महाराष्ट्र हिंदी अकादमी की वेबसाइट का लोकार्पण

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उदघाटन

मराठी भाषा के दिग्गज कवि कुसुमाग्रज के लोकप्रिय गीत 'वेडात मराठे वीर दौडले सात' के हिंदी गीतानुवाद की गूंज कल महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी की वेबसाइट पर सुनाई पड़ी। वेबसाइट का लोकार्पण नागपुर में अकादमी द्वारा आयोजित द्वितीय सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन के उदघाटन सत्र में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह के हाथों हुआ। इस वेबसाइट पर सुरेश भट, कुसुमाग्रज जैसे मराठी के प्रसिद्ध कवियों के लोकप्रिय मराठी गीतों के हिन्दी अनुवाद की संगीतबद्ध प्रविष्टियाँ डाली गई हैं। मराठी गीतों का हिन्दी अनुवाद जहाँ हिन्द-युग्म के कवि तुषार जोशी ने किया है, वहीं उन गीतों में हिन्द-युग्म के ही प्रसिद्ध गायक सुबोध साठे ने अपनी आवाज़ दी है। जहाँ इस वेबसाइट का डिजाइन नागपुर की कम्पनी वेब-एन-मीडिया टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने किया वहीं इसे विकसित करने और इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी शैलेश भारतवासी को सौंपी गई है।

अकादमी आने वाले दिनों में इस वेबसाइट पर मराठी के सभी प्रसिद्ध कवियों की कविताओं के हिन्दी अनुवाद को सस्वर प्रस्तुत करना चाहती है। सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन के तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत कल नागपुर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हॉल में हुई। रविवार शाम तक चलने वाले इस सम्मेलन में लगभग सभी भारतीय भाषाओं के विद्वान कुल 10 सत्रों के दौरान हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं की स्थिति, उनकी विकास प्रक्रिया एवं उनके अंतस्संबंधों पर चर्चा करेंगे । शनिवार से सम्मेलन के चर्चा सत्रों का आयोजन सीताबर्डी के महाराजबाग रोड स्थित म्योर मेमोरियल हॉस्पिटल के डाइ आर्च हॉल में किया गया है। कल उदघाटन सत्र में वेबसाइट की जानकारी देते हुए अकादमी के कार्याध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर नौटियाल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी की वेबसाइट से हिंदी को अन्य भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विश्व समुदाय से भी जोडऩे का द्वार खुलेगा। नौटियाल के अनुसार इस वेबसाइट को http://www.maharashtrahindi.org पर देखा जा सकता है ।

गौरतलब है कि अकादमी भाषाई एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मूर्त रूप देने के लिए सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन का आयोजन पिछले वर्ष से करती आ रही है। सम्मेलन के चर्चा सत्रों में एक महत्त्वपूर्ण सत्र शनिवार की शाम चार बजे अनुवाद एवं तकनीकी क्रांति को लेकर आयोजित किया गया है। इस सत्र के दौरान विश्व के पहले द्विभाषीय समांतर कोश (थिसॉरस) का प्रदर्शन किया जाएगा और मशीनी अनुवाद की अत्याधुनिक तकनीकों से भी दर्शकों को परिचित कराया जाएगा। इसी सत्र में उन तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी जिनकी मदद से भारतीय भाषाओं में भी कम्प्यूटर एवं इंटरनेट पर उतनी ही आसानी से काम किया जा सकता है, जैसे अंग्रेजी में होता आ रहा है। ‍ ‍


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