्यार और सहयोग पहले की तरह बना रहेगा, यह उम्मीद करता हूं।

पोर्टल का नया लुक-फील कैसा है, यह अगर आप नहीं बताएंगे तो हम लोगों को कैसे पता चलेगा कि हम लोगों की मेहनत सफल रही या यूं ही हवा में तलवार भांज रहे थे!

आपके मेल का इंतजार रहेगा, This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर।

आभार के साथ

यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

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Comments (1)Add Comment
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written by तेज प्रकाश , January 24, 2011
आखिरकार रेडियो अब कोई माध्यम नहीं रहा, गया भाड़ में..पुराने वेबसाईट में रेडियों हुआ करता था, बेचारा चल बसा! कुछ करिये!

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